एक कलेक्टर जो दलालों का काल और पानी का पहरेदार है

नागपुर से नीरज ओमप्रकाश श्रीवास्तव//

श्री सचिन श. कुर्वे बीते ढाई सालों से नागपुर कलेक्टर के रूप में पदस्थ हैं. इनके कामकाज का तरीका बहुत सरल है. गुजरे ढाई सालों में केवल बिशेष परिस्थितियों को छोडकर ही वे प्रतिदिन सुबह १० बजे से लेकर दो बजे तक बिना किसी पूर्वानुमति के उनसे भेंट करने और अपनी समस्याऐं लेकर आने वाले व्यक्तियों भेंट के लिये उपलब्ध होते हैं. वे सचमुच बहुत सरलता से मिलते हैं और अधिकारिक रूप से समस्या का समाधान करते हैं. यही कारण है कि जिले भर में और जिला मुख्यालय नागपुर में कलेक्टर के अधीन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सुबह १० बजे से दो बजे तक अपने कार्यालय में मौजूद रहना होता है. इसका लाभ जिला मुख्यालय में अपना काम और समस्याएं लेकर पहुँचे आगन्तुकों को मिलता है. कलेक्टर सचिन श. कुर्वे आगन्तुकों से न केवल सहज रूप से मिलते हैं बल्कि उनकी हर संभव प्रशासनिक सहायता भी करते हैं. वे नागरिकों से मिलने वाली समस्याओं और शिकायतों के तुरंत निपटान की प्रक्रिया के लिये संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही तलब कर जल्दी से जल्दी मामलों को निपटारा करने के निर्देश भी देते हैं.

ब्यूरोक्रेट न्यूज़  से बातचीत के दौरान श्री सचिन श. कुर्वे  नें कहा कि हमारा उद्देश्य काम करना है. एक कलेक्टर और जिल्हादंडाधिकारी के रूप में कार्य करने के दौरान हम पूरे मन और मेहनत से जनता के लिये काम करना चाहते हैं. शासन हमे इसी काम को करने के एवज में सैलरी देता है इसलिये आम लोगों के काम करते समय भेदभाव से परे और नियमानुसार किये जाने वाले काम से बहुत संतोष मिलता है.बर्ष २००३ में भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित हुए श्री सचिन श. कुर्वे मूलत उत्तराखंड कैडर के अधिकारी हैं. लेकिन यह एक संयोग है कि वे नागपुर के ही रहवासी हैं. अपनी शुरूआती सेवाओं में वे उत्तराखंड में रूद्रप्रयाग , टिहरी गढवाल , देहरादून और हरिद्वार जैसे महत्वपूर्ण इलाकों के जिला अधिकारी के रूप में कार्य कर चुके है. टिहरी जलाशय परियोजना में मुख्यअधिकारी के रूप में कार्य के दौरान विस्थापितों के मौलिक अधिकारों और पुनर्वास के लिये उनके कार्यों को याद किया जाता है.        उत्तराखंड राज्य में अपनी एक दशक से भी अधिक सेवाओं के बाद वे महाराष्ट्र राज्य में प्रतिनियुक्ति पर रहते हुए नागपुर के कलेक्टर के रूप में कार्य कर रहे हैं. वे चूकि नागपुर के ही हैं और उनकी शिक्षा-दीक्षा नागपुर में ही हुई है इसलिये वे नागपुर शहर की समस्याओं को भली प्रकार जानते हैं. कलेक्टर के रूप में यह उनका पांचवां जिला है. वे गृह जिले की सेवा करते समय बहुत संवेदनशील होकर कार्य करते हैं. उनका उद्देश्य है कि बिना प्रचार की लालसा  कलेक्टर के रूप में वे जो कार्य करें उनसे इस  महानगर और ग्रामीण अंचल को दीर्घकालीन. समस्याओं से मुक्ति मिल सके.

जलयुक्त शिवार से पानी का प्रबंधन

श्री कुर्वे नें बीते ढाई बर्षों से जारी अपनी सेवाओं के दौरानजो सबसे महत्वपूर्ण कार्य किया वह जलयुक्त शिवार कार्यक्रम के अन्तर्गत किया. इस योजना से लगभग पांच सौ गांवों को सीधा लाभ हुआ जहां जल भंडारण की स्थिति मजबूत हुई. रवि की फसलों को पर्याप्त पानी मिलने के अलावा लगभग १९०० हैक्टेयर भूमि को सिंचित भूमि बनाने में उनके प्रशासनिक प्रयासों की काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया है.जलयुक्त शिवार के माध्यम से अंचल के गांवों मे जल के बेहतर प्रबंधन और भंडारण के लिये अधोसंरचनागत प्रयासों और प्रशासनिक दक्षता पर जोर दिया गया जिसमें जिलांतर्गत सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों नें डट कर काम किया ताकि शासन की योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू किया जा सके.

सेतु को दलालों से मुक्त कराया

नागपुर जिल्हा कार्यालय और उससे जुडी. प्रशासनिक गतिविधियों के संचालन में नागरिको की सेवेसाठी प्रशासन की परिकल्पना के प्रयास को सार्थक करते हुए सेतु परियोजना लागू है. सेतु मुख्यरूप से सूचना प्राधौगिकी आधारित है जिसका मराठी भाषा में अर्थ है पुल. जनता और शासन के बीच का पुल.    सेतु के माध्यम से सरकार जनता को सरकार और उसकी विभिन्न प्रशासनिक इकाइयों के द्वारा त्वरित और उपयोगी सेवायें दे सके इसके लिये कर्मठ भावना से प्रशासनिक प्रयास किये गये. नागपुर में सेतु की व्यवस्था को दलालों से मुक्त करने के लिये श्री सचिन श. कुर्वे प्रयासों की नागरिकगण प्रशंसा कर रहे हैं .दलालों और बिचौलियों के चक्कर में पड.कर समय और धन व्यर्थ गंवा देने की संभावनाओं पर विराम लग गया है. दलालों से मुक्ति के लिये कलेक्टर के प्रयास का उदाहरण यही है कि कलेक्टर कार्यालय में सुबह दस बजे से दो बजे तक नागरिक अपनी समस्याऐं लेकर आते हैं तो जिले के सभी विभागों का सेतु समन्वय होने से कामकाज त्वरित होता है. दलालों से मुक्ति और भ्रष्टाचार पर सहज रूप से नियंत्रण भी हो जाता है.

कानून-व्यवस्था की बेहतर स्थिति

नागपुर जिले में प्रशासन और कानून व्यवस्था की स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए कलैक्टर श्री सचिन श.कुर्वे नें बताया कि नागपुर शहर में पुलिस आयुक्त डा.के. वेंकटेशम बहुत संवेदनशील होकर कानून व्यवस्था में सहभागी है .हाल ही में कतिपय अपराधियों पर मोका की कार्रवाही और भूमाफियों के खिलाफ जिला प्रशासन नें जो इनपुट दिये उन पर त्वरित रूप से कार्रवाही कर प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय से कामकाज किया जाता है. और यही कामकाज का तरीका पूरे नागपुर जिले पर लागू है. ग्रामीण क्षेत्र में पुलिस अपना काम बखूबी कर रही है .उन्होंने कहा कि नागपुर जिले में प्रतिबद्धता के साथ प्रशासन सेवा कर रहा है और यही हमारा काम है. सरकार जनता के पैसे से हमें सैलरी देती है. हमारी जनता के प्रति पूरी प्रशासनिक जबाबदारी है.

सामान्य पारिवारिक पृष्टभूमि से पहुँचे प्रशासनिक सेवाओं में.

नागपुर में जन्में और पले- बढे श्री सचिन श. कुर्वे एक सामान्य परिवार की पृष्ठभूमि से इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद तक पहुँचे. उनके पिता भारतीय जीवन बीमा निगम से संबद्ध रहे. श्री सचिन कुर्वे संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा के पहले प्रयास मे भारतीय राजस्व सेवा में चयनित हुए. लेकिन तीसरे प्रयास में बर्ष २००३ में वे भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित हुए. परिवार के मामले में  वे बहुत भाग्यशाली हैं. उनकी पत्नी भारतीय राजस्व सेवा में अधिकारी हैं जो सीनियर डिप्टी एकाउंटेंट जनरल के पद पर राज्य में ही पदस्थ हैं. उनकी सबसे बडी. बेटी अनन्या सिक्स्थ् स्टैंडर्ड में है जबकि छोटे जुडवां बच्चे स्वराज और लावण्या  इस साल पहले स्टैंडर्ड में दाखिला ले रहे हैं .श्री सचिन श.कुर्वे  गृह नगर नागपुर में ही अपनी पदस्थापना को वे महज संयोग मानते हैं. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक नियमों और कानून की सीमा में रहकर इस शहर के लिये जो सबसे बेहतर मैं कर सकूंगा वही मेरा लक्ष्य है. वे बडी. ही इमानदारी से कहते हैं कि अब सबकुछ शासन पर निर्भर है कि वह जहां रखेगा वहां अपना काम करेंगे किसी महत्वपूर्ण या कम महत्वपूर्ण पद के लिये इच्छा या अनिच्छा का कोई सवाल ही नहीं है. यह पूछे जाने पर कि नागपुर शहर में व्ही.आई.पी नेताओं सहित अतिविशिष्टजनों का आना-जाना होता रहता है. यहां तक कि मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फड.नवीस नागपुर से ही हैं तथा केन्द्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी का गृहअंचल भी यही है तो राजनीतिक दबाब रहता ही होगा….इस पर श्री कुर्वे नें बताया कि कि माननीय मुख्यमंत्री और माननीय केन्द्रीय मंत्री जी नागपुर के ही हैं लेकिन सच पूछिये तो प्रशासनिक मामलों में शासन से जुडे.माननीय विधिनुरूप ही कार्यकरने के लिये निर्देश देते हैं और हम लोग उसका पालन कराते है. मैं पहले ही स्पष्ट कह चुका हूं कि जनता को प्रशासनिक सुविधा ही हमारा काम है और एक ब्यूरोक्रेट होने के नाते मैं जो सेवा संभव है वह करने के लिये हमेशा तैयार रहता हूं. कलैक्टर के रूप में श्री सचिन श.कुर्वे जिस सहज ईमानदारी और सरलता से काम कर रहे हैं वह प्रशासनिक सेवा में आने वाले नवीन अधिकारियों के लिये उदाहरण है. प्रशासनिक अधिकारी बिना प्रचार और प्रोपेगंडा किये सरलता से कैसे लोकसेवा में वास्तविक रूप से लोकप्रियता हासिल करलेते हैं यह श्री सचिन श.कुर्वे के व्यवहार और कार्यप्रणाली से सहज रूप से जाना जा सकता है.

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