IAS अफसर हर्षिका के साथ अभद्रता, महिला अधिकारी के लिए मांगी सुरक्षा

भोपाल. जबलपुर में जिला पंचायत की सीईओ और आईएएस अधिकारी हर्षिका सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष मनोरमा पटेल के बीच विवाद सामने आया है। हर्षिका सिंह ने कलेक्टर छवि भारद्वाज को भेजी शिकायत में आरोप लगाया है कि मनोरमा पटेल ने उनके साथ न केवल अभद्रता व झूमा-झटकी की, बल्कि आपत्तिजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया। बताया जा रहा है कि सोमवार को हुई सामान्य प्रशासन समिति की बैठक में यह वाकया हुआ। मंगलवार को यह मामला शासन तक पहुंच गया।

जानकारी के अनुसार, पनागर क्षेत्र के रिठाैरी में मध्यान्ह भोजन का ठेका वर्तमान में जिस समूह महालक्ष्मी ग्रुप के पास है, उसे हटवाकर अध्यक्ष दूसरे को यह काम देने का सुझाव दे रहीं थीं। सीईओ ने कहा कि जिस समूह को ठेका दिलाने की बात की जा रही है वह अपात्र है। इसके बाद अध्यक्ष और सीईओ के बीच जमकर बहस हुई। घटना के बाद हर्षिका अन्य अफसरों के साथ पहले कलेक्टर छवि भारद्वाज और बाद में कमिश्नर आशुतोष अवस्थी से मिलीं। कलेक्टर छवि का कहना है कि यह पूरा केस उनकी जानकारी में है। सभी पक्षों से जानकारी लेने के बाद केस कमिश्नर के पास कार्रवाई के लिए भेजेंगे।

पीएस ने होम को किया फारवर्ड, मांगी सुरक्षा

हाल में ब्यूरोक्रेसी की पेचीदगियों पर एक अंग्रेजी अखबार में आलेख लिखकर चर्चा में आईं जनजातीय कार्य विभाग की आयुक्त दीपाली रस्तोगी ने विभाग के पीएस एसएन मिश्रा को पत्र लिखकर विभाग की ही एक महिला अधिकारी को सुरक्षा मुहैया करवाने की मांग की है। कुछ दिन पहले विभाग में उपायुक्त सीमा सोनी को चार इमली में उनके निवास के पास दो युवकों ने धमकाया था। मिश्रा ने पत्र मिलने के बाद तत्काल इसे गृह विभाग को फारवर्ड कर दिया। अब यहां से पत्र को डीजीपी को भेज दिया गया है।

जनजातीय कार्य विभाग में उपायुक्त सीमा सोनी का निवास चार इमली में है। 27 जून को वे अपने घर के बाहर टहल रहीं थी। इस दौरान दो युवक बाइक से आए और उन्हें धमकाते हुए कहा कि अगर अपर आयुक्त संजय वार्ष्णेय को बहाल नहीं किया तो उन्हें देख लेंगे। इसके बाद उन्होंने घटना के अगले दिन 28 जून को हबीबगंज थाने में मामला दर्ज करवाया। इस घटना के बाद सीमा सोनी ने घटना की लिखित जानकारी आयुक्त दीपाली रस्तोगी को दी।

किसानों से विदिशा कलेक्टर बोले- अलादीन का चिराग होता तो खातों में राशि जमा करा देता

मंगलवार को जनसुनवाई में बरखेड़ा गंभीर गांव के कई किसान सूखा राहत राशि न मिलने की समस्या लेकर पहुंचे। इनसे पहले तो कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि आप परेशान न हो 15 दिन के अंदर खाते में राशि पहुंचा दी जाएगी। किसानों ने कहा कि दो-तीन महीने से इंतजार कर रहे है। कलेक्टर ने झुंझलाते और व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि यदि उनके हाथों में अलादीन का चिराग होता तो अभी खाते में राशि डलवा देता। कलेक्टर के बोल से किसान स्तब्ध रह गए। ये भी बोले- राशि वितरण के लिए अखबार में इश्तेहार देंगे, यदि किसी को न मिले तो चले आना।

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