अब हॉवर्ड पढ़ने जाएंगे IAS रजत कुमार, दुनिया भर से मात्र 80 लोगों का हुआ सेलेक्शन

रायपुर,  प्रतिनिधि। मुख्यमंत्री के सह-सचिव और एनआरडीए के सीईओ रजत कुमार का सिलेक्शन इंग्लैंड की हावर्ड कैनेडी स्कूल के फेलो प्रोग्राम के लिए हुआ है। 2005 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के रजत अगले साल जून से एडवर्ड एस मेसन प्रोग्राम के तहत लोकतंत्र का कोर्स करने हावर्ड स्कूल में ही रहेंगे। बताया जा रहा है कि रजत इस पाठयक्रम के लिए हावर्ड जाने वाले छत्तीसगढ़ के पहले अधिकारी होंगे।

किसी भी देश के आईएस अधिकारियों के लिए इस स्कूल में चयनित होना बेहद प्रतिष्ठापूर्ण माना जाता है। इस कोर्स के लिए हर साल 180 से ज्यादा देशों में ऊंचे पदों पर नियुक्त लगभग 50 हजार अधिकारियों के आवेदन आते हैं, जिनमें से सिर्फ 80 का चयन किया जाता है।रजत 2005 बैच के आईएएस हैं। बीजापुर, कोरबा के कलेक्टर रहे। सीएम सचिवालय में पोस्टिंग के दौरान उन्हें कलेक्टर बनने का ऑफर मिला था, लेकिन जिले में कलेक्टरी करने के बजाय उन्होंने सीएम सचिवालय में काम करना पसंद किया। रजत की शार्प एवं तेज आईएएस में गिनती होती है।

सिलेक्शन के लिए होते हैं कई मापदंड

इस कोर्स के लिए कम से कम सात साल का पूर्ण कालिक कार्यानुभव अनिवार्य है। 14 साल अनुभव वालों को प्राथमिकता दी जाती है। इसके अलावा आवेदक को 7 बैंड के साथ टोफल की पेपर बेस परीक्षा में 600 अंक या इंटरनेट बेस परीक्षा में 100 अंक लाना अनिवार्य होता है। राज्य शासन की ओर से आवेदक के लिए की गई अनुशंसा भी बहुत असरकारक मानी जाती है। परीक्षा के माध्यम से आवेदक की नेतृत्व क्षमता मापी जाती है, जिसके बाद ही उसका चयन किया जाता है। रजत के लिए मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, मुख्य सचिव अमन सिंह और संपर्क फाउंडेशन के सीईओ विनित नायर ने अनुशंसा की थी।

रजत के पास है भरपूर अनुभव

मूल रूप से हाथरस उत्तर प्रदेश के निवासी रजत का जीवन बेहद संघर्ष भरा था . वे जब एक साल के थे तभी उनके पिता बिजनेस के लिए चेन्नई चले गये थे यहाँ उनकी पढाई पर असर पड़ा लेकिन उन्होंने और बहनों ने अनथक कोशिशे जारी रखी. जब वे चेन्नई के लायला कालेज में पढ रहे थे तब पिता का बिजनेस में हाथ भी बंटाते थे .कालेज में वे अच्छे डिबेटर थे .छत्तीसगढ़ में वे काबिल अफसरों में गिने जाते हैं .  सचिवालय और एनआरडीए के सीईओ पद के अलावा रजत कुमार को कई पदों पर कार्य करने का अनुभव है। 11 साल के कार्यानुभव में रजत बीजापुर कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत, डायरेक्टर सर्वशिक्षा अभियान , डायरेक्टर जनसपंर्क और डायरेक्टर एवं डिप्टी सिकरेट्री विमानन के पद पर सेवाएं दे चुके हैं।

खर्च होते हैं एक करोड़ रुपए, फीस भरने मिलती है ढेरों स्कालरशिप

हावर्ड की सालाना फीस कम से कम 1 लाख 15 सौ 77 यूएस डॉलर यानी लगभग 67 लाख रुपए है। लगभग इतनी ही रकम अन्य संसाधनों में खर्च होती है। लेकिन हावर्ड स्कूल में एडमिशन मिलते ही आवेदक के आगे स्कालरशिप देने वालों का हुजूम लग रहता है।

 

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