सांसद चौधरी मुनव्वर सलीम का PA जासूसी रैकेट में पकड़ा गया

farhatपाकिस्तानी हाई कमीशन से चल रहे जासूसी रैकेट में शामिल चौथे आरोपी फरहत को शनिवार को यूपी से पकड़ा गया। दिल्ली पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। आरोपी सपा के राज्यसभा सांसद चौधरी मुनव्वर सलीम का PA बताया जा रहा है।इस मामले में पाकिस्तानी उच्चायोग के एक कर्मचारी को भारत से पहले ही निष्कासित किया जा चुका है और तीन अन्य को गिरफ्तार किया गया है. अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सपा के राज्यसभा सांसद मुनव्वर सलीम के पीए फरहत को शनिवार रात हिरासत में लिया गया और उससे पूछताछ की जा रही है.बता दें कि गुरुवार को दिल्ली चिड़ियाघर के पास पुलिस ने हाई कमीशन के वीजा अफसर महमूद अख्तर समेत तीन जासूसों को पकड़ा था। महमूद आईएसआई का एजेंट था, जिसे जासूसी के मकसद से भारत भेजा गया था।
मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में रहने वाले है मुनव्वर सलीम
पाक जासूस कांड में पीए की गिरफ्तारी के बाद समाजवादी पार्टी के सांसद चौधरी मुनव्वर सलीम की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। समाजवादी पार्टी के सांसद ने विदिशा में मीडिया से कहा कि राज्यसभा, दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस के वेरिफिकेशन के बाद उन्होंने पीए फरहत की नियुक्ति की थी।मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में रहने वाले मुनव्वर सलीम ने बताया कि, फरहत की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने राज्यसभा सचिवालय को सूचित कर उसे तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है।
विदिशा और दिल्ली दोनों जगहों पर उनका घर धर्मशाला
सांसद सलीम ने कहा, ‘मैं सिर्फ यह कह सकता हूं कि लगभग 11 महीने पहले फरहत को पीए की हैसियत से मौका दिया था। मौका देने से पहले राज्यसभा सचिवालय से सभी तरह की जांच हुई थी। दिल्ली पुलिस और यूपी पुलिस ने भी जांच की थी।’फरहत की गिरफ्तारी पर बेहद सधी हुई प्रतिक्रिया देते हुए सपा सांसद ने कहा कि, विदिशा और दिल्ली दोनों जगहों पर उनका घर धर्मशाला की तरह है, जहां बहुत सारे लोग आते रहते हैं। मुझे इस बात का अफसोस है कि इस तरह का आदमी कैसे मेरी जिंदगी में शामिल हुआ। पूरे मामले की जांच होना चाहिए।उन्होंने बताया कि टीवी रिपोर्ट्स से ही उन्हें फरहत की गिरफ्तारी की सूचना मिली है। सपा सांसद ने कहा कि जांच में उनका पूरा सहयोग रहेगा। मुल्क से गद्दारी करने वाले गुनेहगार को सजा जरूर मिलना चाहिए।
 मुन्नवर सलीम ने फरहत के डॉक्यमेंट्स कैंसिल करने की मांग की
-फरहत को हिरासत में लिए जाने के बाद राज्यसभा सांसद और सपा नेता मुन्नवर सलीम ने राज्यसभा महासचिव को चिट्ठी लिखकर कहा है कि उन्होंने फरहत को निकाल दिया है।
-मुन्नवर सलीम ने राज्यसभा महासचिव से मांग की है कि फरहत से जुड़े सारे डॉक्यूमेंट्स को कैंसिल किया जाए।
-अपने लेटर में उन्होंने कहा, ‘दूरदर्शन पर न्यूज के जरिए मुझे पता चला कि मेरे पीए फरहत खान को जासूसी के आरोप में दिल्ली पुलिस ने अरेस्ट किया है।
-सलीम का कहना है कि उन्होंने फरहत को एक साल पहले राज्यसभा द्वारा कराए गए सारे कैरेक्टर वैरिफिकेशन के बाद ही नौकरी दी थी।
भारत में जासूसी का नेटवर्क फैलाने वाला शोएब 6 बार जा चुका है पाकिस्तान
– होम मिनिस्ट्री के एक अफसर का दावा है कि हाई कमीशन में बैठकर अख्तर देश के समुद्री इलाकों की जानकारियां जुटा रहा था। मकसद गुजरात और महाराष्ट्र में समुद्र से सटे इलाकों में 26/11 जैसा हमला कराना था।
– भारत में पाकिस्तान के लिए बीएसएफ की जानकारी जुटा रहे जासूस मौलाना रमजान और सुभाष जांगिड़ के पास से गुजरात-राजस्थान में फोर्स की तैनाती की डिटेल मिली थी।
– दिल्ली के ज्वाइंट सीपी रवींद्र यादव ने शुक्रवार को कहा, ”अरेस्ट तीनों जासूसों के अलावा कुछ और लोग भी इस नेटवर्क में शामिल हो सकते हैं। उन्हें ट्रेस कर लिया गया है, जल्द ही उनके ठिकानों पर रेड होगी।”
– ”शोएब जोधपुर में वीजा एजेंट का काम करता है। उसकी मां और फैमिली के कई मेंबर पाकिस्तान में रहते हैं। दिल्ली में पाक हाई कमीशन के साथ बॉर्डर पार भी उसकी पकड़ मजबूत है। 4 साल से जासूसी में शामिल है और 6 बार पाकिस्तान जा चुका है।”
– ”शोएब के पास से कुछ खुफिया दस्तावेज और फैबलेट मिला है। जिसे उसने गिरफ्तारी से पहले तोड़ने की कोशिश की थी।”
वॉट्सऐप से कॉल करते थे जासूस
– एक सीनियर अफसर ने बताया, ”क्राइम ब्रांच ने मौलाना और सुभाष के मोबाइल कब्जे में लिए हैं। जांच में पता चला है कि अख्तर से बात करने के लिए वे ज्यादातर वॉट्सऐप पर वॉइस कॉल करते थे।”
– ”कभी-कभी नॉर्मल कॉल पर भी इन लोगों के बीच बातचीत होती थी। ये कोडवर्ड में बात करते थे। टीम 6 महीने से इन पर नजर रख रही थी।
– अख्तर हर महीने दिल्ली के कई पब्लिक प्लेस में मौलाना और सुभाष से मिलता था, जहां उनके बीच खुफिया डिटेल और पैसों का लेन-देन होता था।
– ”मौलाना रमजान और सुभाष जांगिड़ को खुफिया जानकारी पाक हाई कमीशन में तैनात आईएसआई एजेंट अख्तर को देने के बदले 30 से 50 हजार रुपए मिलते थे।”
पर्दाफाश से जुड़े 5 बड़े डेवलपमेंट
1. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस रैकेट का सरगना महमूद अख्तर था जो ढाई साल से पाक हाई कमीशन में तैनात था। वह पाकिस्तान आर्मी की बलूच रेजीमेंट रह चुका है। तीन साल पहले आईएसआई ने उसे रिक्रूट किया था और जासूसी के मकसद से ही उसे भारत भेजा था। उसके पास से फर्जी आधार कार्ड भी मिला है, जो उसने चांदनी चौक के एक ऐड्रेस पर बनवा रखा था।
2.मौलाना और सुभाष के साथ सीक्रेट डॉक्युमेंट्स का लेनदेन करने के लिए 26 अक्टूबर की सुबह 10 बजे अख्तर दिल्ली के चिड़ियाघर में पहुंचा था, जहां से तीनों को पकड़ा गया।
3. हालांकि डिप्लोमैटिक इम्युनिटी के चलते अख्तर को पाक हाई कमीशन के सुपुर्द किया गया। गुरुवार को भारत ने उसे 48 घंटे में देश छोड़ने का अल्टीमेटम दिया। पाकिस्तान का कहना है कि अख्तर पर गलत आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने जासूसी रैकेट में शामिल होने के अख्तर के कबूलनामे की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की है।
4. ये सभी बॉर्डर एरिया में फोर्स मूवमेंट की जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाते थे।
असेंबली इलेक्शन भी लड़ चुका है एक आरोपी
– पुलिस के मुताबिक, जोधपुर में शोएब वीजा-पासपोर्ट का काम करता है। उसने पहले मौलाना को अपने साथ जोड़ा। वह मदरसे में बच्चों को पढ़ाता है।
– इसके बाद मौलाना ने पैसों का लालच देकर सुभाष जांगिड़ को अपने साथ मिला लिया। दोनों राजस्थान के नागौर के रहने वाले हैं।
– चौंकाने वाली बात यह है कि जासूस सुभाष ने नागौर के खींवसर असेंबली सीट से पिछला इलेक्शन लड़ा था।
– एमएलए हनुमान बेनीवाल के खिलाफ इंडिपेंडेंट कैंडिडेट के तौर पर उसने 1939 वोट हासिल किए थे। इस बात की पुष्टि खुद बेनीवाल ने की।
– पुलिस का कहना है कि अख्तर के लिए शोएब ही भारत में कई जगहों पर पाकिस्तान के लिए जासूस को रिक्रूट करता है।
महमूद का दावा ISRO के ऑफिसर ने दी उसे जानकारी
-मीडिया की खबरों के मुताबिक महमूद अख्तर ने पुलिस से पूछताछ में दावा किया है कि उसे खुफिया जानकारी इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) के एक ऑफिसर से मिली है।
-पुलिस सूत्रों का कहना है कि अख्तर की पूछताछ का वीडियो गुरूवार को उसे हाई कमीशन के अधिकारियों को सौंपने से पहले बनाया गया था।
-एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘अख्तर से जब उसके इनफॉर्मर और सोर्स के बारे में पूछा गया था तो उसने पाकिस्तान हाई कमिशन में काम कर रहे एक और ISI का एजेंट का नाम बताया। इसके साथ ही इसरो के एक अधिकारी का भी नाम बताया जिसने बेहद सैंसटिव जानकारी उसे दी।’
-पुलिस सूत्रों के मुताबिक अख्तर ने पाकिस्तान हाई कमीशन के आठ अधिकारियों का नाम लिया है। जिनके बारे में उसका दावा है कि उन्हें ISI ने ट्रेनिंग दी है।
-सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान ही पाक हाई कमीशन के अधिकारी चाणक्यपुरी स्थित दिल्ली पुलिस के इटर स्टेट सेल ऑफिस पहुंच गए।
-पुलिस का कहना है कि अख्तर से कुछ ही समय के लिए पाक अधिकारियों के सामने पूछताछ की गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »