विवेक जौहरी जैसे अफसर कुछ दिन बने रहे तो बदल जाएगी मप्र पुलिस की तस्वीर

ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की अद्भुत मिसाल हैं डीजीपी विवेक जौहरी….

( सलीम तन्हा)//
सच यही है कि मध्य प्रदेश पुलिस में ईमानदारी और कतर्व्यनिष्ठा की मिसाल कायम वाले एक विरले ऑफीसर का नाम है विवेक जौहरी, जो कानून-व्यवस्था को बनाएँ रखने के लिए अपने सख्त निर्देश और कुशल कार्यप्रणाली के लिए पहचाने जाते हैं। आज के समय में डीजीपी विवेक जौहरी जैसे ऑफीसर पुलिस महकमे में मिलना बहुत ही मुश्क़िल है। डीजीपी विवेक जौहरी प्रदेश पुलिस में सुधार की संभवानाएँ तलाशते हुए बहुत कुछ करना चाहते हैं। ध्रुव तारे की तरह चमक बिखेरने वाले ऑफीसर विवेक जौहरी अपने को काम को पूरी शिद्दत और लगन से अंजाम तक पहुँचाने में हमेशा आगे रहे हैं। पूरी ईमानदारी के साथ कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए चौबीसों घंटे सतर्क रहना उनकी नियति में शुमार है। यही वजह है कि प्रदेश ही नहीं, पूरे देश में आज विवेक जौहरी के नाम का चर्चा है। आज की पुलिस, यदि उनकी तरह सकारात्मक और भली सोच वाली हो जाए तो पुलिस की तस्वीर ही बदल जाएगी। डीजीपी विवेक जौहरी ने बढ़ते कोरोना को रोकने में जो महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है, वह भी काबिले-तारीफ है। “कोरोना” से बचाने में डीजीपी विवेक जौहरी की मेहनत, लगन और कर्तव्यनिष्ठा को नज़र अंदाज नहीं किया जा सकता।खासकर, मध्य प्रदेश पुलिस बड़ी मुस्तैदी के साथ अपने काम को अंजाम देती रही। देखा जाए तो प्रदेश पुलिस हर सड़क, गली, मुहल्ले और चौराहों पर “लॉकडाउन “का पालन करने का संदेश देते हुए “कोरोना” से जंग लड़ने लगी रही है। उसकी खास वजह यही है कि प्रदेश पुलिस के मुखिया विवेक जौहरी चौबीस घंटे दृढ़ता से निगरानी रखते हुए “लॉकडाउन” का पालन कराते रहे हैं। ” पुलिस की सकारात्मक गतिविधियों पर मैं लगातार पच्चीस साल से काम कर रहा हूं। साया पत्रिका के जरिए पुलिस के सकारात्मक कार्यों को प्रकाशित किया। इतने वर्ष पुलिस पर लिखने के बाद आज पुलिस महकमे में विवेक जौहरी जैसे ऑफीसर को देख रहा हूं, जो एक सच्चे-अच्छे और ईमानदारी से अपने काम का निर्वाहन कर रहे हैं। सर्व विदित तथ्य यह है कि साहित्य से जुड़े व्यक़्ति का हृदय कोमल तथा संवेदनशील होता है। जब वह अपने कोमल मन से भावनाओं के पट खोलता है,तो उसे औरों के सुख-दुख तथा उन्हें समेटने के लिए प्रयत्नशील होना पड़ता है।पुलिस विभाग में राजनीति,समाज शास्त्र,अर्थशास्त्र, अपराधशास्त्र आदि विषयों के ज्ञाता तो बहुत मिल जाएँगे,परन्तु साहित्य विषय के मर्मज्ञ तो गिने-चुने ही मिलेंगे। यह सौभाग्य की बात है कि डीजीपी विवेक जौहरी विविध विषयों पर खासी पकड़ रखते हैं। आज विवेक जौहरी अपने बेहतर काम के जरिए लोगों का दिल जीतने में कामयाब हुए हैं।प्रदेश की पुलिस, उनके निर्देशन में ” लॉकडाउन” के दौरान बेहतरीन काम करती रही है। हाल ही में 29 लापरवाह पुलिस अधिकारियों को लेकर उनकी चिट्ठी जबर्दस्त चर्चा में है। डीजीपी विवेक जौहरी ने सच्ची बात उजागर कर पुलिस महकमे के नाकारा अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर एक सोचनीय सवाल खड़ा कर दिया है। डीजीपी विवेक जौहरी पर हमारे प्रदेश को गर्व है कि कानून- व्यवस्था के प्रति उनका सचेत रहकर कार्य करना, उनकी पुलिस विभाग के प्रति लगन और मुस्तैदी से काम करने की क्षमता अद्भुत और निराली है। काश,पुलिस विभाग में विवेक जौहरी की तरह काम करने वाले अधिकारी हो जाएँ तो फिर बात ही क्या है। बहरहाल डीजीपी विवेक जौहरी हर दिल अज़ीज़ और पुलिस के काम को लेकर बेहतर अंजाम देने वाले ईमादार ऑफीसर हैं। लॉकडाउन के दौरान प्रदेश पुलिस को लेकर मैने बहुत से गीत लिखे, उनमें से कुछ यहाँ सादर प्रस्तुत हैं।

” कोरोना”,,, देती हर संदेश पुलिस है…

इन रस्ते,और उन राहों पर।
गली, मुहल्ले, चौराहों पर।।
हर मुश्किल में खड़ी हुई है।
मुस्तैदी से लगी हुई है।।

हर संकट को हरने वाली।
अपनी सुरक्षा करने वाली।।
कहती, अभी कहीं ना चलना।
घर से बाहर नहीं निकलना।।

लगी हुई है ये समझाने।
‘कोरोना” से हमें बचाने।।
सबकी खैर, खबर ये लेती।
हर मुफलिस को भोजन देती।

रात,रात और ये दिन,दिन भर।
हमें बचाने को सड़कों पर।
अपनी सहायता करने आती।
“लॉकडाउन” क्या है समझाती।

” कोरोना” है जान का दुश्मन।
खत्म न हो जाए ये जीवन।
“लॉकडाउन” के आदेशों का,
सख्ती से करिएगा पालन…

देती हर ‘संदेश’ पुलिस है।
ये मध्य ‘प्रदेश पुलिस’ है।।
________

“कोरोना” फ्लैगमार्च….

फ्लैग मार्च के जरिए देती,
घर में रहने का संदेश पुलिस।
अपनी ये मध्य प्रदेश पुलिस।।

बढ़ते “कोरोना’ को रोको।
“लॉकडाउन” का पालन कर।
बाहर बिल्कुल भी ना निकलो,
बीमारी का बहुत है डर।।

अपनी सुरक्षा कर,पहुंचाती,
शासन का आदेश पुलिस।
अपनी ये मध्यप्रदेश पुलिस।।

अपने कर्तव्यों को लेकर,
अक्सर खरा उतरती है।
अपनी सुरक्षा, सख्त ड्यूटी,
कष्ट सहकर भी करती है।।

अपनी हिफ़ाजत करने वाली,
है ये,विशेष- प्रलेश पुलिस।
अपनी ये मध्यप्रदेश पुलिस।।

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