Paytm ब्लैकमेलिंग: 85 लाख रूपये सैलरी लेती थी विजय शेखर की सेक्रेटरी सोनिया धवन

सोनिया का करियर रिकॉर्ड बहुत शानदार रहा है. उन्होंने जनवरी 2010 में पेटीएम ज्वाइन किया था. उन्होंने शुरुआत पेटीएम फाउंडर विजय शेखर की सेक्रेटरी के रूप में की थी. फिर वो कंपनी में लगातार तरक्की करती गईं.इस्राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद की मदद से पेटीएम के सीक्रेट डाटा चुराकर ब्लैकमेल करने के मामले का पर्दाफाश हुआ। इससे ही कंपनी की वाइस प्रेसिडेंट सोनिया धवन की संलिप्तता सामने आई। देश की बड़ी मोबाइल वॉलेट कंपनी पेटीएम के एमडी विजय शेखर के पास जब रंगदारी के लिए व्हाट्सएप व वर्चुअल नंबर से कॉल आने लगी तो उन्होंने इस्राइल के कुछ कस्टमर से मदद मांगी।

यह है मामला
पेटीएम फाउंडर विजय शेखर के भाई अजय शेखर ने सेक्टर-20 थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 20 सितंबर की शाम करीब 4 बजे वर्चुअल नंबर से एक फोन आया। इसमें कंपनी के डेटा को सार्वजनिक करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जा रहा था। इसके बाद उसी वर्चुअल नंबर से विजय शेखर के पास भी फोन आया था। इसमें भी यही धमकी दी गई थी और इसके एवज में 20 करोड़ रुपये की मांग की गई थी।
उनके कस्टमर ने वहां की खुफिया एजेंसी से संपर्क किया और एजेंसी के अधिकारियों ने वर्चुअल नंबर को डी कोड कर कॉलर के बारे में जानकारी दी। यह कॉलर कोलकाता का रोहित चोमल निकला। इसके बाद नोएडा पुलिस ने रोहित व उसके नेटवर्क की जांच की। इसके बाद पुलिस ने सोनिया धवन, उसके पति रूपक जैन और पेटीएम के कर्मचारी देवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को पुलिस ने तीनों को जिला अदालत में पेश किया गया जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में लुक्सर जेल भेज दिया गया है। वहीं, पुलिस टीम मामले में चौथे आरोपी रोहित की तलाश कर रही है।

20 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाली

डिजिटल ट्रांजेक्शन कंपनी पेटीएम ब्लैकमेलिंग मामले में मुख्य आरोपी सोनिया धवन पिछले महीने ही वाइस प्रेजिडेंट की पोस्ट पर प्रमोट किया गया था.पेटीए वन 97 कम्यूनिकेशन लिमिटेड के संस्थापक विजय शेखर शर्मा से 20 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाली कंपनी की वाइस प्रेसीडेंट सोनिया धवन का जबरदस्त रुतबा था। कंपनी के अंदर उसका सिक्का चलता था। बताया जाता है कि विजय शेखर कर विश्वास जीत लेने के कारण कंपनी के बड़े-बड़े अधिकारी उसके सामने बौने थे।सूत्र बताते हैं कि सोनिया धवन विजय शेखर से जुड़ने से पहले अंग्रेजी अखबार समूह में बिजनेस आपरेशन मैनेजर के पद पर तैनात थी। उसी दौरान वह पेटीएम वन 97 कम्यूनिकेशन लिमिटेड संस्थापक विजय शेखर शर्मा के संपर्क में आई। वर्ष 2010 जनवरी में सोनिया ने अखबार की दुनिया को अलविदा कह पेटीएम वन 97 का दामन जनवरी 2010 में ही थाम लिया। कंपनी में सेकेंडरी मीडिया कांट्रेक्ट के पद पर तैनात हुई।विजय शेखर शर्मा से नजदीकियों के चलते उसका पूरी कंपनी में होल्ड हो गया। मीडिया की सुर्खियों में बने रहने का उसको बहुत शौक था। यही कारण था कि वह आठ वर्ष की छोटी सी अवधि में कंपनी की उपाध्यक्ष पद पर पहुंच गई।विजय शेखर शर्मा की हर बिजनेस डील में सोनिया धवन जाया करती थी। आए दिन उसका सिंगापुर, हांगकांग व बंगलुरू का ट्रिप तैयार रहता था। यहीं नहीं जहां कहीं भी को अवार्ड सरेमनी होती, सोनिया धवन की उपस्थिति के बिना कोई भी कार्यक्रम विजय शेखर का नहीं होता था।यहां तक की मीडिया में प्रत्येक खबर के प्रकाशन पर भी सोनिया धवन की अनुमति के बिना नहीं होता है। चीन की सबसे बड़ी अलीबाबा कंपनी के साथ पेटीएम के संपर्क में लाने में सोनिया धवन की अहम भूमिका बताई जा रही है।

सोनिया को पेटीएम फाउंडर विजय शेखर शर्मा से 20 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. बता दें कि इसी कंपनी में पिछले आठ सालों में सोनिया की सैलेरी 7 लाख से बढ़कर 85 लाख सालाना तक पहुंच गई थी. सोनिया धवन, पति रूपक जैन और पेटीएम के एक अन्य एंप्लॉयी देवेन्द्र कुमार पर विजय शेखर शर्मा का निजी डेटा लीक कर ब्लैकमेलिंग का आरोप है. पुलिस ने फिलहाल तीनों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक ब्लैकमेलिंग का पूरा प्लान इन्हीं तीनों ने बनाया था और जब विजय के पास फिरौती का कॉल आया तो सोनिया लगातार सलाह देती रही कि मामले को न बिगाड़ते हुए ‘पेमेंट’ कर दिया जाना चाहिए.सोनिया का करियर रिकॉर्ड बहुत शानदार रहा है. उन्होंने जनवरी 2010 में पेटीएम ज्वाइन किया था. उन्होंने शुरुआत पेटीएम फाउंडर विजय शेखर की सेक्रेटरी के रूप में की थी. फिर वो कंपनी में लगातार तरक्की करती गईं. सोनिया इससे पहले टाइम्स इंटरनेट और केर्न इंडिया में बिजनेस आपरेशंस मैनेजर और कारपोरेट आफिसर के रूप में काम कर चुकी थीं. शुरुआती जांच में सामने आया है कि सोनिया ने ही देवेन्द्र के साथ मिलकर विजय के लैपटॉप से डेटा लीक किया था. हालांकि एक अन्य चौथे व्यक्ति के जरिये फिरौती की कॉल्स कराइ जा रही थीं. छानबीन में सामने आया है कि सोनिया ही इस शख्स को लगातार बता रहीं थीं कि क्या कहना है और इधर अपने बॉस को भी पैसे दे देने के लिए मना रही थीं. विजय ने भी पुलिस को बयान दिया है कि सोनिया लगातार कह रही थी कि ‘अभी पेमेंट कर दीजिए आप, क्या पता कैसा डेटा हो.’ पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने इस वारदात को प्रॉपर्टी खरीदने के मकसद से अंजाम दिया था. ये लोग करोड़ों रुपए की एक प्रॉपर्टी खरीदने के लिए मोलभाव भी कर रहे थे लेकिन इन तीनों के पास इतना पैसा नहीं था. कोर्ट ने मंगलवार को तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. सोनिया और देवेंद्र के घर से एक हार्ड डिस्क भी मिली है जिसमें कंपनी से जुड़ा काफी अहम डेटा है. जांच अधिकारी एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि दस साल पहले सोनिया ने पेटीएम में नौकरी शुरू की थी. उस वक्त सोनिया ने कंपनी में दस करोड़ की हिस्सेदारी मांगी थी. इस वजह से सोनिया खुद की कंपनी को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका मानती है. देवेंद्र और सोनिया ने दस साल पहले एक साथ इस कंपनी में नौकरी शुरु की थी. देवेंद्र का कंपनी में कोई प्रमोशन नहीं हुआ, जबकि सोनिया प्रमोशन पाकर शेखर की पर्सनल सेक्रेटरी बन गई थी.

 

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