आईएएस अनुराग की मौत को लखनऊ पुलिस ने ड्रग्स ओवरडोज से जोड़ने का खाका तैयार किया

आईएएस अनुराग तिवारी की संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले को लखनऊ पुलिस ने ड्रग्स की ओवरडोज से जोड़ने का खाका तैयार कर लिया है। एसएसपी दीपक कुमार का कहना है कि एसआईटी को बंगलूरू में अनुराग के कमरे से सिगरेट के बट्स और संदिग्ध सामग्री मिली थी जिसके ड्रग्स होने की आशंका के मद्देनजर फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।
 वहीं अनुराग के परिजनों ने इन सभी तथ्यों को नकारते हुए मौत की सीबीआई से जांच कराने की बात कही है। एसएसपी ने बताया कि अनुराग के मौत से 15-20 दिन पहले ब्रोंकाइटिस (अस्थमा) का उपचार कराने के साक्ष्य मिल गए हैं।

मौत से चंद घंटे पहले मीराबाई मार्ग स्थित गेस्टहाउस में उनके कमरे से 20 सिगरेट के बट्स मिले हैं जिससे साफ है कि उन्होंने बीमारी के दौरान ही अत्यधिक मात्रा में धूम्रपान किया था।पुलिस सिगरेट में ड्रग्स भरकर पीने और उसी वजह से मौत होने की आशंका भी जता रही है। हालांकि, अनुराग के बड़े भाई मयंक का कहना है कि पुलिस उनकी मौत को हादसा बताने के लिए एक थ्योरी गढ़ रही है।एक साजिश के तहत इस थ्योरी के लिए धीरे-धीरे साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। अनुराग के बंगलूरू स्थित घर से संदिग्ध ड्रग्स मिलना और मसूरी में ट्रेनिंग के दौरान सिगरेट में ड्रग्स भरते हुए उनके फोटो पुलिस की इसी साजिश का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि अनुराग की मौत की निष्पक्ष जांच सीबीआई ही कर सकती है।एसएसपी का कहना है कि बंगलूरू में एसआईटी की टीम से मिलने एक आईएएस और एक आईपीएस अधिकारी आए थे। उन्होंने भी अनुराग की मौत के पीछे साजिश की बात कही।

यह भी कहा कि अनुराग कई बार अपनी जान को खतरा जता चुके थे। अनुराग को शक था कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने और कार्रवाई करने पर उनकी हत्या कराई जा सकती है। आईएएस और आईपीएस अधिकारी ने कहा कि अनुराग अक्सर उनसे खतरे की बात कहता था।उन्होंने अनुराग की जांच, उस पर मंडरा रहे खतरे से संबंधित कई दस्तावेज होने की बात भी कही। एसआईटी ने उनसे बयान दर्ज कराने के लिए कहा तो दोनों पीछे हट गए। दस्तावेज देने से भी मना कर दिया।
अधिकारियों का कहना था कि वह डीजीपी और मुख्य सचिव को मिलकर सारे दस्तावेज सौंपेंगे। इसके अलावा कर्नाटक के बीदर में बतौर पंचायत डेवलपमेंट अधिकारी तैनात आईएएस मंगला कांबले ने भी अनुराग की मौत को हत्या बताकर सनसनी फैला दी।
उन्होंने आईएएस के बड़े भाई मयंक से कहा कि अनुराग ने कई भ्रष्ट लोगों के खिलाफ कार्रवाई की और एक बड़ा घोटाला खोलने वाले थे। मंगला आईएएस अनुराग के साथ काम कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि अनुराग अक्सर अपनी जान को खतरा बताते थे।आईएएस अनुराग तिवारी को परेशान करने के लिए परिवारीजनों ने जनवरी से सैलरी रोकने के आरोप लगाए थे जिस पर एसएसपी का कहना है कि सैलरी तकनीकी कारणों से रोकी गई थी।

उनकी न ही कोई शिकायत थी न उन्हें कोई अधिकारी परेशान कर रहा था। एसएसपी ने बताया कि अनुराग का ट्रांसफर हुआ था जिसके चलते सैलरी एक विभाग के बजाए दूसरे विभाग से बननी थी।इस प्रक्रिया में समय लगा तभी सैलरी नहीं आ पाई थी। आईएएस के दिल की जांच केजीएमयू क्यों नहीं कर रहा? इसके लिए एसएसपी ने केजीएमयू प्रशासन को चिट्ठी भेजने की बात कही है।उन्होंने कहा कि केजीएमयू में अब तक जांच हो जानी चाहिए थी। कई बार संपर्क करने के बाद भी केजीएमयू प्रशासन जांच में देर लगा रहा है। पत्र लिखकर उनसे वजह पूछी जाएगी।

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