लालू यादव के ठिकानो पर रेड मारने वाले राकेश अस्थाना-विनीत विनायक रह चुके बिहार में

 पटना //लालू यादव के ठिकानो पर मारे गये रेड का नेतृत्व राकेश अस्थाना के निर्देश पर ही विनीत विनायक को दिया गया था।
 विनीत पटना के एसएसपी भी रह चुके हैं। जबकि राकेश अस्थाना संयुक्त बिहार के समय धनबाद के सीबीआई एसपी थे।
सूत्रों का कहना है कि इन दोनों अफसरों ने मिलकर ही लारा से जुड़े सारे प्रमाण को एकत्रित किया है।सीबीआई की टीम दो दिनों से पटना में थी। जिंस का व्यवसायी बनकर पटना के विभिन्न होटलों में ये लोग ठहरे थे। कारोबार को लेकर व्यवसायियों से मीटिंग के बहाने ये लोग संभावित स्थानों का दो दिनों तक रेकी किया। प्रमाण हाथ लगते ही ये अपने पूरे दल बल के साथ लालू राबड़ी आवास में प्रवेश कर गए। इस अभियान का नेतृत्व पटना के पूर्व एसएसपी सह सीबीआई के ज्वाइंट डाटरेक्टर विनीत विनायक कर हे थे।

सीबीआई की टीम ने लालू राबड़ी आवास सहित पटना के कई महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की दो दिनों तक रेकी किया था।
– मामले की भनक किसी को नहीं लगे इस लिए इन लोगों ने रेकी के लिए भाड़े की गाड़ी का इस्तेमाल किया था।
– सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर विनीत विनायक के ड्राइवर ने कहा कि साहेब लोग शहर में अपना व्यवसाय करने की बात कर घुम रहे थे।
– ये लोग दो दिनों में करीब दो दर्जन से ज्यादा लोगों के साथ अपनी मीटिंग भी किए।
– लेकिन हर बार ये कहते थे कि हम अपने जिंस का व्यवसाय करने पटना आए हैं।
– इसको लेकर ही मीटिंग कर रहे हैं। सीबीआई सूत्रों का कहना था कि हम पहले गुरूवार को ही लालू राबड़ी आवास में प्रवेश करना चाह रहे थे, लेकिन हमारे कुछ पेपर अधूरे थे, इसलिए हमने गुरूवार की रात में पहले सारे प्रमाण एकत्रित किए फिर उनके घर पर आवास में प्रवेश किया।
 सुबह में पता चला हकीकत तो रह गए सन्न
– चालकों के मुताबिक शुक्रवार की सुबह 5 बजे व्यवसायियों (सीबीआई अफसरों) ने कहा कि तुमलोग तैयार हो जाओ। थोड़ी देर में यहां से निकलना है। इसके बाद करीब 7 बजे सीबीआई की टीम गाड़ियों से बेली रोड होते हुए सर्कुलर रोड में राजद प्रमुख लालू प्रसाद के बंगले के पास आकर रुकी। इसके बाद सीबीआई अफसरों ने अपना आईकार्ड आदि निकाला। ड्राइवर से अपना असली परिचय देते हुए कहा कि हमलोग रेड में जा रहे हैं, तुम बाहर इंतजार करो। सीबीआई… सुनते-जानते ही चालक सन्न रह गए। बीते पलों को याद करके खुद को कोसने लगे कि यह क्या कर दिया। क्यों डांट दिया था। इसी बीच कुछ चैनल वालों ने चालकों को टोका तो वे अजनबी बने सीबीआई अफसरों की एक दिन पुरानी कहानी सुनाने लगे।तभी लाइव टीवी पर चालकों का चेहरा व बयान देखते ही टीम के दो कर्मी आनन-फानन में बाहर निकले आैर चालकों को आवाज दी। ‘कम हियर (यहां आओ)। हमलोग अंदर हैं आैर तुम बाहर में बाइट देने लगे। चलो अंदर ही बैठना।

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