इंफोसि‍स के सीईओ-एमडी वि‍शाल सि‍क्‍का का इस्‍तीफा यूबी प्रवीण राव इंटरिम सीईओ

नई दिल्ली.इंफोसि‍स के सीईओ और एमडी वि‍शाल सि‍क्‍का (50) ने शुक्रवार को इस्‍तीफा दे दि‍या। वे 3 साल इन पदों पर रहे। उनकी जगह यूबी प्रवीण राव को इंटरिम सीईओ होंगे।कंपनी बोर्ड ने सि‍क्‍का को एक्‍जीक्‍यूटि‍व वाइस चेयरमैन अप्वाइंट किया है। इस्तीफे के बाद कंपनी के स्टॉक में 7.5% की गिरावट आई है। इस्‍तीफे के पीछे इंफोसि‍स के फाउंडर्स के बीच मतभेद को वजह माना जा रहा है .फरवरी में इंफोसिस के फाउंडर्स ने एडमिनिस्ट्रेशन के कामकाज पर सवाल उठाए थे। फाउंडर एनआर नारायणमूर्ति, क्रिस गोपालकृष्णन और नंदन नीलेकणी ने कंपनी बोर्ड के सामने ये चिंता जताई थी। नारायणमूर्ति ने क‍हा था, ”कंपनी में कॉरपोरेट गवर्नेंस का स्‍तर बेहद नीचे गिर गया है। कंपनी बोर्ड को इसमें दखल देना चाहिए और फेरबदल करना चाहिए। एक इंटरव्‍यू मेंनारायणमूर्ति ने कहा कि कुछ टॉप एग्‍जीक्‍यूटिव्‍स को मनमाने ढंग से सेवरेंस पे दिया जा रहा है, इससे दूसरे इम्‍प्‍लॉइज का मनोबल टूट रहा है।”

उधर ,Infosys के MD और CEO की पोस्ट छोड़ते हुए विशाल सिक्का (50) ने अपने लेटर और अपने ब्लाॅग के जरिए कुछ बातों का जिक्र किया है। इसमें उन्होंने उन वजहों के बारे में बताया है, जिनके चलते वे यह कदम उठाने को मजबूर हुए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में जिस तरह के हालात और माहौल बना, उसके चलते वे बतौर CEO काम नहीं कर पा रहे थे। वे लगातार बेबुनियाद आरोपों का सामना कर रहे थे। बता दें कि सिक्का अगस्त 2014 में Infosys के CEO बनाए गए थे। उन पर कॉर्पोरेट गवर्नेंस के मसलों को हैंडल नहीं कर पाने के आरोप थे। बड़ा कम्पनसेशन पैकेज होने के चलते भी वे निशाने पर थे।
 
जानिए ब्लॉग और इस्तीफे में सिक्का ने क्या लिखा?
ब्लॉग में क्या लिखा?
1) सिक्का ने लिखा, ”पिछले कुछ दिनों या ये कहें कि पिछले कुछ हफ्तों से मैं इस फैसले के बारे में सोच रहा था। मैंने इसके नफे-नुकसान के बारे में सोचा। मुद्दों के बारे में सोचा और जवाबी दलीलों के बारे में विचार किया। लेकिन काफी सोचने के बाद और पिछले कुछ क्वार्टर्स के माहौल के मद्देनजर मैं अपने फैसले पर कायम हूं।”
– ”मैं साफतौर पर जानता हूं कि पिछले तीन साल में हमारी लगातार कामयाबी और इनोवेशन के बीज बोने के बावजूद मैं सीईओ के तौर पर अपना काम नहीं कर पा रहा था। मैं वैल्यू क्रिएट नहीं कर पा रहा था। मैं लगातार बेबुनियाद, नफरतभरे और बेरहमी के साथ बढ़ रहे निजी हमलों से अपना बचाव कर रहा था।”
2) अगले 33 साल की सोच के साथ काम शुरू किया था
– सिक्का ने ब्लॉग में लिखा, ”मई 2014 में जब मैंने पहली बार बोर्ड कलिग्स के साथ मुलाकात की थी तो मैंने इस आइकॉनिक कंपनी के अगले 33 साल के रोडमैप के बारे में सोचा था। इन्फोसिस एक कंपनी से ज्यादा एक आइडिया, एक ड्रीम और एक संभावनाओं को हकीकत में बदलने वाली जगह है।
3) स्टीव जॉब्स को याद किया
