श्रीदेवी की मौत गुत्थी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उलझी -बोनी कपूर से होगी पूछताछ अकेला क्यों छोड़ गये थे

एक्ट्रेस श्रीदेवी की मौत को लेकर फोरेंसिक रिपोर्ट में नया खुलासा हुआ है। इसके मुताबिक, दुबई से 120 किलोमीटर दूर रास अल खैला में उनकी मौत कार्डिएक अरेस्ट से नहीं, बल्कि बाथटब में डूबने से हुई। श्रीदेवी के खून में अल्कोहल भी मिला। यह भी कहा जा रहा है कि वे बेहोश होकर टब में गिर गई थीं। पुलिस ने केस को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए दुबई प्रॉसिक्यूशन को सौंप दिया है। बता दें कि श्रीदेवी की मौत शनिवार रात 11:30 बजे हुई थी।अरब अमीरात के स्वास्थ्य मंत्रालय के डायरेक्टर ऑफ प्रीएंटिव मेडिसिन, दुबई के डॉक्टर सामी वादी द्वारा हस्ताक्षरित रिपोर्ट के अनुसार श्रीदेवी बोनी कपूर अय्यपन की मौत 24 फरवरी को दुर्घटनावश बाथटब में डूबने से हुई। रिपोर्ट में उनकी राष्ट्रीयता भारतीय बताई गई है और उनका पासपोर्ट नंबर भी दिया गया है।

नशे की वजह से टब में गिर गईं

– गल्फ न्यूज ने पुलिस के हवाले से बताया है कि शुरुआती जांच में इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि शायद शराब के नशे में श्रीदेवी अपना संतुलन खोकर बाथटब में गिर गईं। इसके बाद डूबने से उनकी मौत हो गई। खलीज टाइम्स ने रविवार रात को भी अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि श्रीदेवी की बॉडी पानी से भरे टब में पाई गई।उनके फेफड़ों में पानी भर गया। खलीज टाइम्‍स की रिपोर्ट के अनुसार, उनको हार्ट अटैक नहीं आया है – जैसा पहले बताया जा रहा था। यही नहीं, इससे पहले श्रीदेवी के देवर और एक्टर संजय कपूर ने कहा था कि श्रीदेवी को कभी हार्ट की बीमारी नहीं थी। गौरतलब है कि श्रीदेवी अपने परिवार के साथ दुबई में अपने भांजेे मोहित मारवाह की शादी में शामिल होने के लिए गई थीं।

फोरेंसिक रिपोर्ट में क्या कहा?

– श्रीदेवी की फोरेंसिक रिपोर्ट में इसे ‘एक्सीडेंटल ड्राउनिंग’ यानी ‘दुर्घटनावश डूबना’ लिखा गया है।

जांच करने वाले अफसरों का क्या कहना है?

– गल्फ न्यूज को एक अफसर ने बताया कि उस वक्त के हालात को समझने के लिए हम हर एंगल से जांच कर रहे हैं। पुलिस एक-एक कड़ी को जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे के वक्त श्रीदेवी के साथ कौन मौजूद था। वे होटल के रूम नंबर 2201 में ठहरी थीं।

कब हुई थी मौत?

श्रीदेवी की मौत शनिवार रात करीब 11 बजे जुमैरा एमिरेट्स टॉवर होटल के अपने कमरे में हुई थी। श्रीदेवी अपने परिवार बोनी कपूर और छोटी बेटी खुशी के साथ भांजे मोहित मारवाह की शादी में शामिल होने दुबई गई थीं। शादी 22 को हुई थी।

शनिवार शाम दुबई के होटल में क्या हुआ?

– परिवार के एक करीबी के हवाले से खलीज टाइम्स ने बताया था कि बोनी कपूर शादी में शामिल होकर मुंबई लौट गए थे। 24 फरवरी को दोबारा दुबई लौटे और वे शाम करीब 5.30 बजे जुमैरा एमिरेट्स टॉवर होटल गए। यहां ही श्रीदेवी रुकी हुई थीं। बोनी श्रीदेवी को सरप्राइज डिनर पर ले जाने वाले थे। बोनी ने श्रीदेवी को जगाया और दोनों ने करीब 15 मिनट बात की। इसके बाद श्रीदेवी वॉशरूम गईं। जब वे 15 मिनट तक नहीं लौटीं तो बोनी ने बाथरूम का दरवाजा खटखटाया।”

– “अंदर से कोई रिस्पॉन्स न मिलने पर उन्होंने धक्का देकर दरवाजा खोला। बोनी ने देखा कि श्रीदेवी अचेत हालत में बाथटब में गिरी हुई थीं। बोनी ने उन्हें होश में लाने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे। इसके बाद उन्होंने अपने दोस्त को फोन किया। उन्होंने करीब 9 बजे पुलिस को जानकारी दी।”

– बाथरूम में बेहोश होकर गिरने के बाद उन्हें दुबई के रशीद हॉस्पिटल ले लाया गया। जब श्रीदेवी को इलाज के लिए हॉस्पिटल ले लाया गया, उससे पहले ही उनका निधन हो चुका था।

होटल के कमरे से 48 घंटे से बाहर नहीं निकली थीं श्रीदेवी

– कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि पति और बेटी के मुंबई लौटने के बाद श्रीदेवी दुबई के होटल के कमरे में अकेली थीं।

कुछ ऐसा रहा श्रीदेवी का फिल्मी सफर…
श्रीदेवी ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत महज चार वर्ष की उम्र में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट की थी। उनकी पहली फिल्म बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट थुनविान थीं। 1990 के दशक में आई उनकी फिल्म चांदनी, लम्हें, मिस्टर इंडिया, नगीना और कई मूवीज ने उन्हें भारतीय दर्शकों की पंसदीदा अदाकारा बना दिया था। हिंदी फिल्मों का एक दौर वह भी आया जब उन्होंने अपनी एक्टिंग से सबको कायल कर दिया।श्रीदेवी ने अपने वयस्क करियर की शुरुआत साल 1979 में हिंदी फिल्म सोलवां सावन से की थी।  हालंकि उन्हें बॉलीवुड में पहचान फिल्म 1983 में आई फिल्म हिम्मतवाला से मिली। इस फिल्म में उनके अपोजिट जितेंद्र नजर आये थे। यह फिल्म 1983 ब्लॉकस्बस्टर फिल्म थी। इसके बाद उन्होंने कई फिल्में जितेन्द्र के साथ की। उसके बाद उनकी फिल्म तोहफा आई जिसने उस दौर में कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। साल 1986 में आई फिल्म नगीना, जिसमे श्रीदेवी ने एक इच्छाधारी नागिन की भूमिका अदा की थी।

इसके बाद उन्‍होंने सुभाष घई की मल्टी-स्टारर फिल्म कर्मा और फिरोज शाह की जांबाज शामिल थी।  दोनों ही फिल्मों में श्रीदेवी की गजब के अभिनय को दर्शक भी भौचक्के रह गए थे। साल 1987 में आई फिल्म मिस्टर इंडिया में श्रीदेवी एक जर्नलिस्ट के किरदार में नजर आईं। उस दौर में श्री देवी और अनिल कपूर का रेन डांस सांग काटे नहीं कटते आज भी बारिश के गानों में पहले नंबर पर है।

चालबाजमें श्रीदेवी दोहरी भूमिका में नजर आई थीं
1989 में आई फिल्म चालबाज में श्रीदेवी दोहरी भूमिका में नजर आई थीं। चालबाज के बाद श्रीदेवी यशराज फिल्म्स की फिल्म चांदनी में अभिनेता ऋषि कपूर के साथ नजर आई थीं। इस फिल्म का गाना मेरे हाथों में नौ-नौं चूड़ियां है आज भी वेडिंग सांग्स लिस्ट में सबसे उपर है। इसके बाद साल 1991 में श्रीदेवी एक बार फिर यशराज की फिल्म लम्हे में दिखाई दी। फिल्म लम्हे के लिए श्रीदेवी को उनका दूसरा फिल्म फिल्मफेयर अवार्ड मिला था। 1996 में निर्देशक बोनी कपूर से शादी के बाद श्रीदेवी ने फ़िल्मी दुनिया से अपनी दूरी बना ली थी। लेकिन इस दौरान वह टीवी शोज में नजर आईं। श्रीदेवी ने बॉलीवुड से कुछ समय के लिए ब्रेक लिया और फिर इंग्लिश-विंग्लिश से बॉलीवुड में धमाकेदार वापसी की। मराठी महिला के रूप में इस फिल्म में उनका अभिनय खूब सराहा गया। उनकी आखिरी फिल्म साल 2017 में रिलीज हुई मॉम थी।

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