PAK के पूर्व NSA बोले,मुंबई अटैक पाक आतंकियों ने अंजाम दिया

नई दिल्ली.26/11 मुंबई अटैक पर पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) महमूद अली दुर्रानी ने बड़ा खुलासा किया।सोमवार को 19th एशियन सिक्युरिटी कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए उन्होंने कहा, ”मुंबई हमलों को पाकिस्तान के एक आतंकी संगठन ने अंजाम दिया था। यह हमला ट्रांस-बॉर्डर टेररिस्ट इवेंट का उदाहरण है।” दुर्रानी ने कहा कि हाफिज सईद हमारे किसी काम का नहीं है, हमें उसके खिलाफ एक्शन लेना चाहिए।

कॉन्फ्रेंस में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा, ‘‘आतंकवाद निश्चित रूप अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है। दुनिया के सभी देशों को इसे साझा जवाब देने की जरूरत है। अफगानिस्तान और भारत पिछले कई दशकों से प्रॉक्सी वॉर झेल रहे हैं।”
– बता दें कि हमले के पीछे पाकिस्तान अपने देश के किसी आतंकी का हाथ होने से इनकार करता रहा है। भारत ने लश्कर चीफ हाफिज सईद के खिलाफ हमलों से जुड़े सबूत सौंपे थे, तब पाकिस्तान ने इन्हें मानने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने उसे सबूतों की कमी के चलते रिहा कर दिया था।
 कब और कैसे हुआ था हमला?
– 26 नवंबर, 2008 की रात पाकिस्तान से समुद्र के रास्ते आए 9 आतंकियों ने मुंबई के कई इलाकों में हमला किया। सिक्युरिटी फोर्सेस के साथ आतंकियों की 60 घंटे तक लड़ाई चली।इसमें 166 लोगों की जान गई।
– हथियारों से लैस आतंकियों ने मुंबई की सड़कों, ताज होटल, सीएसटी रेलवे स्टेशन, नरीमन हाउस, कॉमा हॉस्पिटल जैसे फेमस इलाकों में खूनी खेल खेला था। आतंकियों ने मुंबई होटल ताज को अपने कब्जे में ले लिया था।
– आतंकी अजमल कसाब को जिंदा पकड़ा गया था। बाकी 8 को सिक्युरिटी फोर्सेस के जवानों ने मार गिराया। इन सभी आतंकियों को पाकिस्तान के कैंपों में ट्रेनिंग दी गई थी। हमले के दौरान आतंकियों को पाकिस्तान में बैठे हैंडलर से ऑर्डर मिल रहे थे।
– लश्कर चीफ हाफिज सईद को हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता है।
2012 में कसाब को दी गई फांसी
– मुश्किल ऑपरेशन में सीएसटी स्टेशन पर गोलियां बरसाने वाले कसाब को जिंदा पकड़ लिया गया था। कोर्ट ने उसे फांसी की सजा सुनाई थी। 21 नवंबर, 2012 को पुणे की यरवदा जेल में कसाब को फांसी दी गई।

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