हिमाचल के डीजीपी की नई पहल, बोले- हर शिकायत 10 दिन में निपटाए पुलिस

शिमला. हिमाचल पुलिस ने जनता की शिकायतों के निपटारे के लिए नई पहल शुरू की है। इसके तहत पुलिस थाना, एसपी लेवल और पुलिस मुख्यालय स्तर के लिए अलग-अलग दिन तय कर दिए गए हैं। अब इन तय तिथियों के अनुसार ही जनता की हर शिकायत को निपटाना होगा।डीजीपी की ओर से जारी ऑर्डर के मुताबिक पुलिस थाना स्तर पर जनता की हर शिकायत 10 दिन में निपटानी होगी। तय अवधि में शिकायतें न निपटाने पर थाना प्रभारी यानि एसएचओ जवाबदेह होंगे। एसपी लेवल पर शिकायतों के निपटारे के लिए 12 दिन और पुलिस मुख्यालय स्तर पर 15 दिन तय किए गए हैं।

डीजीपी संजय कुमार ने लॉ ब्रांच, तीन रेंज के आईजी समेत जिला पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि शिकायतों के निपटारे के लिए इन नई पहल को सख्ती से लागू करवाएं, ताकि शिकायतें लेकर आने वाले लाेगों को भटकना नहीं पड़ेगा। जनता की शिकायतों के निपटारे के बाद इसकी रिपोर्ट एसएचओ, एसडीपीओ, एसपी को ऑनलाइन भी देनी होगी। सीसीटीएनएस मॉड्यूल के तहत ऑनलाइन रिप्लाई किया जा सकता है।
 शिकायतकर्ता को भटकना न पड़े, इसलिए लागू की पहल
शिकायतकर्ता को इंसाफ के लिए भटकना न पड़े, इसलिए प्रदेश पुलिस ने जनता के हित के लिए यह पहल लागू की है। अब तक किसी शिकायत को लेकर पुलिस थाना, एसपी या फिर पुलिस मुख्यालय आने वाले शिकायतकर्ता को लंबा इंतजार करना पड़ता था। लेकिन अब इस नई पहल के तहत उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा और जल्द राहत मिलने की उम्मीद जगी है। पुलिस थानों में कई ऐसे छोटे-छोटे मामले भी आते हैं, जिनको निपटाने में भी काफी समय लगाया जाता है। ऐसे में झगड़ों में फंसे लोगों को थानों के कई बार चक्कर लगाने पड़ते हैं।
क्राइम बैठक में डीजीपी लगा चुके हैं अफसरों की क्लास
18 फरवरी को पुलिस मुख्यालय में क्राइम मीटिंग हुई थी। प्रदेश स्तर की इस क्राइम मीटिंग में प्रदेश पुलिस प्रमुख (डीजीपी) संजय कुमार ने साल भर आए मामलों का रिव्यू किया था। रिव्यू के दौरान जनता की शिकायतें न निपटाने पर डीजीपी ने अफसरों की क्लास लगाई थी। बैठक में सामने आया था कि जनता की शिकायतों को निपटाने को अफसर गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। ऐसे में शिकायतों के ढेर लगे हैं। शिकायतें निपटाने में पुलिस अफसरों के फेल रहने पर डीजीपी ने कड़ी चिंता जताई थी।
 समस्या के समाधान के आते हैं लोग
डीजीपी ने कहा कि लोग पुलिस के पास समस्या के समाधान की आशा से आते हैं। अगर अफसर ऐसी लापरवाही करेंगे, तो उन्हें कैसे समय पर इंसाफ मिल पाएगा। भविष्य में जनता की शिकायतों के निपटारे में इस तरह की लापरवाही सामने न आए, इसके लिए डीजीपी ने अफसरों को हर समस्या के निपटारे के लिए समय तय करने के निर्देश भी दिए थे।

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