– ”स्टीव जॉब्स के शब्दों में कहूं तो “आपके पास वक्त कम है। किसी के लिए जिंदगी खपाने का कोई मतलब नहीं। ऐसी बातों में मत फंसिए जिससे आपकी जिंदगी पर असर पड़े। अपने दिल और अंतरात्मा की सुनिए। उन्हें पता होता है कि आप चाहते क्या हैं। मैं अब बीती बातों से आगे जाना चाहता हूं। एक ऐसा माहौल चाहता हूं जहां सम्मान, भरोसा और आगे बढ़ने की ताकत मिले।”
4) अभी तक का सफर कठिन रहा है
– सिक्का के मुताबिक, “इतना तो तय है कि अभी तक का सफर कम से कम मेरे लिए तो कठिन रहा है। एक जाने-माने इंस्टीट्यूशन में ट्रांसफॉर्मेशन आसान नहीं होता। वो भी तब जब उस इंस्टीट्यूशन के बड़े अचीवमेंट्स रहे हों। लीजेंड आर्किटेक्ट डेनियल बर्नहेम कहते हैं- छोटे प्लान मत बनाइए। इंसान के खून में जादू रचने की शक्ति नहीं होती।”
5) पिछले कामों का कोई पछतावा नहीं
– “इंफोसिस में तीन साल हो चुके हैं। कई लोग मुझसे पूछते हैं कि किसी काम का पछतावा है, मैं कहता हूं- नहीं। अपने एक्सपीरियंस को झुठलाया नहीं जा सकता। कोई रिवॉर्ड मिले या नहीं, आप हमेशा भरोसे से काम करते रहते हैं। साथियों से जो सपोर्ट मिला, उसके लिए शुक्रिया।”
इस्तीफे में क्या लिखा?
4) वीकेंड की घटनाओं के बारे में बताया
– सिक्का ने अपने लेटर की शुरुआत में लिखा, ”पिछले कुछ दिनों में मैंने कई बार शेष (इन्फोसिस बोर्ड के चेयरमैन आर शेषशायी) से मुलाकात की थी। अाप लोगों से भी इंडिविजुअली बात की। वंदना (पत्नी) से बातचीत कर काफी चीजें सोचीं। इस दौरान हमारे एक इम्प्लॉई संदीप करमोंगीकर की हार्ट अटैक के कारण नींद में ही मौत हो गई। वे चार्टबोट पर काम कर रहे थे। इसी बीच वीकेंड के दौरान OpenAI में रिसर्चर्स के डेवलप किए गए बॉट ने मल्टीप्लेयर ऑनलाइन वीडियो गेम DOTA2 के वर्ल्ड बेस्ट प्लेयर्स को हरा दिया। साथ ही यहां शार्लाेट्सविले (यूएस) में हुई हिंसा ने यह सवाल उठा दिया कि शब्दों और खामोशी की ताकत से क्या वाकई नुकसान होता है या ये मरहम लगाने का काम करती हैं?”
5) आप मेरे कमिटमेंट पर पूरा भरोसा कर सकते हैं
– सिक्का ने लिखा, ”काफी गहराई से सोचने के बाद मैं इस नतीजे पर पहुंचा कि शायद मेरे लिए एमडी और सीईओ की पोजिशन छोड़ने का वक्त आ गया है। मैंने शेष को अपना इस्तीफा भेज दिया है। मैं स्मूद ट्रांजिशन के लिए शेष, रवि, प्रवीण और सीनियर मैनेजमेंट समेत आप सभी लोगों के साथ मिलकर काम करूंगा और टाइमलाइन्स को प्लान करूंगा। मैं बिना किसी खलल के काम करना जारी रखूंगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हमारी कंपनी, हमारे इम्प्लॉइज, हमारे क्लाइंट्स और हमारे हर शेयरहोल्डर्स के हितों की हिफाजत हो। आप इस मामले में मेरे कमिटमेंट पर भरोसा कर सकते हो।”
6) ट्रांसफॉर्मेशन मेरे लिए पैशन की तरह था
– सिक्का ने आगे लिखा- ”मैंने कंपनी में ट्रांसफॉर्मेशन, मजबूत प्रॉफिटेबल ग्रोथ और हमारे कस्टमर्स के लिए बिजनेस को बदलने का बड़ा मौका देखा था और उसी मंजिल को हासिल करने में मदद करने यहां आया था। मैं यहां टेक्नोलॉजी की पावर के बूते चीजों को बदलने आया था। मैंने इसी तरह ट्रांसफाॅर्मेशन को लेकर अपने एक्सपीरियंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अपने बैकग्राउंडर और स्ट्रक्चरल बदलाव के साथ आईटी सर्विस इंडस्ट्री में चीजों को बदलते देखा।”
