सोशल मीडिया पर टिप्पणी, निजी कार्यक्रम में भागीदारी भारी पड़ी -आईपीएस अधिकारी कल्लूरी को नोटिस

भारतीय पुलिस सेवा :आईपीएस: के विवादित अधिकारी एसआरपी कल्लूरी को छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक :डीजीपी: कार्यालय ने नोटिस जारी किए हैं। सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने और बगैर अनुमति के जगदलपुर में एक निजी समारोह में हिस्सा लेने को लेकर कल्लूरी को नोटिस जारी किए गए।एक अलग पत्रा में कल्लूरी से यह भी कहा गया कि वह डीजीपी ए एन उपाध्याय की अनुमति के बिना राज्य पुलिस मुख्यालय छोड़कर कहीं नहीं जाएं। कल्लूरी पुलिस मुख्यालय में ही तैनात हैं।पुलिस मुख्यालय में तैनात एक वरिष्ठ अधिकारी ने  यहां बताया, कल देर शाम अधिकारी को कारण बताओ नोटिस और पत्र जारी किए गए।
मुख्यमंत्री ने सदन को भरोसा दिलाया था कि कठोरता से कार्यवाही होगी। लोकतंत्र में अमर्यादित आचरण नहीं चलेगा और अब कड़ी प्रशासनिक सर्जरी करते हुए बस्तर के चार पुलिस अधीक्षकों का तबादला कर दिया गया ।
 बस्तर के थ्री इडियट्स क्लीन बोल्ड
आईजी एसआरपी कल्लूरी ने एक व्हाट्सएप ग्रुप अपने दोनों सबसे करीबी लोगों के ट्रांसफर होने पर तीनों को एक साथ तस्वीर पोस्ट करते हुए कमेंट लिखा, 3 इडियट्स क्लीन बोल्ड। कल्लूरी की बस्तर से विदाई के बाद ही इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि बस्तर एसपी आरएन दास और सुकमा के एसपी आइके एलेसेला को भी जल्द बस्तर से कहीं और भेज दिया जाएगा। ये दोनों ही आईपीएस अब बस्तर से रुखसत ले रहे हैं।जारी आदेश के अनुसार बस्तर के पुलिस अधीक्षक आरएन दास को बलौदाबाजार, नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा को सुकमा, सुकमा के पुलिस अधीक्षक आईके एलेसेला को पुलिस मुख्यालय, कोंडागांव के पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह को नारायणपुर, बधेरा के पुलिस अधीक्षक आशुतोष सिंह को नारायणपुर तथा बलौदाबाजार के पुलिस अधीक्षक शेख आरिफ हुसैन का बस्तर तबादला कर दिया गया है।
 सुकमा के पुलिस अधीक्षक आईके एलेसेला तथा बस्तर के पुलिस अधीक्षक आरएन दास को बस्तर संभाग से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। कुछ दिनों पहले बस्तर रेंज के आईजी एसआरपी कल्लूरी के तबादले के बाद इसे बस्तर में भारी फेरबदल माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार बस्तर के पुलिस अधीक्षक आरएन दास को मानवाधिकारों के उल्लंघन की शिकायतों को देखते हुए हटाया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि ये दोनों पुलिस अधीक्षक बस्तर के विवादास्पद आईजी रहे एसआरपी कल्लूरी के संपर्क में थे और उनके ही इशारे पर इस तरह का माहौल बनाने में लगे थे। एलेसेला ने वह बयान भी गुरुवार को पंडरीपानी के एक कार्यक्रम में कल्लूरी और दास की मौजूदगी में ही दिया था। इस कारण सरकार ने अब बस्तर से कल्लूरी के पूरे प्रभाव को खत्म करने का फैसला कर लिया है।

बस्तर में शांति स्थापना के लिये हरसंभव कोशिश जारी रहनी चाहिए
गौरतलब है कि सुकमा जिले के एसपी आईके एलेसेला ने मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को कुचल देने की बात कही थी। उन्होंने जगदलपुर में एक मोटर कंपनी के निजी समारोह में सार्वजनिक तौर पर भाषण देते हुए कहा था कि मानवाधिकार कार्यकर्ता ईशा खंडेलवाल और शालिनी गेरा जैसों को इन नए बड़े वाहनों से सड़क पर कुचल देना चाहिए। बस्तर के पूर्व आईजी शिवराम प्रसाद कल्लूरी इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे, जबकि बस्तर के एसपी आरएन दास विशिष्ट अतिथि के तौर पर इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।
उन्होंने मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को माओवादी समर्थक बताते हुए कहा कि उन्हें आधुनिक तकनीकों वाली वाहनों के नीचे सड़कों पर कुचल देना चाहिए। जो लोग पालतू कुत्ते-बिल्ली को लेकर घूमते हुये पुलिस पर आरोप लगाते हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिवराम प्रसाद कल्लुरी ने माओवादियों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान और विकास के मुद्दे पर कहा कि बस्तर में शांति स्थापना के लिये हरसंभव कोशिश जारी रहनी चाहिए।

लोकतंत्र में किसी को भी दबाने का प्रयास नहीं चलेगा

नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव समेत कांग्रसी विधायकों के विरोध के बाद मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि मर्यादा भंग करने वाले चाहे कोई भी आईएएस, आईपीएस या आईएफएस अफसर हो, किसी को नहीं छोड़ेंगे। रमन सिंह ने इस मामले में मुख्य सचिव तथा डीजीपी को निर्देशित किया है कि वे पूरी जानकारी लें, लोकतंत्र में किसी को भी दबाने का प्रयास नहीं चलेगा।

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