गृह सचिव राजीव महर्षि की राय- 70 साल में जो प्रोग्रेस कर सकते थे वो हम नहीं कर पाये हैं’

राजस्थान कैडर के 1978 बैच के IAS अधिकारी राजीव महर्षि ने ज़ी मीडिया’ के  रीजनल चैनल्स के सीईओ जगदीश चंद्र से एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में  राजस्थान में अलग अलग विभागों में अपने अनुभवों को साझा किया.राजीव महर्षि ने  इंटरव्यू में कश्मीर के हालात पर खुलकर बात की, उन्होंने कहा कि मीडिया में जैसे हालात दिखाए जा रहे हैं असल में स्थिति उतनी खराब नहीं है, सिर्फ दो या तीन ज़िलों में मुश्किल है जिसे काबू में करने की कोशिश जारी है. उन्होंने चुनी हुई राज्य सरकार पर पूरा भरोसा दिखाया और कहा कि महबूबा मुफ्ती सरकार हालात को जरूर काबू कर लेगी. गृह सचिव राजीव महर्षि ने राष्ट्रपति या राज्यपाल शासन की अटकलों को पूरी तरह से खारिज किया. 18 घंटे तक काम करने वाले राजीव महर्षि से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने पीएम मोदी का वो बयान दोहराया कि काम करने से थकान नहीं होती बल्कि काम के बारे में सोचने से थकान होती है. पीएम मोदी की तारीफ करते हुए उन्होंने उनके नेतृत्व में देश के और आगे जाने की बात कही.

इस पूरी बातचीत में गृह सचिव राजीव महर्षि ने अपनी एक टीस भी सबके सामने रखी उनके मुताबिक देश का विकास जितना होना चाहिए था उतना हुआ नहीं. राजीव महर्षि ने कहा कि प्रति व्यक्ति आय, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लोगों को अब तक और सुविधाएं मिलनी चाहिए थीं. उन्होंने कहा कि 1961 तक जो चीन हमारे बराबर या पीछे था वो हमसे कई गुना आगे निकल गया है.उन्होंने बताया कि राजस्थान राज्य में उन्होंने परिवहन, कृषि और वित्त विभाग में बहुत काम किए. लेकिन बतौर मुख्य सचिव उन्हें हर क्षेत्र में काम करने का अनुभव मिला. राजस्थान की सीएम पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने वसुंधरा राजे को ‘फॉरवर्ड लुकिंग’ मुख्यमंत्री कहा,जिसके लिए उन्होंने प्रदेश में स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में हो रहे काम को गिनाया जिनपर केंद्र के स्तर पर 5 साल बाद काम शुरू किया गया. उनके मुताबिक राजस्थान में जनस्वावलंबन योजना, भामाशाह योजना और सरकार आपके द्वार के तहत अच्छा काम हो रहा है.

सवाल- आज से 40 साल पहले 1978 में जब IAS ज्वाइन किया था तो क्या सोचा था इस मुकाम पर पहुचेंगे यूनियन होम सेकेट्री बनेंगे?

जबाब- ‘नहीं ये कौन predict कर सकता है। अपना काम ईमानदारी और मेहनत से करने का इरादा लेकर चले और वही करने का प्रयास जिंदगी भर किया।’

सवाल- ज्यादातर राजस्थान में रहे या दिल्ली में रहे?

जबाब- ‘दोनों जगह आधा-आधा…दिल्ली में बहुत रहा हूं’

सवाल- राजस्थान में क्या एक्सपीरियंस रहा?

जबाब- ‘मैं बीकानेर में ही रहा और एक्सपीरियंस काफी अच्छा मिला क्योंकि वहीं सब चीज देखने का मौका मिला…पर जो financial health 2004 से 2009 रहा वो 2013 से 2018 नहीं रहा.. unfortunately इसलिए काम करने की flexibility कुछ कम रही…पावर सेक्टर में बहुत ज्यादा डेब्ट हो गया तो इससे कुछ परेशानियां आईं…उस वक्त 2-3 काम अच्छे हुए थे उसमें एक जल स्वावलंबन अभियान है जिसके जरिए राजस्थान की तुच्छ नदियों को लेकर प्रयास है…और सबसे बड़ी उपल्बधि है भामाशाह की जो अपने समय के लिए बहुत ही एडवांस कार्यक्रम था…पहले 2008 में शुरू किया फिर वो discontinued हो गया था unfortunately फिर 2013 में दोबारा प्रारंभ किया… उसकी सबसे अच्छी बात यही रही कि किसी भी व्यक्ति को अपने बैंक अकाउंट से आधार कार्ड नंबर को सीड कराने की आवश्यकता नहीं है वो हम करके देते हैं…राजस्थान एक अकेला अनूठा प्रदेश जहां व्यक्ति को जब कार्ड मिलता है तो उसमें आधार नं. भी होता है और बैंक अकाउंट नं. भी सीडेड होता है…एक मैडम ने शुरू किया था government to the villages वो भी एक अनूठा एक्सपेरिमेंट था…तो वहां मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला’

सवाल- आपने राजस्थान में कई CM के साथ काम किया तो HOW YOU RATE VASUNDHARA RAJE different?

जबाब- ‘I can’t judge them..this is unfair…मैडम बहुत forward looking हैं…वो इस बात को समझती हैं कि सिर्फ सरकारी अधिकारियों का ही इन-पुट पर्याप्त नहीं है बाहर के एक्सपर्टीज़, बाहर के इनपुट भी जरूरी है तो इसलिए उन्होने बहुत लोगों को इन्वाल्व किया…मैडम की एक बड़ी उपलब्धि ये भी रही कि Rajasthan became the first state to reform labor laws, स्किल डेवलेपमेंट भी मैडम का अनूठा initiative था 2005 का, उसमें भी हमें बहुत बाहर से मदद मिली थी…मैडम का स्किल मिशन 2005 में बना था जबकि भारत सरकार ने उसे 2010 या 2011 में एनाउंस किया तो मैडम विज़न रखती हैं उनसे बहुत कुछ सीखने को मिलता है।’

सवाल- refinery में काफी Stalemate हुआ है?

जबाब-‘refinery का मुझे ज्यादा IDEA नहीं है… AS a finance man एक चीज समझता हूं कि जो प्रोजेक्ट viable नहीं हो उस प्रोजेक्ट को करना ना तो स्टेट के लिए अकलमंदी का काम है और ना ही देश के लिए.. क्योंकि नेशनल वेल्थ रिफाईनरी पर लग रही है…जब मैं मुख्य सचिव था राजस्थान का तब मैने देखा उस प्रोजेक्ट को तब वो किसी भी तरह viable नहीं था किसी भी सूरत में…उस प्रोजेक्ट को करने से स्टेट को जो हानि होगी वो तो होगी ही it is also national waste’

सवाल- 2 साल पहले आप जब रिटायर हो रहे थे उस दिन एक चमत्कार हुआ आपको एक्सटेंशन मिला होम-सेक्रेटरी बनाए गये इस चमत्कार को आप कैसे लेते हैं?

जबाब- ‘उस वक्त तक बहुत सरप्राइंसिंग था शॉकिंग था और मुझे एडजस्ट होने में भी टाईम लगा…लेकिन सरकार की यही मर्जी थी तो उसका पालन करना ही था’

सवाल- Somebody played the god father या तकदीर से या प्रभु जी की कृपा से हुआ?

जबाब- ‘God तो एक ही हैं श्रीनाथ जी हैं’

सवाल- होम-मिनिस्ट्री कैसा लगता है…मन लगता है दिल्ली में?

जबाब- ‘दिल्ली मेरा घर है, मैं पढ़ा लिखा यहीं हूं, चौथी बार मेरी पोस्टिंग यहां हुई है…होम-मिनिस्ट्री के एक्सपीरियंस से भी लाभ हुआ, बिज़ी जॉब है…ये भी एक चैलेंज है’

सवाल- जब आप होम की बात करते हैं तो राजनाथ सिंह जी इतनी तारीफ करते हैं आपकी?

जबाब- ‘ये उनका बड़पन है..मैं तो नहीं समझता कि मैं तारीफ के काबिल हूं…तारीफ के लिए मैं आभार प्रकट कर सकता हूं’

सवाल- मैंने सुना है कि सरकार आपको फिर एक एक्सटेंशन देने जा रही है?

जबाब- ‘नहीं ऐसा कोई नियम भी नहीं है, ऐसा कोई प्रवाधान भी नहीं है और समय आने पर सबको निवृत्ति मिलनी चाहिए’

सवाल- ये भी चर्चा है कि जम्मू-कश्मीर में मिस्टर बोहरा को चेंज कर रहे हैं शायद आपको जिम्मेदारी दी जाये?

जबाब- ‘अटकलें हैं ये सब’

सवाल- इन सारे माहौल में आपको किताब लिखने का मौका कैसे मिला?

जबाब- ‘एक बार कश्मीर के बच्चे प्रधानमंत्री जी से मिलने आये थे तो उनमें से एक लड़की ने पूछा कि सर आप रोज़ 18 घंटे काम कैसे करते हो…प्रधानमंत्री जी ने कहा कि काम करने से थकान नहीं होती है काम के बारे में सोचने से थकान होती है तो उन्ही से प्रेरित होकर काम करते हैं ताकि थकान ना हो’

सवाल- किताब लिखने में कितना समय लगा?

जबाब- ‘लगभग 2 वर्ष.. ये ऑफर मेरे पास जब आया था जब मुझे 2015 में रिटायर होना था तब मैकग्रो वाले आए थे उन्होंने कहा कि आप रिटायर हो रहे हैं किताब लिख सकते हैं…तो  मैंने हां भर दी थी…तो अगर मैं रिटायर हो जाता तो ये 8-9 महीने में ये प्रोजेक्ट हो जाता…लेकिन नहीं हो पाया तो इस कारण ज्यादा समय लगा…किताब लिखने में मेरी काफी लोगों ने मदद की…मेरी धर्म पत्नी ने, पुत्र ने सबने बहुत मदद की…’

सवाल- किताब का कंटेंट क्या है?

जबाब- ‘ये इंडिया इयर बुक है, ये एक रेफरेंस बुक है, इस किताब को बहुत सारे examinees भी यूज करते हैं’

सवाल- आपने IAS के लिए किताब लिखी तो बच्चों को IAS क्यों नहीं बनाया?

जबाब- ‘मेरे बच्चों ने अपना रास्ता खुद तय किया और वो उसमें खुश हैं…सिविल सर्विस हर किसी के बस की बात भी नहीं है…रूरल एरिया में काफी रहना पड़ता है, पहले तो सेलरी भी कम थी लेकिन अब ये शिकायत नहीं हो सकती और अब हम देख भी रहे हैं कि 2008 से IAS के प्रति आकर्षण बढ़ा है इसका एक कारण शायद बैटर सेलरी भी है’

सवाल- दिल्ली में कहते हैं यू रि-डिफाईन द रोल ऑफ होम होम-सेक्रेटरी नॉउ इट्स वेरी पॉवरफुल, होम के साथ-साथ PMO,डिफेंस में भी रोल होम का बढ़ा है?

जबाब- ‘NOT TRUE AT ALL WE DO OUR JOB हमारे पास इतना काम है कि कुछ बढ़ाने का तो प्रश्न ही नहीं उठता’

सवाल- 2 सालों में आप क्या समझते हैं AS A HOME SECRETARY आपका सबसे बड़ा contribution क्या रहा होगा?

जबाब- ‘हम लोगों ने प्रयास किया है कि जो area of disturbance है वहां पर शांति हो सके…आजकल नॉर्थ-ईस्ट शांत है, टेरेरिज़्म, सिक्योरिटी फोर्स की किलिंग ये सब कम हुए हैं कश्मीर में भी प्रयास रहा है कि situation को कंट्रोल में लाएं…बेसिकली होम डिपार्टमेंट का काम भी यही है कि इंटरनल सिक्यूरिटी ठीक रहे तभी इन्वेस्टमेंट आयेगा, इकॉनोमिक डेवलप्मेंट होगा’

सवाल- कहा गया है कि ये कश्मीर का प्रॉब्लम नहीं केवल ढाई जिलों का प्रॉब्लम है…प्रॉब्लम कितना बड़ा है?

जबाब- ‘प्रॉब्लम बेसिकली साऊथ कश्मीर का है और उसे ठीक करने का प्रयास सरकार का ही है…और इस चीज को इसी वक्त कंट्रोल कर लिया जाये ताकि इसका कोई दूसरा प्रभाव ना हो…उसी को कंट्रोल करने का प्रयास किया जा रहा है’

सवाल- Recently you had been to Srinagar you met the governor, chief secretary, top army officials wthat is your assessment after all these deliberations…क्या लगता है?

जबाब- ‘जितनी बड़ी समस्या मीडिया द्वारा बताई जा रही है उतनी बड़ी समस्या नहीं है…जम्मू-कश्मीर एक इंट्रस्टिंग स्टेट है वहां के बच्चे इतने ब्राइट हैं, पढ़ने के इच्छुक हैं…पिछले साल माहौल काफी खराब था तब भी 99% बच्चों ने इम्तिहान दिया…डिस्टरबेंस के बावजूद सिविल सर्विस में उनका सेलेक्शन काफी ज्यादा हो रहा है और दूसरी बात वो बहुत अच्छे स्पोर्ट्स पर्सन हैं…यही प्रयास है कि इस प्रजातंत्र में इन बच्चों को जितना मौका मिल सकता है मिले और जितना मौका भारत देता है अपने सिटीज़न्स को, वो बाकी देश कम ही दे पाते हैं’

सवाल- वहां आर्मी की जीप पर एक बच्चे को बांध कर घुमाया गया…आर्मी चीफ का बयान आया कि बिल्कुल सही किया उसे अवार्ड दिया गया?

जबाब- ‘इस पर मैं कोई कमेंट नहीं करना चाहूंगा ये आर्मी का एक्शन था इसमें फर्दर कमेंट करने की आवश्यकता नहीं है’

सवाल- एक जवान को मार दिया गया था वो छुट्टी में आया हुआ था?

जबाब- ‘जो हुआ unfortunate हुआ…ये सब ये ही दिखाता है कि जो आतंकवाद फैलाते हैं वो कितनी बर्बरता रखते हैं’

सवाल- सर्जिकल स्ट्राईक हो रही हैं इसका कोई इम्पैक्ट?

जबाब- ‘इस पर भी मैं कोई जवाब नहीं देना चाहूंगा क्योंकि ये आर्मी का काम है और आर्मी इस पर स्टेटमेंट दे रही है’

सवाल- आपने कहा कि नोटबंदी के बाद टेरर को फाईनेन्स करने में दिक्कत आ रही है?

जबाब- ‘जिस आदमी के पास भी अन-एकॉउंटेड मनी था, जिन पर टैक्स पेड नहीं है तो वो जब बन्द हुआ तो definitely उन पर इम्पैक्ट आया क्योंकि उसको बदले का उनके पास कोई तरीका भी नहीं था..इसमें कोई संदेह नहीं है कि नोटबंदी से काफी सेटबैक इल-लीगल ग्रुप्स को, क्रिमनल्स को हुआ’

सवाल- इसी कंटेस्ट में गिलानी और दूसरे लोगों के मोराल पर असर पड़ेगा?

जबाब- ‘होम मिनिस्ट्री का सिद्धांत है कि जो चीज अंडर-इंवेस्टीगेशन है उस पर कमेंट नहीं करना चाहिए…देश का कानून ही सर्वोपरि है, कानून के लंबे हाथ सब पर लगने चाहिए’

सवाल– कश्मीर के लोकसभा का बाई पोल बार बार एडजर्न हो रहा है?

जबाब- ‘डिस्टरबेंस से आम आदमी को डर रहता है कौन अपनी लाईफ को रिस्क पर रखे तो वहां फ्री एण्ड फेयर इलेक्शन नहीं होगा वहां पर एक भय का वातावरण है तो इस वक्त चुनाव कराने से एक फेयर ऑपरच्यूनिटी वोटर को नहीं मिल सकती तो मेरी समझ से चुनाव आयोग ने ये ही समझ के इसको पोस्टपोंड किया है’

सवाल- मणिपुर में इतना लम्बा ब्लॉकएड चल रहा है वहां कुछ ठोस इंतजाम कर रहे हैं कि ऐसा ना हो?

जबाब- ‘किसी रास्ते को बॉल्क करके किसी पॉपुलेशन को परेशान करना गलत है मणिपुर के ऑलटरनेटिव रूट को भी पक्का करने का प्रयास जारी है लेकिन मूलभूत रूप से जो वहां के लोकल इश्यू हैं उनका सेटलमेंट करना भी जरूरी है ताकि सब लोग अमन और शांति से रहें’

सवाल- वहां लोग होम मिनिस्ट्री से अपेक्षा करते हैं कि कुछ ठोस करेगा?

जबाब- ‘हम लोग संवैधानिक दायरे में बंधे हुए हैं, हमारा रोल अस्सिटेंस का है तो मुझे नहीं लगता कि कोई भी राज्य कहे कि हमने अस्सिटेंस मांगी और नहीं मिली…प्राईमरी प्रॉब्लम से तो स्टेट गवर्नमेंट को ही निपटना पड़ेगा.’

सवाल- कश्मीर पर अगर प्रेसिडेंट रूल सरकार लगाती है तो कोई स्थाई समाधान होगा?

जबाब- ‘प्रेसिडेंट रूल या गवर्नर रूल कोई मैजिक वैंड तो नहीं है जो preferable रूट है वो राज्य सरकार इस situation को संभाले और राज्य सरकार अच्छा काम भी कर रही है और मेरा मत है कि राज्य सरकार इसको काबू में ले आएगी’

सवाल- पर्सनल हॉबी क्या हैं?

जबाब- ‘मैने अपनी मॉर्निंग वर्जिश नहीं छोड़ी है और उसके अलावा मैने 3 साल से कोई पिक्चर नहीं देखी है, बाहर रेस्टोरेंट  में नहीं गया हूं..इसका मुझे कोई रिग्रेट नहीं है’

सवाल- वॉयलेंस के माहौल में आपने किताब लिखी तो एक लेखक के मन की कोई पीड़ा रही है?

जबाब- ‘पिछले 60 सालों में जो प्रगति होनी चाहिए थी इस देश ने नहीं करी है…मेरे हिसाब से भारत की इतनी समृद्धि होनी चाहिए जितनी चाईना की है हमारे यहां क्वांटिटी तो है पर क्या क्वालिटी है? इस पर एक बहुत बड़ा सवाल है…क्या क्वालिटी हेल्थ केयर या शिक्षा दे पा रहे हैं अपने लोगों को… 70 साल में जो प्रोग्रेस कर सकते थे वो हम नहीं कर पाये हैं’

सवाल- क्या आपको लगता है कि नरेन्द्र मोदी इजिली-मर्जिंग एस ए ग्लोबल लीडर?

जबाब- ‘जिस तरह का विजन और कमिटमेंट मोदी जी का है वो डेफिनेटली भारत को एक डायरेक्शन देगा वो बहुत ही कड़ी मेहनत करते हैं.’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »