यूपी में मनचलों पर नकेल कसने वाली डॉ. मीनाक्षी जिन्होंने डॉक्टर बनने के बाद आईपीएस चुना

लखनऊ. यूपी में मनचलों पर नकेल कसने के लिए हर जिले में एंटी रोमियो स्क्वॉड का गठन किया गया है। सभी जगह टीम को एक आईपीएस लीड कर रही हैं। हम आपको आईपीएस डॉ. मीनाक्षी के बारे में बता रहे है, जिन्होंने डॉक्टर बनने के बाद इस प्रोफेशन को चुना। मीनाक्षी ने इंटरव्यू के दौरान पूछे गए कुछ सवालों को भी शेयर किया।

कर्फ्यू के दिन घर से निकली थी ये लेडी…

मीनाक्षी कहती हैं- दिल्ली में मेडिकल की तैयारी के दौरान मेरी मुलाकात वाराणसी के रहने वाले संकट मोचन से हुई थी। हमारे विचार मिलते थे, इसलिए MBBS करने के बाद हमने शादी कर ली।

– इन्होंने बताया- रांची के डीपीएस इंटर कॉलेज से हाईस्कूल और 12वीं पास किया। मुझे आज भी वो दिन याद है जब साल 2002 में शहर में कर्फ्यू लगा था। मुझे मेडिकल प्रीपेशन के लिए दिल्ली निकलना था।
– फैमिली मेंबर्स निकलने से मना कर रहे थे। इसके बावजूद मैं पापा के साथ निकल गई। दिल्ली में कोचिंग के बाद 2010 में सिक्क‍िम से MBBS किया।
– इसके बाद दिल्ली के राम मनोहर लोहिया इंस्टीटूयट से इंटर्नशिप किया। होली फैमिली हॉस्पिटल में कुछ दिन नौकरी करने के बाद एम्स में सीनियर रिसर्च फेलो की पोस्ट पर रही। इस दौरान कैंसर प्रोजेक्ट पर काम करने का मौका मिला। एड्स एंड कैंसर पेशेंट पर 8 महीने वर्क किया।
– इसके बाद डब्लूएचओ में सर्विलांस मेडिकल ऑफिसर के पद पर रहते हुए बिहार के बेगूसराय जिले में फील्ड वर्क किया।ऐसे लिया डॉक्टर से आईपीएस बनने का फैसला

– डॉ. मीनाक्षी कहती हैं- दिल्ली में मेडिकल की तैयारी के दौरान मेरी मुलाकात वाराणसी के रहने वाले संकट मोचन से हुई। हमारे विचार एक-दूसरे से मिलते थे। इसलिए MBBS करने के बाद जब मैं दिल्ली लौटी, तब हमने शादी कर ली।

– शादी के बाद हमने अपना खर्च खुद ही उठाना शुरू किया। मैं नौकरी कर रही थी, जबकि वो एम्स एनाटोमी में रिसर्च कर रहे थे। बेगुसराय से मेरा ट्रांसफर रोहिणी अस्पताल में ब्लड बैंक में हो गया। इसके बाद पति ने मुझे आईपीएस बनने के लिए प्रेरित किया और मैंने आईपीएस बनने की ठान ली।
– 2013 में मैंने एग्जाम की तैयारी शुरू की और पहले अटेम्पट में 2014 में सफल हो गई।
– दिल्ली आने के बाद मैं कभी घर लौटकर नहीं गई थी। लेकिन आईपीएस बनने के बाद कर्फ्यू के दिन बाद मैं पहली बार अपने घर गई।
– मीनाक्षी बताती हैं- कड़ी ट्रेनिंग के बाद मुझे गाजियाबाद में एएसपी के पद पर पहली पोस्टिंग मिली। 6 महीने बाद लखनऊ में एएसपी तैनात हुई। राजधानी में एंटी रोमियो अभियान को लीड कर रहीं हैं।

इंटरव्यू में पूछे गए सवाल….
सवाल: शराब पीकर विधायक का लड़का अगर एक्सीडेंट कर देगा, तो आप क्या कार्रवाई करेंगी?
जवाब: रूल्स ऑफ लॉ, अगर वो दोषी है, अगर उसने ट्रैफिक के नियमों का उल्लंघन किया है, तो उस पर नियम का पालन न करने पर कार्रवाई की जाएगी। शराब पीने के कारण अगर उसने जान को खतरा पहुंचाया, तो रूल्स ऑफ लॉ की कार्रवाई की जाएगी, चाहे वो कोई भी हो।
सवाल: कंपनी में अगर किसी महिला के साथ कोई सेक्शुअल हैरासमेंट का मामला होता है, तब कौन सी कार्रवाई करेंगी?
जवाब: हर ऑफिस में सेक्शुअल हैरासमेंट के लिए विशाखा कमेटी होती है, जो आरोपों की जांच कर कार्रवाई करते हैं। अगर महिला विशाखा कमेटी की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है या विशाका कमेटी से पहले अगर महिला पुलिस के पास आती है तो उसके आरोप की जांच कर विशाखा कमेटी को फॉलो करेंगे। संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई जाएगी।

सवाल: कैसे लोग असंवेदनशील होते जा रहे हैं, सड़क पर कोई एक्सीडेंट या घायल को देखने के बाद भी राहगीर देखकर चले जाते हैं, ऐसा क्यों हो रहा हैं, इस पर आपका क्या कहना हैं?

जवाब: किसी एक्सीडेंट के बाद पीड़ि‍त को उपचार मिल जाए, इसके लिए जनता को थोड़ा संवेदनशील होना पड़ेगा। पुलिस एक्ट की जो कार्रवाई होगी वो तो होगी, लेकिन जनता को संवेदनशील होकर मदद के लिए आना चाहिए।

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