वह IAS-IPS अफसर..जिनकी मौत पर बना हुआ है ‘रहस्य’

बिहार के बक्सर जिले के डीएम मुकेश कुमार पांडे ने गाजियाबाद में आत्महत्या कर ली. उनका शव रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत हालत में मिला. खुदकुशी से पहले उन्होंने सुसाइड नोट लिखा था. बाकायदा उन्होंने खुदकुशी की वजह से जुड़ा एक वीडियो भी बनाया था. दरअसल मुकेश अपनी पत्नी और मां-बाप के बीच होने वाले लड़ाई-झगड़े से परेशान थे. मुकेश की तरह ही देश के कई ऐसे IAS-IPS अधिकारी रहे हैं, जो कभी रहस्यमय तरीके से काल के गाल में समा गए तो कुछ ने पारिवारिक कलहों की वजह से मौत को गले लगा लिया. आपको बताते हैं ऐसे ही कुछ दिवंगत जांबाज अफसरों के बारे में:

गोल्ड मेडलिस्ट IAS अफसर थे आशीष दहिया

मई 2017..ये इस साल का वो महीना था, जब देश ने एक नए काबिल आईएएस अफसर को खो दिया. हम बात कर रहे हैं, जम्मू-कश्मीर कैडर के आईएएस अफसर आशीष दहिया की. आशीष एक गोल्ड मेडलिस्ट थे. दिल्ली में आशीष की स्विमिंग पूल में डूबकर संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी. बताया जाता है कि घटना के समय आशीष दिल्ली में अपने दोस्त अभिमन्यु से मिलने गए थे. जिसके बाद आशीष, अभिमन्यु और कुछ दोस्त पूल साइड पार्टी कर रहे थे. पुलिस के मुताबिक, उस समय आशीष एक महिला अफसर को बचाने के लिए स्विमिंग पूल में कूदे थे, जिससे उसी समय उनकी मौत हो गई. आईएएस आशीष दहिया की मौत आज भी एक रहस्य बना हुआ है.

नहीं सुलझी IAS अनुराग तिवारी की मौत की गुत्थी

17 मई, 2017 को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के एक अधिकारी की यूपी की राजधानी लखनऊ में सड़क किनारे बॉडी मिलने से प्रशासनिक अमला सकते में आ गया. पुलिस ने इसको ‘रहस्‍यमय परिस्थितियों’ में मौत कहा. मृतक आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी 2007 बैच के कर्नाटक कैडर के आईएएस थे. वह यूपी के बहराइच के रहने वाले थे. पुलिस के मुताबिक, उनकी बॉडी हजरतगंज इलाके में मीरा बाई गेस्‍ट हाउस के पास मिली थी. वह पिछले दो दिनों से यहां ठ‍हरे थे. तकरीबन दस साल के करियर में अनुराग का 7-8 बार तबादला किया गया था. पीड़ित परिजनों की मानें तो अनुराग कर्नाटक में हुए एक बड़े घोटाले को उजागर करने वाले थे. इसी सिलसिले में उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस केस की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे. बहरहाल सीबीआई अनुराग तिवारी की मौत के रहस्य को सुलझाने में लगी है.

एक और IAS की मौत की गवाह बनी राजधानी लखनऊ

यूपी की राजधानी लखनऊ साल 2016 में एक और दिलेर आईएएस अधिकारी की मौत की गवाह बनी थी. आईएएस अधिकारी संजीव दुबे ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या की थी. दुबे उस समय प्रमुख सचिव होमगार्ड के पद पर तैनात थे. दुबे का शव उनके कमरे में पंखे से लटका मिला. आत्महत्या की सूचना उनके नौकर ने पुलिस को दी थी. सूत्रों के मुताबिक, दुबे पिछले कई वर्षों से बीमार थे, जिसके कारण वह अवसाद का शिकार हो गए थे. बेदाग छवि के संजीव दुबे की गिनती सूबे के ईमानदार अफसरों में की जाती थी.

IAS डी.के. रवि ने फांसी लगाकर की थी खुदकुशी

16 मार्च, 2015 को कर्नाटक में एक आईएएस अफसर ने भी अपने सरकारी आवास पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी. उस अफसर का नाम था डी.के. रवि. रवि कर्नाटक में वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त आयुक्त के पद पर तैनात थे. उनकी पत्नी कुसुमा ने सबसे पहले उनके शव को पंखे से लटका हुआ देखा था. मामले की शुरूआती जांच के बाद पुलिस ने भी रवि की मौत को खुदकुशी बताया था, लेकिन परिजनों ने उनकी मौत को एक साजिश बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी. डी.के. रवि अपने कार्यकाल में बेहद ईमानदार छवि के अफसर रहे हैं.

खुद की सर्विस रिवॉल्वर से हुई IPS शशि की मौत

तमिलनाडु में आईपीएस अफसर शशि कुमार की भी संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी. दरअसल शशि की खुद उनकी ही सर्विस रिवॉल्वर से गोली चलने की वजह से मौत हुई थी. गोली उनके सिर में लगी थी. शशि के नौकर के बयान के मुताबिक, घटना के समय शशि अपनी सर्विस रिवॉल्वर साफ कर रहे थे. अचानक रिवॉल्वर से गोली चली, जो सीधा उनके सिर में लगी. शशि की मौके पर ही मौत हो गई. शशि आंध्र प्रदेश के एक आदिवासी इलाके में तैनात थे. पुलिस इसे आत्महत्या से जोड़कर भी देख रही थी. शशि कुमार 2012 बैच के आंध्र प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी थे.

 राहुल शर्मा ने  खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी

बिलासपुर में एसपी रहे राहुल शर्मा ने भी खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।12 मार्च, 2012 को बिलासपुर के एसपी राहुल शर्मा ने कथित तौर पर सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली थी। उन्होंने अपने सुसाइड नोट में लिखा था, मैं इस जीवन से तंग आ गया हूं, इस तरह के बॉस और दंभ्‍ाी जज के साथ्‍ा। उन्होंने मेरे मन की शांति छीन ली है, मेरे परिवार को संकट में डाल दिया है। मैंने अपमान के ऊपर मौत चुनी। सॉरी गायत्री (पत्नी)। बच्चों का ख्याल रखना।(बिलासपुर से राजेश अग्रवाल ने भेजा )

जिंदगी से फ्रस्टेट हो चुका हूं, जीवन का अंत कर रहा हूं। वीडियो में कही ये बातें…

बक्‍सर के डीएम मुकेश पांडे की आत्‍महत्‍या की खबर ने सबको झकझोर कर रख दिया है. यह सवाल जेहन में स्‍वाभाविक रूप से उभर रहा है कि आईएएस जैसी सर्वोच्‍च परीक्षा में 14वां स्‍थान पाने और बेहतरीन सर्विस रिकॉर्ड वाले शख्‍स को आखिर किन परिस्थितियों में आत्‍महत्‍या करनी पड़ी? उन्‍होंने बाकायदा एक सुसाइट नोट लिखा और बाकायदा वीडियो रिकॉर्ड भी किया. हालिया दौर में इस तरह कई बड़े आईएएस या आईपीएस अधिकारियों की खुदकुशी या संदिग्‍ध परिस्थितियों में मौत चर्चाओं में रही है:

र्व डीएम मुकेश पांडेय का सुसाइड का प्री-रिकार्डेड वीडियो सामने आया है। इस वीडियो को उन्होंने सुसाइड से पहले इस 5:18 मिनट के वीडियो को बक्सर के सर्किट हाउस में शूट किया था जिसमें उन्होंने सुसाइड का कारण बताया है। उन्होंने खुद के इस कदम के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं बताया है। आईएएस ने वीडियो में कहा कि मैं किस पर आरोप लगाऊं! जिंदगी से फ्रस्टेट हो चुका हूं, जीवन का अंत कर रहा हूं।
– मेरा नाम मुकेश पांडेय है। आईएएस 2012 बैच का ऑफिसर हूं, बिहार कैडर का। मेरा घर गुवाहाटी असम में पड़ता है।
– मेरे पिताजी का नाम सिद्धेश्वर पांडेय है और मेरी माता जी का नाम गीता पांडेय है। मेरे सास ससुर का नाम राकेश प्रसाद सिंह और पूनम सिंह है।
– मेरी वाइफ का नाम आयुषी शांडिल्य है। इन केस अगर आप ये मैसेज देख रहे तो ये मेरे सुसाइड और मेरे मौत के बाद का मैसेज है।
– मैं पहले से प्री रिकार्ड कर रहा हूं बक्सर के सर्किट हाउस में। यहीं पर मैंने डिसीजन लिया कि मैं दिल्ली में जाके अपने जीवन का अंत कर दूंगा।
– ये डिसीजन मैंने इसलिए लिया क्योंकि मैं अपने जीवन से खुश नहीं हूं। मेरे वाइफ और मेरे माता पिता के बीच बहुत तनातनी है।
– हमेशा दोनों एक दूसरे से उलझते रहते हैं जिससे कि मेरा जीना दुश्वार हो गया है। दोनों की गलती नहीं है, दोनों ही अत्यधिक प्रेम करते हैं मुझसे।
– कभी कभी अति किसी चीज की एक आदमी को मजबूर कर देती है कि वो बहुत ही एक्सट्रीम स्टेप उठा ले। किसी भी चीज का अति होना अच्छी बात नहीं है।
– मेरी वाइफ मुझसे बहुत प्यार करती है। मेरी एक छोटी बच्ची भी है। मेरे पास अब कोई और ऑप्शन नहीं बचा है और वैसे भी अब मैं जीवन से तंग आ चुका हूं।
खुद को बताया सिंपल और पीस लविंग आदमी
– मैं सिंपल और पीस लविंग आदमी हूं। जब से मेरी शादी हुई है उसमें बहुत ही उथल पुथल चल रही है। हमेशा हमलोग किसी न किसी बात को लेकर झगड़ते रहते हैं।
– दोनों की पर्सनालिटी बिल्कुल अलग है। चॉक एंड चीज हैं हमलोग। वो बहुत की एग्रेसिव और एक्स्ट्रोवर्ट हैं। मेरा बहुत ही मीक और इंट्रोवर्ट नेचर है।
– किसी भी चीज में हमारा मेल नहीं खाता है बावजूद हम दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं।
– ये जो मैं सुसाइड करने जा रहा हूं मैं अपनी मौत के लिए खुद को जिम्मेदार मानता हूं।
– मेरी जो पर्सनालिटी है मैंने जो जो चीजों अपने अंदर इनकलकेट की हैं, बचपन से इंट्रोवर्ट और खुले दिल के तौर पर नहीं किया है।
– मैं अपनी मर्जी से सुसाइड कर रहा हूं मेरे ऊपर किसी का दबाव नहीं है न ही कोई ऐसा काम किया गया है कि उनके ऊपर आरोप लगाऊं कि उन्होंने मुझे सुसाइड करने पर मजबूर कर दिया है।
– बेसिकली मैं खुद ही जिंदगी से फ्रस्ट्रेट हो चुका हूं। मुझे नहीं लगता है कि हम ह्यूमन कुछ ज्यादा कंट्रीब्यूट कर रहा हूं।
– हम अपने को ज्यादा सेल्फ इंपोर्टेंस देते हैं कि हम ये कर रहे हैं वो कर रहे हैं।
– जब आप पूरे यूनिवर्स में अपने आप को इमेजिन कीजिएगा और जो यूनिवर्स की जर्नी रही है और उसमें कितने लोग आए और कितने लोग चले गए तो पता चलेगा कि हमारा जो एक्जिस्टेंस है उसका कोई मतलब नहीं है।
– हम नए नए जाल रोज बुनते रहते हैं और अपने आप को उलझाते रहते हैं और अपना मन बहलाते रहते हैं। वर्ना हमारा कोई इंपोर्टेंस नहीं है।

समाजसेवा का बनाया था मन

– मुझे ये बात अंदर से रियलाइज हुई है। पहले मैं सोच रहा था कि स्प्रिचुअलिज्म की तरफ मूव करूंगा और कहीं जाकर तप करूंगा।
– समाज सेवा करूंगा लेकिन मुझे लगा कि वह भी एक व्यर्थ चीज है। इससे अच्छा है कि आदमी अपना डेथ को इमरजेस करे और अपनी इहलीला को, इस फालतू के जीवन का अंत करे।
– जो भी इसके बाद सुकून आएगा या क्या आएगा किसी को पता नहीं है लेकिन जो आएगा, आदमी उसे फेस करेगा। लेकिन अब इस जीवन से मेरा मन भर गया है।
– मुझे अब बिल्कुल जीने की इच्छा नहीं रह गई है। इसलिए अब मैं स्ट्रीम स्टेप ले रहा हूं। एक कावर्डली स्टेप है मुझे भी पता है, स्केपिस्ट स्टेप है।
– लेकिन मुझे लगता है कि इससे मेरे अंदर जो फीलिंग ही नहीं बची है जीने की तो फिर एक्जिस्टेंस का कोई मतलब नहीं रह जाता है। इसलिए मैं यह स्टेप ले रहा हूं।
– जिनको ये वीडियो मिलता है मेरे मम्मी पापा, मेरे मदर इन लॉ, फादर इनलॉज, मेरे भैया का नंबर इस मोबाइल में दर्ज है।
– होम के नाम से है, डैड, मम्मा, पापा जी, राकेश भैया, आर यू माइ लाइफ, उत्कर्ष, वर्षा , रविशंकर शुक्ला। किसी को भी आप कॉल कर के बता दीजिएगा कि उसका बेटा मुकेश पांडेय अब इस दुनिया में नहीं रहा, दिल्ली में सुसाइड कर लिया है।
– मैने यहां यही प्लान बनाया है, झूठ बोल के दिल्ली जाऊंगा और वहां सुसाइड कर लूंगा। जिसे भी ये मिलता है मेरे घरवालों को, मेरे परिजनों को, मेरे इनलॉज को, मेरी वाइफ को सबको इसकी सूचना दे दें। कृपया कर के ये सूचना दे दें।

One thought on “वह IAS-IPS अफसर..जिनकी मौत पर बना हुआ है ‘रहस्य’

  • August 13, 2017 at 4:56 pm
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    बिलासपुर में एसपी रहे राहुल शर्मा ने भी खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।

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