9 में से4 नए मंत्री पूर्व नौकरशाह ,मोदी को उनपर पूरा भरोसा

 

नई दिल्ली. मोदी कैबिनेट में रविवार को 13 मंत्रियों ने शपथ ली। इनमें से 4 कैबिनेट और 9 राज्य मंत्री हैं। मंत्रिमंडल के लिए चुने गए 9 नए मंत्री अलग-अलग बैकग्राउंड से जरूर हैं लेकिन उनके सिलेक्शन में सरकार ने उनके तजुर्बे का ध्यान रखा है। 4 मंत्री पूर्व IAS, IPS और IFS अफसर रहे हैं। 3 मंत्री मध्यप्रदेश, कर्नाटक और राजस्थान से भी हैं जहां अगले एक साल के अंदर चुनाव होने वाले हैं। सभी नए चेहरों को पैशन, प्रोफिशिएंसी, प्रोफेशनल एक्सपीरियंस और उनकी पॉलिटिकल समझ के बेस पर चुना गया है। मोदी इन नए मंत्रियों को सरकार में शामिल कर और कुछ मौजूदा मंत्रियों को प्रमोट कर न्यू इंडिया के अपने विजन को अागे बढ़ाना चाहते हैं।

 सत्यपाल सिंह (62)
कौन हैं: सत्यपाल सिंह जाट कम्युनिटी से आते हैं। संजीव बालियान के बाद वेस्ट यूपी में बीजेपी का प्रमुख चेहरा हैं। महाराष्ट्र कैडर में 1980 बैच के आईपीएस अफसर रहे। राजनीति में आने से पहले मुंबई पुलिस कमिश्नर थे। इस दौरान 1990 के दशक में मुंबई अंडरवर्ल्ड की कमर तोड़ने में अहम भूमिका निभाई थी। तब छोटा राजन, छोटा शकील और अरुण गवली गैंग का दबदबा था। 2014 लोकसभा इलेक्शन से पहले बीजेपी में शामिल हुए और बागपत से सांसद चुने गए।
क्यों चुने गए: एडमिनिस्ट्रेटिव स्किल्स। मुंबई पुलिस के कमिश्नर रहे। ईमानदार इमेज। पश्चिमी यूपी में जाट समीकरण।
किससे नजदीकी: राजनाथ सिंह और अमित शाह।
 अल्फाेन्स कन्ननथानम (64)
कौन हैं:
अल्फाेन्स कन्ननथानम केरल में BJP का चेहरा कहलाते हैं। 27 साल IAS रहे हैं। केरल के कोट्टायम में जब वे 1989 में कलेक्टर थे तो लिटरेसी बढ़ाने के लिए उन्होंने काम किया है। इस जिले को उन्हीं के चलते देश के पहले फुल लिटरेट जिले का दर्जा मिला था। दिल्ली में जब DDA कमिश्नर थे तो कई अवैध इमारतों के अतिक्रमण हटवाते थे, डिमोलिशन मैन कहलाते थे। 2006 में उन्होंने कोट्टायम की एक विधानसभा सीट से LDF के टिकट पर चुनाव लड़ा। लेकिन 2011 में तब उन्होंने सभी को चौंका दिया जब वे BJP में शामिल हो गए। नितिन गडकरी ही उन्हें पार्टी की केरल में मौजूदगी बढ़ाने के मकसद से BJP में लाए थे। माना जा रहा है कि गडकरी की सिफारिश पर ही अल्फाेन्स मंत्री पद के लिए चुने गए हैं। अल्फाेन्स अभी बीजेपी की नेशनल एग्जीक्यूटिव कमेटी के मेंबर हैं।
क्यों चुने गए: 27 साल IAS रहे। केरल में लिटरेसी बढ़ाई। DDA कमिश्नर थे तो डिमोलिशन मैन कहलाते थे।
किससे नजदीकी:गडकरी से। वे ही उन्हें BJP में लाए थे।
 आरके सिंह (64)
कौन हैं: पूर्व IAS अफसर, जिन्होंने 1990 में समस्तीपुर (बिहार) में लाल कृष्ण आडवाणी को लालू यादव के आदेश पर अरेस्ट किया था। आडवाणी तब राम रथ यात्रा से अयोध्या जा रहे थे। 1999 से 2004 के दौरान होम मिनिस्टर रहते हुए आडवाणी ने ही आरके सिंह को ज्वाइंट सेक्रेटरी बनाया था। दिसंबर 2013 में बीजेपी ज्वाइन की और 2014 में आरा से बीजेपी की टिकट पर लोकसभा का चुनाव जीता।
क्यों चुने गए: एडमिनिस्ट्रेटिव स्किल्स। 38 साल IAS रहे। देश के गृह सचिव रहे हैं।
किससे नजदीकी: अमित शाह, नीतीश कुमार। 
हरदीप सिंह पुरी (65)
कौन हैं:
 पूर्व IFS अफसर हैं। यूनाइटेड नेशंस सिक्युरिटी काउंसिल की काउंटर टेररिज्म कमेटी के चेयरमैन भी रह चुके हैं। 2009 से 2013 के बीच यूएन में इंडिया के पर्मानेंट रिप्रेजेंटेटिव भी रहे।
क्यों चुने गए: विदेश मामलों के जानकार। 39 साल IFS रहे।
किससे नजदीकी:राजनाथ सिंह।
 अश्विनी कुमार चौबे (64)
कौन हैं:
 बिहार के बक्सर से बीजेपी के सांसद हैं। बिहार की राजनीति में ऊंचा कद रखते हैं। बीजेपी के सीनियर लीडर भी हैं। इसके अलावा गवर्नेंस का एक्सपीरिएंस भी है। पूर्व हेल्थ मिनिस्टर भी रह चुके हैं। छात्र राजनीति से जुड़े रहे और जेल भी गए।
क्यों चुने गए:फायरब्रांड और जमीनी नेता। स्वास्थ्य मंत्री भी रहे।
किससे नजदीकी: आरएसएस चीफ मोहन भागवत से।
 डॉ. वीरेंद्र कुमार (63)
कौन हैं: डॉ. वीरेंद्र कुमार मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से बीजेपी सांसद हैं। लोकसभा में छठी बार सांसद चुने गए हैं। 1996 में पहली बार सांसद बने। 1975 के जेपी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। मीसाबंदी के तौर पर सागर और जबलपुर जेल में 16 महीने गुजारे। 1977 से छात्र राजनीति की शुरूआत की।
क्यों चुने गए: कास्ट फैक्टर। पार्टी का दलित चेहरा। किसानों के मुद्दे पर पकड़। सादगीपसंद।
किससे नजदीकी:सरकार-पार्टी में किसी से नहीं।
 शिव प्रताप शुक्ल (65)
कौन हैं:यूपी के सीनियर बीजेपी लीडर हैं। एक्सपीरियंस लीडर माने जाते हैं। यूपी में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। शिक्षा, ग्रामीण विकास और जेल सुधारों के लिए उठाए गए कदमों के लिए याद किए जाते हैं। इसके अलावा पार्टी से लंबे समय से जुड़े हैं। एबीवीपी और बीजेवाईएम के सदस्य रह चुके हैं। छात्र आंदोलन और इमरजेंसी के दौरान जेल भी गए हैं।
क्यों चुने गए:यूपी में राजनाथ-कल्याण सरकार में मंत्री रहे। एजुकेशन और रूरल डेवलपमेंट पर पकड़।
किससे नजदीकी: राजनाथ सिंह के भरोसेमंद।

 अनंत कुमार हेगड़े (49)
कौन हैं: कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ से 5 बार लोकसभा के लिए चुुने गए हैं। इस्लाम और टेररिज्म से जुड़े हुए बयानों से चर्चा में आ चुके हैं और मुस्लिम संगठनों के विरोध का भी सामना किया।
क्यों चुने गए: राज्य में चुनाव हैं। संघ के स्वयंसेवक रहे। अयोध्या आंदोलन में अहम भूमिका रही।
किससे नजदीकी: BJP के पुराने नेताओं से।​
 गजेंद्र सिंह शेखावत (49)
कौन हैं: राजस्थान बीजेपी का बड़ा चेहरा। नेशनल लेवल पर बीजेपी की फार्मर विंग के जनरल सेक्रेटरी रहे। सिम्पल लाइफ स्टाइल के लिए जाने जाते हैं। Quora पर सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले इंडियन पॉलिटीशियन हैं। यहां उनके 50 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। छात्र जीवन से राजनीति शुरू की। एबीवीपी और संघ से जुड़े रहे। जोधपुर से सांसद हैं।
क्यों चुने गए: राजस्थान में चुनाव हैं। स्वदेशी जागरण मंच में रहे। किसान और आर्थिक मामलों पर पकड़।
किससे नजदीकी: मोदी और संघ के नेताओं से।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »