मध्यप्रदेश के 7 IAS अब नहीं जा पाएंगे प्रतिनियुक्ति पर,दीपक खांडेकर का केंद्र जाना तय

 भोपाल। प्रदेश के सात सीनियर आईएएस अफसर अब भारत सरकार में प्रतिनियुक्ति पर कभी नहीं जा सकेंगे। ये अधिकारी सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम से बाहर हो गए हैं। वहीं अपर मुख्य सचिव वन का केन्द्र में जाने के लिए फरवरी में आदेश आने की संभावना है।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने से दूरी बनाए रखने वाले छह आईएएस अधिकारियों को अब आगे कोई मौका नहीं मिलेगा। ये अधिकारी अपर मुख्य सचिव वित्त अजित प्रकाश श्रीवास्तव, एसीएस नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण रजनीश वैश्य, अपर मुख्य सचिव गृह केके सिंह और अपर मुख्य सचिव जेल विनोद सेमवाल हैं। इनके अलावा दो और वरिष्ठ अफसर हैं। आईएएस रमेश थेटे का भी केन्द्र में जाने की संभावनाएं लगभग समाप्त हो गई हैं।
खांडेकर को करना होगा इंतजार
एसीएस वन दीपक खांडेकर का केंद्र जाना तय हो गया है।।  उनके नाम का आदेश जनवरी में आने की उम्मीद की जा रही थी लेकिन अब फरवरी के पहले सप्ताह तक आने की संभावना है।  खांडेकर सहित अन्य राज्यों के पांच आईएएस अफसरों की पोस्टिंग भी फरवरी में होने की संभावना है। सूत्रों की माने तो खांडेकर की पोस्टिंग को लेकर भारत सरकार ने मंत्रालय का नाम तय कर लिया है।
ये है गाइड लाइन
करीब 15 साल पहले प्रशासनिक सेवा के अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर सीधे चले जाते थे। बाद में केन्द्र सरकार ने प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम बनाई। इसके अन्तर्गत गाइड लाइन बनाई गई कि जो अधिकारी केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर दूसरी बार जाना चाहेगा उसे पहले संचालक, उप सचिव या संयुक्त सचिव के किसी एक पद पर पांच साल तक काम करने का अनुभव होना चाहिए। चूंकि राज्य के छह आईएएस कभी भी केन्द्र में पदस्थ नहीं रहे हैं जिससे उन्हें सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम के दायरे के अयोग्य मान लिया गया है।

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