श्री गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी :जांच भी बेअदबी से… कैप्टन के एजी ने जस्टिस जोरा की रिपोर्ट को माना अस्पष्ट

हरीश मानव | चंडीगढ़//पंजाबके नए एडवोकेट जनरल अतुल नंदा का मानना है कि श्री गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं की जांच ही बड़ी ‘बेअदबी’ से हुई है। इसलिए पूरी जांच नए सिरे से होनी चाहिए, जिसके लिए नया कमीशन बनाया जाना चाहिए। नंदा ने अकाली-भाजपा सरकार की ओर से बनाए गए गठित जस्टिस जोरा सिंह कमीशन की जांच में खामियां निकालते हुए कैप्टन सरकार को राय दी है कि इसके आधार पर कार्रवाई की जाए, क्योंकि यह वेग है। एजी ने लिखा है कि जस्टिस जोरा कमीशन की रिपोर्ट भी कहती है कि बेअदबी और इसके खिलाफ उठे विरोध को कुचलने के लिए सरकार-पुलिस ने सही तरीके से काम नहीं किया। साथ ही किसी को दोषी भी नहीं बताया गया है। ये तो माना है कि इन घटनाओं के पीछे कुछ बड़े लोग हैं, लेकिन उनके नाम नहीं बताए गए। कमीशन ने रिपोर्ट में सिर्फ यह कहकर बात खत्म कर दी कि बहबलकलां में पुलिस फायरिंग सेल्फ डिफेंस में नहीं, अनवारेंटेड थी।रिपोर्टमें पुलिस फायरिंग, कुछ पुलिस  अफसर जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, पर यह साफ नहीं किया गया है कि कौन सा अफसर, कौन-कौन पुलिसवाले। इसलिए जांच ही नए सिरे से होनी चाहिए।
दरअसल, बेअदबी की घटनाओं पर कार्रवाई आगे बढ़ाने को लेकर कैप्टन सरकार ने ही एजी से राय मांगी थी कि क्या नया आयोग बनाया जा सकता है। एजी ने अपनी ऑब्जर्वेशन सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को भेज दी है। एक-आध दिन में ही कैप्टन इसे लेकर घोषणा कर सकते हैं। एजी ने लिखा है कि जोरा कमीशन ने फरीदकोट में श्री गुरुग्रंथ साहिब के अंग फाड़ने वाले लोगों को भागते हुए देख चुके लोगों के बयान तक नहीं लिए। पुलिस ने भी उनसे पूछे बिना अारोपियों के स्केच बना दिए।

जानिये जस्टिस जोरा सिंह क्या कहते हैं 

इतना बड़ा कांड और आपकी रिपोर्ट में कोई दोषी नहीं?

जस्टिस जोरा: घटनाएं सामूहिक थीं, व्यक्ति विशेष ने नहीं की

-नए एजी ने आपकी रिपोर्ट को वेग बताते हुए खारिज कर दिया है, क्यों?
-मेराऑब्जर्वेशन सही है। नई सरकार और नए एजी कुछ भी कर सकते हैं।
आपकीरिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए एजी ने कहा है कि बरगाड़ी कांड में किसी को दोषी नहीं ठहराया गया। फायरिंग करने वाले अफसरों-मुलाजिमों के नाम तक नहीं लिखे गए?
-मामलाबेहद संवेदनशील है। इसलिए कोई सनसनी नहीं फैलाई गई। ये व्यक्ति विशेष द्वारा की गई घटना नहीं, बल्कि सामूहिक घटानाएं हैं।
फरीदकोटके गांव बुर्ज जवाहरसिंहवाला के गुरुद्वारे से बीड़ चोरी की घटना में शामिल लोगों के स्कैच गवाहों से बात किए बगैर ही बना दिए गए। इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो गई?
-मुझेयाद नहीं कि क्या हुआ था।

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