– ”इन सभी कामों के लिए नए स्किल्स, नई सोच, नए इनिशिएटिव्स की जरूरत थी। कॉस्ट ओरिएंटेड वैल्यू डिलेवरी को बदलकर आंत्रप्रेन्योरशिप ओरिएंटेड वैल्यू डिलेवरी लाने की जरूरत थी। आपने कई बार पहले भी मुझे इस बारे में बात करते सुना है। ”
– ”इस तरह का ट्रांसफॉर्मेशन मेरे लिए पैशन की तरह था। शायद इसी वजह से मैंने यह जॉब चुना। मैंने बीते साढ़े तीन साल में काफी कुछ हासिल किया है। मुझे उम्मीद है कि हम सभी को इस बात पर गर्व होगा कि हमने बदलाव के बीज बो दिए हैं।”
– ”किसी को भी ये उम्मीद नहीं थी कि ब्रेग्जिट, ट्रम्प और वीजा जैसे जियो-पॉलिटिकल डिसरप्शंस पैदा होंगे। लेकिन इनके चलते ट्रांसफॉर्मेशन और ज्यादा चैलेंजिंग और रिवॉर्डिंग हो गया।”
7) क्यों खत्म हो रहा था पैशन?
– सिक्का आगे लिखते हैं, ”…लेकिन जिस तरह के खलल देखे, एक जैसे मुद्दों पर बार-बार ढोल पीटा गया और जिस तरह अच्छे काम की अहमियत को कम आंका गया… उसके चलते इस बेहतरीन सफर से पैशन और एक्साइटमेंट चला गया। बीते कई महीनों से हम गलत, बेबुनियाद, नफरतभरे निजी हमलों का सामना कर रहे हैं। आरोप ऐसे लग रहे हैं जो इंडिपेंडेंट इन्वेस्टिगेशन में लगातार गलत और बेबुनियाद साबित हो रहे हैं।”
– ”इस सभी के बावजूद हमले जारी रहे और हालात बदतर होते गए। ऐसी चीजों को उन लोगों के जरिए बढ़ाया गया जिनसे हमें इस ग्रेट ट्रांसफॉर्मेशन में मजबूत सपोर्ट की उम्मीद थी। पिछले कई महीनों से चल रही निगेटिविटी के चलते पॉजिटिव चेंज लाने और वैल्यू क्रिएशन पर फोकस बरकरार रखने की हमारी काबिलियत कम हो गई। तरह-तरह की बातें को सुनना अपने आप में नुकसानदायक होता है। हाल ही में मेरे कई घंटे इसी में चले गए। इन्हीं चुनौतियों के चलते ट्रांसफॉर्मेशन लाने की हमारी काबिलियत को नुकसान पहुंच रहा था। हम क्लाइंट्स को वैल्यू डिलेवरी देने के लिए कॉस्ट ओरिएंटेड से इनोवेशन ओरिएंटेड ट्रांसफॉर्मेशन चाहते थे।”
8) मेरे इस्तीफे से आप लोगों को सोचने का मौका मिलेगा
– सिक्का ने लिखा, ”यही वजह है कि मैंने इसी पल अपना सफर खत्म करने का फैसला किया है। मुझे लगता है कि इससे सभी को सोचने का एक मौका मिलेगा। इससे ट्रांसफॉर्मेशन की कोशिशों को एक और बार मजबूत देने, इस कंपनी को अपना फ्यूचर तेजी से बनाने और बीते तीन साल में तैयार हुई बुनियाद को और मजबूती देने का भी मौका मिलेगा।”
– ”लेकिन अगर इस तरह के हमले होते रहे तो मुझे उम्मीद है कि आप लोगों में से हर एक शख्स उसी के साथ खड़ा होगा जो अपनी जगह सही है। हमने जो शुरुआत की, उससे बोर्ड का गहरा लगाव है। मुझे स्मूद ट्रांजिशन देे और एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन के तौर पर सेवाएं देकर बेहद खुशी महसूस होगी।”
– ”मैं आप सभी लोगों, मेरे प्यारे कलिग्स, मेरे दोस्तों और मेंटर्स का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं।”

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