पीएनबी फ्रॉड:नीरव मोदी के ठिकानों से 5100 करोड़ रुपए के हीरे और जवाहरात जब्त- राजनीति तेज़

पंजाब नेशनल बैंक फ्रॉड केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के गीतांजलि जेम्स के 17 ठिकानों पर छापे मारे। नीरव मोदी के यहां छापे के दौरान 5100 करोड़ रुपए के हीरे-जवाहरात और सोना जब्त किया और 6 प्रापर्टियां भी सील कीं। निदेशालय ने विदेश मंत्रालय से नीरव का पासपोर्ट रद्द करने को कहा है। ED ने बुधवार को नीरव, उनकी पत्नी एमी और भाई निशाल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। हालांकि, नीरव और उनकी फैमिली ने जनवरी के पहले हफ्ते में ही देश छोड़ दिया था। सीबीआई ने सभी के खिलाफ 31 जनवरी को लुकआउट नोटिस जारी किया। बता दें कि पीएनबी ने बैंकिंग इंडस्ट्री की सबसे बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा किया था। यह घोटाला 177.17 करोड़ डॉलर यानी 11,356 करोड़ रुपए का है।280 करोड़ के फ्रॉड केस में ED ने नीरव मोदी की पत्नी एमी, भाई निशाल, मेहुल चीनूभाई चौकसी, डायमंड कंपनी के सभी पार्टनर्स, सोलर एक्सपर्ट्स, स्टेलर डायमंड और बैंक के दो अफसरों गोकुलनाथ शेट्टी (अब रिटायर्ड) और मनोज खरत के खिलाफ केस दर्ज किया है।

विपक्ष ने मोदी सरकार पर हमला बोला

फ्रॉड का मामला सामने आने के बाद विपक्ष ने मोदी सरकार पर हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि नीरव ने मोदी को गले लगाया और 12 हजार करोड़ लूट लिए। बीजेपी की तरफ से जवाब केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने दिया। कहा- पीएनबी मामले की पूरी जांच होगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। नीरव मोदी के साथ दावोस में पीएम के फोटो पर प्रसाद ने कहा- नीरव अपने आप दावोस पहुंचे थे। वो सीआईई की ग्रुप फोटो इवेंट में आए थे। कांग्रेस फोटो की राजनीति ना करे। नहीं तो हमारे पास भी चौकसी साहब (मेहुल चौकसी) के कांग्रेस के कई नेताओं के साथ अंतरंग फोटो हैं। इसके पहले पीएनबी फ्रॉड परकांग्रेस ने केंद्र से 4 सवाल पूछे। कहा- ये 30 हजार करोड़ का बैंक घोटाला है

। राहुल गांधी ने कहा कि नीरव ने मोदी को गले लगाया और 12 हजार करोड़ लूट लिए। बीजेपी की तरफ से जवाब केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने दिया। कहा- पीएनबी मामले की पूरी जांच होगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। नीरव मोदी के साथ दावोस में पीएम के फोटो पर प्रसाद ने कहा- नीरव अपने आप दावोस पहुंचे थे। वो सीआईई की ग्रुप फोटो इवेंट में आए थे। कांग्रेस फोटो की राजनीति ना करे। नहीं तो हमारे पास भी चौकसी साहब (मेहुल चौकसी) के कांग्रेस के कई नेताओं के साथ अंतरंग फोटो हैं। इसके पहले पीएनबी फ्रॉड परकांग्रेस ने केंद्र से 4 सवाल पूछे। कहा- ये 30 हजार करोड़ का बैंक घोटाला है। बता दें कि इस मामले में आरोपी नीरव मोदी देश के बाहर चले गए हैं।

नीरव मोदी गुजरात के हीरा कारोबारी हैं। उनका जन्म दुनिया के डायमंड कैपिटल माने जाने वाले एंटवर्प (बेल्जियम) में हुआ। वे ‘नीरव मोदी’ ब्रांड से ही अपने प्रोडक्ट बेचते हैं। देश-विदेश में उनके कई शो रूम है नीरव की नेटवर्थ 11,500 करोड़ रुपए है।  उनकी ज्वेलरी को केट विंसलेट, ताराजी हेन्सन, कार्ली क्लॉस और वायोला डेविस जैसी इंटरनेशनल और प्रियंका चोपड़ा, अनुष्का शर्मा जैसी एक्ट्रेस और मॉडल ऑस्कर जैसे समारोह में पहन चुकी हैं।

सबसे बड़े फ्रॉड ने सभी को चौंकाया

.बैंकिंग सेक्टर के 11,356 करोड़ रुपए के सबसे बड़े फ्रॉड ने सभी को चौंका दिया है। पंजाब नेशनल बैंक की मुंबई की ब्रेडी हाउस ब्रांच में इसे अंजाम दिया गया और शुरुआत 2011 से हुई। 8 साल में हजारों करोड़ की रकम फर्जी लेटर ऑफ अंडरस्टैंडिंग (LoUs) के जरिए विदेशी अकाउंट्स में ट्रांसफर की गई। नीरव मोदी जो 2017 में फोर्ब्स की अमीर भारतीयों की लिस्ट में शामिल थे….इस फ्रॉड के केंद्र में हैं। एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने भारत में नीरव के10 ठिकानों पर छापे मारे हैं। 4 दूसरी ज्वेलर कंपनियों की जांच भी की जा रही है। सीबीआई को पीएनबी ने 150 फेक LoUs की लिस्ट सौंपी, जिनके जरिए रकम ट्रांसफर हुई।

इम्प्लॉईज ने फेक LoUs जारी किए

फ्रॉड की रकम पीएनबी के मुनाफे की 8 गुना है।इसकी शुरुआत तब हुई जब डायमंड फर्म्स ने रफ स्टोन्स के एक्सपोर्ट के लिए लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) के लिए पीएनबी से संपर्क करना शुरू किया। LC एक आम बैंकिंग टूल की तरह है, जिसकी शर्तों के मुताबिक, पीएनबी की नीरव मोदी की फर्म की तरफ से ओवरसीज सप्लायर्स को पेमेंट करना था। ये पेमेंट निश्चित अवधि जो कि 3 महीने की थी, उसके लिए किया गया। पीएनबी को ये पैसा इसके बाद नीरव मोदी से रिकवर करना था। मार्केट में ये भी सुविधा दी गई है कि अगर LC की अवधि खत्म होने तक क्लाइंट यानी नीरव मोदी पैसे वापस नहीं कर पा रहे हैं, तो उसे लौटा दिया जाए।धोखाधड़ी को लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग (LoUs) के आधार पर अंजाम दिया गया, जिन्हें लोकल बैंक ने जारी किया। नीरव मोदी के केस में ये बैंक पीएनबी था। पीएनबी के इम्प्लॉईज ने फेक LoUs जारी किए जिनके आधार पर कुछ भारतीय बैंकों, जिनमें एक्सिस और इलाहाबाद बैंक शामिल थे… की विदेश शाखाओं ने पीएनबी को डॉलर में लोन दिया।

– ये LoUs पुराने समय की हुंडी की तरह है, जिसके जरिए गारंटी लेकर क्लाइंट को दूसरी जगहों पर बड़ी रकम हासिल करने की सुविधा दी जाती थी।

NOSTRO Account ये विदेश में बैंक का अकाउंट होता है। इस केस में ये बैंक पीएनबी था। पीएनबी को NOSTRO Account में ही इलाहाबाद और एक्सिस की फॉरेन ब्रांच ने फेक LoUs के आधार पर फॉरेन करंसी में लोन दिया। इसके बाद ये रकम NOSTRO Account से तय विदेशी पार्टियों के अकाउंट में ट्रांसफर की गई।

फर्जी LoUs के आधार पर पीएनबी के इम्प्लाईज ने इलाहाबाद और एक्सिस बैंक को फंड रिक्वायरमेंट का मैसेज भेजने के लिए SWIFT Network का गलत इस्तेमाल किया।

– SWIFT का इस्तेमाल करने के लिए इम्प्लाई को नेटवर्क में लॉगइन करना होता है और अकाउंटर नंबर और स्विफ्ट कोड जैसी फील्ड में डिटेल भरनी होती है। इसे एक सुपरवाइजर अपना सपोर्ट देता है। ये प्रक्रिया तब पूरी होती है, जब बैंक डिटेल्स के कन्फर्मेशन और वैलिडेशन का मैसेज रिसीव करता है। क्योंकि, ये फ्रॉड SWIFT पासवर्ड का इस्तेमाल करके हुआ था इसलिए बैंक के कोर सिस्टम में ये कभी रिकॉर्ड नहीं हुआ। इसी के चलते पीएनबी का मैनेजमेंट लंबे अरसे तक अंधेरे में रहा।

मोदी ने एक जनवरी को ही देश छोड़ दिया

ऑफिशियल्स ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, “नीरव मोदी ने एक जनवरी को ही देश छोड़ दिया था, इसके काफी बाद सीबीआई के पास शिकायत पहुंची थी। सीबीआई ने नीरव मेदी के खिलाफ सर्कुलर जारी किया और 31 जनवरी को एफआईआर दर्ज की। सीबीआई ने 3-4 फरवरी को सर्च की और कम्प्यूटर्स सीज किए, जांच एजेंसी ने इसकी तस्वीरें भी लीं। पीएनबी ने सीबीआई को 150 फेक LoUs की लिस्ट सौंपी, जिसके जरिए नीरव मोदी से जुड़ी फर्म्स को पैसा ट्रांसफर किया गया।”

– CBI ने कहा, “हमने नीरव की वाइफ एमी मोदी के वर्ली (मुंबई) स्थित घर पर 3-4 फरवरी को छापा मारा। जरूरी बिल और एप्लीकेशन समेत 95 डॉक्युमेंट्स जब्त किए। इस मामले में पीएनबी ऑफिशियल्स से पूछताछ की गई है और एक को अरेस्ट भी किया गया है।”

 

गीतांजलि जेम्स के 17 ठिकानों पर छापे

– ED ने गुरुवार को हीरा कारोबारी नीरव मोदी और गीतांजलि जेम्स के 17 ठिकानों पर छापे मारकर मुंबई स्थित 6 प्रॉपर्टियां सील कर दीं। सर्च के दौरान 5100 करोड़ रुपए के हीरे, जेवर और सोना जब्त किया है। सीबीआई ने भी नीरव की पत्नी एमी के मुंबई स्थित घर पर 3-4 फरवरी को छापा मारा था। पीएनबी की शिकायत के मुताबिक, डायमंड का कारोबार करने वाली तीन कंपनियों डायमंड आर यूएस, सोलर एक्सपोर्ट्स और स्टेलर डायमंड्स ने 16 जनवरी को कॉन्टैक्ट किया। नीरव मोदी, उसकी पत्नी, भाई और बिजनेस सहयोगी इन कंपनियों में पार्टनर हैं। ये कंपनियां विदेशी सप्लायरों को भुगतान के लिए शॉर्ट टर्म क्रेडिट (कर्ज) चाहती थीं।

– बैंक अधिकारियों ने लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) देने से पहले 100% कैश मार्जिन मांगा। तीनों फर्मों ने कहा कि वे पहले भी यह सुविधा लेती रही हैं, हालांकि बैंक के रिकॉर्ड में ऐसा कहीं नहीं दिखा। मार्च 2010 से बैंक के फॉरेक्स डिपार्टमेंट में कार्यरत डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी ने मनोज खरात नाम के एक अन्य बैंक अधिकारी के साथ मिलकर इन कंपनियों को फर्जी तरीके से एलओयू दे दिया।
– वित्त मंत्रालय के फाइनेंशियल सर्विस डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी राजीव कुमार ने बताया कि यह मामला मशहूर डायमंड ज्वेलर नीरव मोदी और गीतांजलि जेम्स से जुड़ा है। एक बैंक अधिकारी ने बताया कि गिनी और नक्षत्र जैसी दूसरी बड़ी ज्वेलरी कंपनियों के लेनदेन की भी जांच की जा रही है। धोखाधड़ी की रकम 2016-17 में बैंक के 1,325 करोड़ के मुनाफे का 8 गुना, बैंक के 35,365 करोड़ के मार्केट कैप का एक तिहाई और 4.5 लाख करोड़ के कुल कर्ज का 2.5% है।
– बुधवार को बीएसई में पीएनबी के शेयरों में 9.8% की गिरावट आई। इसके इन्वेस्टर्स को करीब 3,800 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। पीएनबी देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक है।

– वित्त मंत्रालय के अफसरों के मुताबिक यह धोखाधड़ी 2011 से चल रही थी। इसमें डिप्टी जनरल मैनेजर (डीजीएम) स्तर तक के अधिकारी शामिल थे। मंत्रालय ने इस मामले से जुड़े सभी बैंकों से तीन दिनों में रिपोर्ट मांगी है।
– इससे पहले 5 फरवरी को सीबीआई ने नीरव, उसकी पत्नी एमी, भाई निशाल और बिजनेस पार्टनर मेहुल चीनूभाई चौकसी के खिलाफ केस दर्ज किया था।

कर्मचारियों ने सिस्टम से धोखा किया

पीएनबी के एमडी ने कहा, “हमने माना है कि हमारे कर्मचारियों ने सिस्टम से धोखा किया है। इसलिए उनके खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। आप ये तय मानिए कि कोई भी कितना भी बड़ा क्यों ना हो, हम किसी को छोड़ने वाले नहीं हैं। ये हमारी साख का सवाल है। हमने एफआईआर दर्ज की हैं। आरोपी ग्रुपों के खिलाफ रेड चल रही हैं।”

“इस फ्रॉड से एनपीए से कोई लेना-देना नहीं है। यह बैंक स्टाफ के साथ साठगांठ करके धोखाधड़ी हुई है। वैसे ही जैसे बैंक स्टाफ की मदद से किसी के खाते से पैसा निकाल लेना। इसमें बैंक स्टाफ ने सिस्टम का पालन नहीं किया। जिन्हें लेटर ऑफ अंडरटेकिंग जारी करने का पावर नहीं था, उन्होंने जारी कर दी और ये रिकॉर्ड में भी नहीं है।”

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