छत्तीसगढ़ के IPS ने सरकारी स्कूल में कराया बेटी का एडमिशन

रायपुर,  छत्तीसगढ़ /आज के समय में अमीर और उचे पद पर बेठे लोग अपने बच्चों को एक अच्छे से अच्छे स्कूल में पढ़ाना पसंद करते हैं. लेकिन जब कोई एक आईपीएस अधिकारी अपने बच्चे का दाखिला एक सरकारी स्कूल में कराता है तो इससे बड़ी मिसाल सायद ही कुछ और हो सकती हो. जी हां ये मामला छत्तीसगढ़ राज्य से है जहां आईएएस और आईपीएस अफसर अब अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में कराने की दिलचस्पी ले रहे हैं.

तो वही अब एक मामला छत्तीसगढ़ के स्पेशल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरों के एसपी डी. रविशंकर का है. बता दें कि रायपुर में पदस्थ डी. रविशंकर ने अपनी बेटी दिव्यांजलि का दाखिला उसी शहर के शांति नगर स्थित एक सरकारी प्राइमरी स्कूल में कराया है. उन्होंने अपनी बेटी दिव्यांजलि का दाखिला कक्षा दूसरी में कराया है. भारी-भरकम फीस के साथ ग्लैमरस माहौल देने के लिए मशहूर हो रहे निजी स्कूलों से तौबा कर ली बता दें कि इससे पहले छत्तीसगढ़ के ही बलरामपुर जिले के कलेक्टर अविनाश शरण ने भी अपनी बेटी वेदिका का दाखिला सरकारी स्कूल में कराकर एक नई पहल शुरु की थी. इसके बाद संसदीय सचिव शिवशंकर पैकरा ने अपने बेटे का दाखिला पत्थलगांव के एक सरकारी स्कूल में कराया था.

इलाहाबाद हाईकोर्ट दे दाखिलें पर दिया था आदेश

 स्कूलों में दाखिला से सम्बंधित लगभग दो साल पहले इलाहबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा था कि नौकरशाहों, नेताओं और सरकारी खजानों से वेतन और मानदेह पाने वाले प्रत्येक मुलाजिम के बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाना अनिवार्य किया जाए. इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान किया जाने की बात भी अदालत ने की थी. इस फैसले के बाद देश में सरकारी स्कूलों की दुर्दशा को लेकर बहस छिड़ गई थी. लेकिन हुआ कुछ नहीं, हालांकि छत्तीसगढ़ के अधिकारी इस फैसले से प्रेरित होकर अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों का रास्ता दिखा रहे हैं.

मिड डे मील और गरीब तबके लिए फेमस सरकारी स्कूलों पर अब उच्च वर्ग का भी विश्वास बढ़ता जा रहा है।
इनका मानना है कि यहां भी अच्छे शिक्षक हैं और अच्छी पढ़ाई होती है। बस भरोसे की जरूरत है।
– इन्होंने अपनी बेटी दिव्यांजलि का दाखिला दूसरी कक्षा में कराया है।
– ध्यान देने वाली बात है कि डी रविशंकर कवर्धा एसपी हैं और उनकी फैमिली रायपुर में ही रहती है।

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पत्थलगांव से विधायक और संसदीय सचिव शिवशंकर साय पैंकरा ने भी अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूल में करा दिया था।
– उनका कहना है कि मैंने खुद सरकारी स्कूल में पढ़ाई की है और बीई की डिग्री हासिल की है। मेरी दो बच्चियां भी सरकारी स्कूल में ही पढ़ी हैं और उनका चयन केंद्रीय विद्यालय में हुआ।
– उन्होंने कहा कि जब तक बच्चों की पकड़ अपनी खुद की भाषा पर नहीं होगी, तो माइंड डेवलप कैसे होगा।
– इस कारण से ही मैंने अपने पुत्र कार्तिकेय पैकरा को भी अपने गांव के सरकारी प्राथमिक शाला में प्रवेश दिलवाया है।
– उनका कहना है कि इस साल जशपुर के सरकारी स्कूल के चार बच्चों ने टॉप किया है। प्रदेश में सर्वाधिक जशपुर के सरकारी स्कूल के ही 35 बच्चों ने जेईई मेन्स परीक्षा पास की।

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