सवाल उठाने वाली IAS दीपाली रस्तोगी को नोटिस, एक हफ्ते में मांगा जवाब

 हालांकि इसके पहले अटकलें लगायी जा रही थी कि सरकार इस मामले को तूल न देकर ठंडे बस्ते में डालने की तैयारी कर रही है, लेकिन मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद सीएम शिवराज सिंह ने इस मामले में आईएएस दीपाली रस्तोगी को जवाब तलब करने के लिए कहा है, मंत्रालय सूत्रों की मानें तो इस मामले में दीपाली रस्तोगी पर कोई बड़ी कार्रवाई के आसार नहीं है, लेकिन सरकार ने नोटिस इसलिए जारी किया है कि कहीं और भी अफसर इस तरह से सरकारी योजनाओं और नीतियों की आलोचना कर सवाल खड़े न कर सकें।गौरतलब है कि महिला आईएएस दीपाली रस्तोगी मध्यप्रदेश आदिम जाति कल्याण विभाग में कमिश्नर पद पर पदस्थ हैं। एक अंग्रेजी अखबार में एक अप्रैल को उनका लेख प्रकाशित हुआ था, जिसमें ओडीएफ को लेकर उन्होंने सवाल खड़े किए थे और योजना में कमियों और परेशानियों को लेकर अपने विचार रखे थे। उनके इस लेख के प्रकाशित होते ही हंगामा खड़ा हो गया और ये माने जाने लगा कि उन्होंने लेख के जरिए पीएम मोदी की योजना पर सवाल खड़े किए हैं। इस मामले में सरकार पर कार्रवाई का दबाव बना, लेकिन सरकार को फैसला लेने में करीब 10 दिन का वक्त लग गया। इस लेख में उन्होंने योजना के सफल संचालन के लिए आ रही दिक्कतों पर प्रकाश डाला था और सीधे तौर पर योजना पर सवाल खड़े नहीं किए थे। ऐसे में राज्य सरकार का सामान्य प्रशासन विभाग असमंजस में था कि दीपाली रस्तोगी पर क्या कार्रवाई की जाए। एक तरफ सामान्य प्रशासन विभाग से संकेत मिल रहे थे, कि मुख्य सचिव स्तर पर उन्हें तलब कर समझाइश देकर छोड़ दिया जाएगा, क्योंकि सीधे तौर पर उनके लेख में सिविल सेवा संहिता का उल्लंघन नजर नहीं आ रहा था, लेकिन उपचुनाव  और नर्मदा यात्रा में व्यस्तता के बाद सीएम शिवराज सिंह मंगलवार को मंत्रालय पहुंचे और कैबिनेट बैठक के बाद उन्होंने इस मामले में मुख्य सचिव से बातचीत कर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। मंत्रालय सूत्रों की मानें तो उन्हें सात दिन के अंदर जबाब देने के लिए कहा गया है और उनसे पूछा गया कि उनके इस लेख को क्यों न सिविल सेवा आचार संहिता का उल्लंघन माना जाए। इस मामले में सरकार ने ये मानकर नोटिस जारी किया है कि अगर दीपाली रस्तोगी को बिना किसी नोटिस के क्लीनचिट दे दी गयी, तो आगे दूसरे अफसर भी इस तरह के लेख के जरिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर सवाल खड़े कर सकते हैं। पहले भी सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों पर अफसरों ने सरकार और उनकी नीतियों के खिलाफ टिप्पणी की है। इस बात को ध्यान में रखते हुए सीएम के निर्देश पर दीपाली को नोटिस दिया गया है। हालांकि मंत्रालय के अफसरों की मानें तो इस मामले में दीपाली रस्तोगी को क्लीनचिट मिलना तय है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »