वीरता के लिए ASP हर्षपाल, DSP वचनदेव कुजूर समेत 9 को पुलिस मेडल

रांची। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने झारखंड से नौ बहादुर पुलिसकर्मियों का चयन पुलिस मेडल के लिए किया है। इनमें रांची के एएसपी रहे हर्षपाल सिंह, गुमला स्थित बसिया के डीएसपी वचनदेव कुजूर, सब इंस्पेक्टर सुबोध लकड़ा, कांस्टेबल स्व. दुखिया मुर्मू, हवलदार राजाराम सिंह, कांस्टेबल शेम टोपनो, कांस्टेबल स्व. रुमल सवैया, कांस्टेबल रामाशंकर राम और कांस्टेबल शाह फैजल शामिल हैं।

बहादुरी के लिए एएसपी हर्षपाल सिंह को यह पदक चौथी बार मिला है। हर्षपाल सिंह का हाल ही में रांची से जम्मू कश्मीर ट्रांसफर हो गया है।
 – हर्षपाल झारखंड के हजारीबाग, बोकारो, गिरिडीह और सरायकेला-खरसावां में एएसपी ऑपरेशन्स रह चुके हैं।
सीआरपीएफ से कमांडेंट समेत तीन को पुलिस मेडल
– झारखंड में काम कर रहे सीआरपीएफ के तीन कर्मियों को भी बहादुरी के लिए पुलिस मेडल दिया गया है। इनमें रांची के धुर्वा में पोस्टेड सेंट्रल ट्रेनिंग कॉलेज एंड आईटी के कमांडेंट आशु शुक्ला, गुमला में इंस्पेक्टर एन अंसारी और पूर्वी सिंहभूम में पोस्टेड कांस्टेबल महावीर सिंह शामिल हैं।
 – फायर सर्विस में भी झारखंड से दो लोगों को फायर मेडल सर्विस प्रदान किया गया है। इनमें लीडिंग फायरमैन ड्राइवर शिवशंकर यादव और सुधीर कुमार सिंह शामिल हैं।
 जोनल कमांडर चंदन को मार गिराने के लिए एएसपी को मिला मेडल
– 18 अगस्त 2015 को खूंटी जिले के लापुंग-दुलमी जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच एनकाउंटर हो गया था। इसमें रांची के तत्कालीन एसपी प्रभात कुमार को गोली लगी थी। इसी एनकाउंटर में एएसपी ने जोनल कमांडर चंदन को मार गिराया था।
– चंदन के पास से एके 47 राइफल और गोलियां बरामद की गई थीं। इसी वीरतापूर्ण कार्य के लिए गणतंत्र दिवस 2017 के अवसर पर इन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक से अलंकृत किया गया है।
 – इसी एनकाउंटर में शामिल सिपाही रमाशंकर राम, शाह फैजल और स्व. रुमल सवैया को भी पुलिस मेडल दिया गया है।
माओवादियों के डिप्टी कमांडर को किया था अरेस्ट, बॉडीगार्ड हुआ था शहीद
– गुमला के बसिया में पोस्टेड डीएसपी वचनदेव कुजूर ने पिछले साल 18 जनवरी को माओवादियों के एरिया कमांडर रहे सुपाई टुडू और डिप्टी कमांडर कुंवर मुर्मू के दस्ते के साथ एनकाउंटर किया था। ये माओवादी टुसू मेले के दौरान बड़ी घटना काे अंजाम देने वाले थे।
 – इसी एनकाउंटर में डीएसपी ने डिप्टी कमांडर कुंवर मुर्मू को जख्मी हालत में अरेस्ट किया था, जिसकी इलाज के दौरान बाद में मौत हो गई थी।
– इसी वीरतापूर्ण कार्य के लिए जमशेदपुर जिला बल के सिपाही दुखिया मुर्मू को भी पुलिस मेडल दिया गया है। इस घटना में एएसपी ऑपरेशन्स के बॉडीगार्ड दुखिया मुर्मू शहीद हो गए थे।
पीएलएफआई के नक्सली बारूद गोप के दस्ते के साथ एनकाउंटर में मार गिराए थे नक्सली
– वर्तमान में झारखंड जगुआर में पोस्टेड सबइंस्पेक्टर सुबोध लकड़ा ने 2014 के 31 अगस्त को पीएलएफआई के नक्सली पंचू बड़ाईक को मार गिराया था। इस एनकाउंटर में नक्सली भरत सिंह उर्फ थरथरी भी मारा गया था। तीन नक्सली हथियारों के साथ अरेस्ट कर लिए गए थे।
 – ये सभी नक्सली एरिया कमांडर बारूद गोप के दस्ते के थे। इस एनकाउंटर में बारूद गोप भी मौजूद था, जो बच निकला। सिमडेगा जिला बल में पोस्टेड हवलदार राजाराम सिंह और सेम टोपनो भी इसी एनकाउंटर में शामिल थे। इन्हें भी वीरता के लिए पुलिस मेडल दिया गया है।

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