लखनऊः IAS की पत्नी बनीं स्ट्रीट चिल्ड्रेन की मम्मी

लखनऊ //ठेके पर मजदूरी करने वाले कपल का बेटा आदित्य यूपी के लखनऊ में गोमती नगर के फुटपाथ पर रात गुजारता था। दिन में वह इधर-उधर घूमता था और कभी-कभी उसे चाय की दुकान पर तो कभी ढाबे पर काम मिल जाता था जिससे वह कुछ रुपये कमा लेता है। 11 साल के आदित्य का जीवन कई वर्षों से ऐसा ही है। चीथड़े कपड़े पहनने वाला आदित्य के रोज खाने का ठिकाना नहीं होता है। वह अपने माता-पिता को ऊंची इमारतों में काम करते हुए देखता था।अब आदित्य का जीवन बदल गया है। अब वह अपना ज्यादातर समय विभूतिखंड में रहने वाले आईएएस अधिकारीजितेंद्र कुमार के घर बिताता है। जितेंद्र कुमार जिनकी पत्नी सीमा गुप्ता ने दो दर्जन से ज्यादा स्ट्रीट चिल्ड्रेन को गोद ले रखा है।

सीमा ने बताया कि उनके घर में लगभग 25 ऐसे लड़के लड़कियां रहते हैं जो पढ़ना तो दूर फुटपाथ पर रहकर रोज संघर्ष करते थे।उन्होंने कहा कि वह कुछ लोगों को एकत्र करके एनजीओ बनाकर मुंह बोली समाज सेवा करने पर वह विश्वास नहीं करती हैं। उन्हें लगा कि सड़क पर रहने वाले ये बच्चे किसी आईएएस के बच्चों की तरह क्यों नहीं जी सकते हैं? इन बच्चों को आईएएस के बच्चों की तरह कपड़े पहनने और डाइनिंग टेबल पर बैठकर खाने का अधिकार नहीं है? सीमा ने बच्चों को न सिर्फ अपने घर में रखा। वह उन्हें अच्छे कपड़े पहनने को देती हैं। अच्छा खाना खिलाती हैं और उन्हें घर के लॉन में बने क्लासरूम में पढ़ाती भी हैं।

रेखा ने बताया कि सुबह जूस पीने और नाश्ता करने के बाद वह क्लास में पहुंच जाती हैं। वहां दोपहर तक बच्चों को पढ़ाती हैं। दोपहर में एक बजे लंच होता है। वह इन बच्चों को खाना देते समय महसूस करती हैं कि भगवान को भोग लगा रही हैं। सीमा ने बताया कि उनके इस काम में उनके पति भी मदद करते हैं। उन्होंने अपनी प्राइवेट कार और ड्राइवर बच्चों को दे रखा है जो बच्चों को कार से उनके घर तक लाता है और वापस छोड़ने जाता है। बच्चे आदित्य से जब इस बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि मेडन ही मेरी टीचर हैं और मेरी मम्मी भी। सीमा ने कहा कि अब उनका अगला लक्ष्य है कि इन बच्चों का दाखिला पास से स्कूल में हो जाए इसलिए उन्होंने अपने पति से प्रार्थना की है। दो दर्जन गरीब बच्चों को अपने घर में रखने के अलावा सीमा बक्शी का तालाब गांव में बच्चियों को ब्यूटिशन और सिलाई की ट्रेनिंग भी देती हैं। सीमा ने बताया कि उनके इस काम के बारे में जब दूसरे आईएएस की पत्नियों को पता चला तो उन्होंने भी वादा किया कि वे भी उनके इस नेक काम में मदद करेंगी। सीमा ने कहा कि जब उन्होंने फिल्म हिचकी देखी तो उनके जीवन में यह बदलाव आया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Translate »