हामिद अंसारी ने जाते-जाते सरकार पर कई सवाल खड़े किए, बोले -लोकतंत्र में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा जरूरी

नई दिल्ली. उप-राष्ट्रपति के पद से विदा हो रहे हामिद अंसारी ने जाते-जाते सरकार पर कई सवाल खड़े कर दिए. राज्यसभा टीवी को दिए एक इंटरव्यू में अंसारी ने कहा कि मुस्लिमों में बेचैनी का अहसास है. उनमें असुरक्षा की भावना घर कर रही है. स्वीकार करने का माहौल ख़तरे में है. भारतीय मूल्य, संस्थाएं कमज़ोर हो रही हैं. किसी की भारतीयता पर सवाल उठाना बेहद परेशान करने वाला है. बार-बार राष्ट्रवाद साबित करने की ज़रूरत नहीं है. मैं एक भारतीय हूं और यही काफ़ी है. इसके बाद बीजेपी और शिवसेना ने प्रतिक्रिया दी है.
उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का गुरुवार को कार्यकाल खत्म हो गया। राज्यसभा में स्पीच में उन्होंने कहा- लोकतंत्र में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा बहुत जरूरी है। इसके लिए उन्होंने राधाकृष्णन सर्वपल्ली के एक बयान का जिक्र किया। बता दें कि शुक्रवार को नए उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू कार्यभार संभालेंगे। इससे पहले नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के लिए विदाई स्पीच दी। उन्होंने कहा कि जब भी उनसे मुलाकात हुई, काफी कुछ जानने-समझने का मौका मिला।

 विदाई भाषण में अंसारी बोले, “डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने कहा था कि लोकतंत्र में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा जरूरी है। डेमोक्रेसी में उस वक्त अन्याय होता है जब अपोजिशन को मुक्त रूप से सरकार की नीतियों की आलोचना नहीं करने दी जाती। लेकिन ये भी सही है कि जिम्मेदारियों के बारे में पता होना चाहिए।”
– “राज्यसभा को केवल रोकटोक के लिए इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि आने वाले उपराष्ट्रपति बेहतर काम करेंगे।”
– “हमारा पद क्रिकेट के अंपायर या हॉकी के रेफरी की तरह है, जो बिना खेले केवल खेल देखता है।”
मोदी ने कहा- अंसारीजी, अपनी यादें छोड़कर जा रहे हैं
– नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के लिए विदाई स्पीच दी। उन्होंने कहा कि अंसारीजी, अपनी यादें छोड़कर जा रहे हैं। उनके किए गए कामों को याद किया जाएगा। उन्होंने एक डिप्लोमैट के रूप में करियर शुरू किया था और वो काफी शानदार रहा।
किस नेता ने क्या कहा?
– गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जिस तरह से आपने सदन को चलाया वह सराहनीय है| आपका यह कार्यकाल शानदार रहा।
– अरुण जेटली ने कहा, ” आज का दिन बहुत अहम है। हम इस सदन में आपके सभापति के तौर पर 10 साल का टेन्योर पूरा करने के बाद विदाई दे रहे हैं। आपके टेन्योर में काफी अच्छी चर्चा हुईं।
– एसपी मेंबर राम गोपाल यादव ने कहा- “अंसारी ने बिना किसी के भेदभाव के सदन को चलाया। कभी किसी भी कानून को बिना चर्चा के पास होने की मंजूरी नहीं दी। मैं आशा करता हूं कि अगले सभापति भी इस परंपरा को बनाए रखेंगे।”
– टीएमसी मेंबर डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि अंसारी योग करते हैं और अच्छी सेहत को बनाए रखने के लिए शाम को टहलने जाते हैं। वे पिछले 40 साल से लंच में सेंडविच खाते आ रहे हैं। यह वर्ल्ड रिकॉर्ड होना चाहिए।”
बीफ पर बैन पक्षपाती रवैया
 अंसारी ने कहा कि उन्होंने असहनशीलता का मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कैबिनेट सहयोगियों के सामने उठाया है . उन्होंने इसे ‘‘परेशान करने वाला विचार’’ करार दिया कि नागरिकों की भारतीयता पर सवाल उठाए जा रहे हैं. देश के उप-राष्ट्रपति होने के नाते संसद के उच्च सदन राज्यसभा के सभापति का पद भी संभाल रहे अंसारी ने कहा, ‘हां..हां . लेकिन उप-राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के बीच क्या बातें हो रही हैं, यह विशेषाधिकार वाली बातचीत के दायरे में ही रहना चाहिए.’ उन्होंने यह भी कहा कि अन्य केंद्रीय मंत्रियों के सामने भी उन्होंने इस मुद्दे को उठाया है.अंसारी ने बुधवार को राज्यसभा टीवी को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “बीफ पर बैन लगाना एक तरह से पक्षपाती रवैया है। मैं किसी राजनीतिक शख्स या दल के बारे में बात नहीं करूंगा, लेकिन जब भी कोई ऐसा कमेंट होता है, तो मैं कहूंगा कि वह शख्स नासमझ है या उसका पक्षपातपूर्ण रवैया है या फिर वह देश के उस खाके में फिट नहीं होता, जिस पर भारत को हमेशा गर्व होता है। सही मायने में तो हमारा समाज सबको समाहित करने वाला है।”
– अंसारी से पूछा गया था कि एक मुसलमान के रूप में वह ऐसे बयानों पर कैसा महसूस करते हैं? अंसारी का ये इंटरव्यू गुरुवार को टेलीकास्ट होगा।
– अंसारी ने ये भी कहा, “टॉलरेंस यह एक अच्छी खूबी है लेकिन यह काफी नहीं है। लिहाजा आपको टॉलरेंस से आगे बढ़ते हुए स्वीकार करने की राह पर बढ़ना होगा।”
– “हम टॉलरेंस के बारे में बात क्यों करते हैं? क्योंकि आप किसी उस बात को सहन करने की जरूरत महसूस करते हैं, जो शायद आपके हिसाब से नहीं है।”
 पहले इस्तीफा क्यों नहीं दिया : शिवसेना
हामिद अंसारी के बयान पर शिवसेना ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि अगर उन्हें मुस्लिमों में बेचैनी और असुरक्षा की भावना दिखती है तो इस विषय को लेकर उन्होंने पहले ही अपने पद से इस्तीफा क्यों नहीं दे दिया. अब जब वह जा रहे हैं, तब इस तरीके का बयान दे रहे हैं. उनको पहले ही इस्तीफा देकर जनता के बीच में जाना चाहिए था. यह मुसलमानों की अंतरआत्मा की आवाज नहीं है. यूपी में मुसलमानों ने बीजेपी को वोट दिया है. इस तरह की बात करके उनके मन में भ्रम न पैदा करें.मुसलमानों के लिए भारत से अच्छा कोई देश नहीं : बीजेपी
बीजेपी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा है कि मुसलमानों के लिए पूरी दुनिया में भारत से अच्छा कोई देश नहीं है और न हिंदुओं से बेहतर कोई दोस्त.

कौन हैं हामिद अंसारी?
– हामिद अंसारी का जन्म कोलकाता में 1 अप्रैल, 1937 को हुआ था। अंसारी की पढ़ाई सेंट एडवर्ड्स हाई स्कूल, शिमला, सेंट जेवियर्स कॉलेज, कोलकाता और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हुई।
– वे भारतीय अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन रहे। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में वाइस चांसलर की जिम्मेदारी भी संभाली।
– 10 अगस्त, 2007 को भारत के 13वें उपराष्ट्रपति चुने गए थे। उन्होंने लगातार दो टर्म तक यह जिम्मेदारी संभाली।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »