5 हजार करोड़ की कंपनी के मालिक देशबंधु दास गुप्ता का मुंबई में निधन-बड़ी बेटी विनिता और नीलेश गुप्ता ने बढाई कंपनी

जयपुर।वर्ल्ड की बड़ी फार्मा कंपनियों में से एक ल्यूपिन के फाउंडर और चेयरमैन देशबंधु दास गुप्ता का मुंबई में निधन हो गया है। ल्युपिन फाउंडेशन को देश की तीसरी सबसे बड़ी फॉर्मा कंपनी बनाने में देशबंधु गुप्ता की बड़ी बेटी विनिता और नीलेश गुप्ता का बड़ा योगदान रहा है। विनिता ने अपनी फैमिली के साथ मिलकर ल्यूपिन को विटामिन बनाने वाली कंपनी से उठाकर 5 हजार करोड़ की कंपनी बनाया।

देशबन्धु गुप्ता के पांच बच्चे है। इनमें बेटा नीलेश, फिर बेटी विनीता गुप्ता, कविता, अनुजा, रिचा है। इन सभी की शादी हो चुकी है और विनीता गुप्ता विदेश में रहकर ल्यूपिन लिमिटेड के कारोबार को संभाल रहीं हैं।- विनीता को कंपनी का सबसे स्ट्रांग पर्सन माना जाता है। दस साल के समय में ल्यूपिन ने 12 से ज्यादा कंपनिज को मर्ज किया है।-विनीता की लीडरशीप में ल्यूपिन लिमिटेड ने जुलाई 2015 में अमेरिकी स्थित जेनेरिक दवा निर्माता कंपनी गाविस को 880 मिलियन डॉलर(करीब 5 हजार करोड़) का निवेश किया, जो कि भारतीय दवा कंपनी का सबसे बड़ा विदेशी अधिग्रहण था।
– पिछले पांच साल से वित्तीय वर्ष 2014-15 तक ल्यूपिन लिमिटेड की आमदनी 21.42 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ी है, जबकि शुद्ध लाभ करीब 29 प्रतिशत हो गया।
– इस सब के बावजूद कंपनी का नेट प्रॉफिट मार्जिन 19 प्रतिशत के आस-पास रहा।
– देशबंधु गुप्ता का जन्म अलवर जिले के राजगढ़ कस्बे में 8 फरवरी 1938 में हुआ। मूल रूप से गुप्ता का परिवार कठूमर पंचायत समिति क्षेत्र के रामनगर गांव का था, लेकिन इनके पिता प्यारेलाल गुप्ता अपने मामा महेश गुप्ता के यहां राजगढ़ गोद आ गये थे।
-देशबंंधु ने अलवर में पढ़ाई पूरी कर बिरला इंस्टीट्यूट आॅफ पिलानी में नौकरी की।
 
पत्नी से पैसे लेकर बंद कंपनी को फिर से चालू किया
– पिलानी में नौकरी करने के बाद वें मुम्बई में बंद पड़ी कम्पनी को खरीदकर दवाई बनाने का कारोबार प्रारम्भ किया। आज उनकी मेहनत व लगन का परिणाम है कि आज यह कंपनी देश की दूसरी और दुनिया की चैथी सबसे बड़ी फार्मा कम्पनी है।
– देशबंधुजी ने अपनी पत्नी से 5 हजार रुपए लिए और ल्यूपिन नाम को रजिस्टर्ड करवाने के लिए 1 हजार रुपए दिए।
– देशबंधु ने अपनी कंपनी के लिए ल्यूपिन नाम इसलिए चुना क्योंकि ये नाम का एक फूल होता है जो जिस भी धरती में ऊगता है उस जमीन की उर्वरा शक्ति को बढ़ा देता है।
– सन् 1968 के बाद से ल्यूपिन ने लगातार बढ़ोत्तरी की और 2018 में बिजनेस 5 बिलियन पहुंच गया। आज 100 से अधिक देशों में कंपनी की मेडिसन पहुंच रही है।
एेसी है देशबंधु गुप्ता की फैमिली
– देशबंधु गुप्ता 5 भाई थे सबसे बड़े भाई थे विश्वबन्धु, फिर देशबन्धु, तीसरे आत्मबन्धु और चौथे आध्यात्म बंधु।
– आध्यात्म बंधु का प्लेन क्रैश में निधन करीब 20 वर्ष पूर्व हो गया। बाकी सभी भाई मुम्बई में बिजनैस करते हैं।

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