राजस्थान के पचास फ़ीसदी अफसर उम्रदराज,जबरन सेवानिवृत्ति की योजना ठंडे बस्ते में

जयपुर/राज्य की प्रशासनिक मशीनरी उम्रदराज ब्यूरोक्रेसी के सहारे चल रही है. उम्रदराज नौकरशाही के कारण योजनाओं का क्रियान्वयन समय पर नहीं हो पा रहा है. जिसके आम जन को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है. आलम यह है कि 5 महीने बाद भी विभागों के प्रमुखों ने उम्रदराज व नाकारा अफसरों की सूची तैयार नहीं की है.

सूत्रों के अनुसार 50 प्रतिशत आईएएस, 54 प्रतिशत आईपीएस और 48 प्रतिशत आईएफएस अफसरों की उम्र 50 से 60 के बीच की है. राज्य प्रशासनिक सेवा में करीब 893 अफसरों में 400 आरएएस अफसर उम्रदराज हो गए है.
राज्य के विभिन्न वर्ग के संवर्ग के अफसरों का स्कैन करने पर नौकरशाही की यह तस्वीर सामने आई है. अनुपयोगी अफसरों को जबरन सेवानिवृत्ति देने का आदेश निकाला गया था, वह भी अब ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है. राज्य सरकार ने 5 महीने पहले उम्रदराज और अनुपयोगी अफसरों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति का सर्कुलर निकाला था.

जिसके तहत शारीरिक रूप से असक्षम अफसरों को जबरन सेवानिवृत्ति दी जाएगी. सभी विभागों के एसीएस और जिला कलेक्टर्स से 3 महीने के भीतर नाकारा अफसरों की सूची बनाने के निर्देश दिए गए थे. लेकिन 5 महीने बाद भी विभागों के प्रमुखों ने कार्मिक विभाग को अकर्मण्य और उम्रदराज अफसरों की सूची नहीं भेजी.

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