मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने अफसरों से कहा -टीम मध्यप्रदेश पर गर्व है, नये उत्साह से तय रोड मैप पर काम करें

भोपाल /मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य सरकार की एक वर्ष की प्राथमिकतायें तय करते हुये इन पर अमल सुनिश्चित करने के लिये विभागों को निर्देशित किया है। उन्होंने कहा है कि पिछले वर्षों में प्रदेश सरकार ने कई ऐसे नवाचार किये हैं, जिन्हें अन्य राज्यों ने अपनाया है। उन्होंने सभी को नये वर्ष की बधाई देते हुये कहा कि टीम-मध्यप्रदेश आगे भी नई ऊर्जा और नये उत्साह से तय रोड मैप पर कार्य करेगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंत्रालय में आयोजित नये वर्ष की पहली बैठक में कहा कि टीम मध्यप्रदेश पर उन्हें गर्व है। उन्होंने विभागवार रोडमैप और शासन की प्राथमिकतायें बताईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक विभाग अपनी प्रगति की जानकारी हर माह की पाँच तारीख तक मुख्यमंत्री सचिवालय को उपलब्ध करायेगा। इस अवसर पर जल संसाधन एवं जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, गृह मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह, राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता, नगरीय विकास मंत्री श्रीमती माया सिंह, उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री श्री दीपक जोशी, संस्कृति राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सुरेन्द्र पटवा एवं मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

ग्रामीण विकास विभाग – मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ग्रामीण विकास विभाग की प्राथमिकतायें तय करते हुये कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। इसके लक्ष्य को समय-सीमा में पूरा किया जाये। इस योजना में अगले वर्ष तक प्रदेश में कुल 13 लाख 48 हजार आवास निर्माण किये जाने हैं। उन्होंने इसके क्रियान्वयन में देश में मध्यप्रदेश के प्रथम आने पर बधाई दी। साथ ही प्रदेश के सभी जिलों को दो अक्टूबर 2018 तक खुले में शौच से मुक्त करने का कार्य युद्ध-स्तर पर करने, वर्ष 2018 के अंत तक सभी गांवों को पक्की सड़क से जोड़ने, 51 हजार 714 गांवों को समूह में बांटकर युवाओं को स्वच्छता सेवी बनाने तथा महिला स्व-सहायता समूह को स्वच्छता से जोड़ने, मनरेगा से जल संरचनाओं का निर्माण और सूखा प्रभावित क्षेत्र में रोजगारमूलक कार्य कराने के निर्देश दिये।

राजस्व – राजस्व प्रकरणों के निराकरण का अभियान निरंतर जारी रखने, पटवारी और नायब तहसीलदारों की रिक्त पदों की भर्ती समय-सीमा में पूर्ण करने, सभी आवासीय भूमिहीनों को भू-अधिकार पत्र वितरण का अभियान चलाने तथा किसानों को खसरा एवं नक्शे की नकलें निशुल्क वितरित करने के निर्देश दिये।

शहरी विकास – शहरी गरीबों के पाँच लाख आवास बनाने का कार्य समय पर पूरा करने, शहरी ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को सुव्यवस्थित लागू करने, नर्मदा के तट पर स्थित नगरों में सीवरेज प्रणाली के कार्य शीघ्र शुरू करने, शहरी पेयजल योजनाओं का कार्य समय-सीमा में पूरा करने तथा स्वरोजगार योजनाओं का क्रियान्वयन की गति तेज करने और दीनदयाल रसोई योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

कृषि – मुख्यमंत्री ने कहा कि भावांतर योजना की देश भर में सराहना हो रही है। उन्होंने युवा कृषक उद्यमी योजना का अलग से क्रियान्वयन करने, कस्टम हायरिंग सेंटरों का विस्तार करने तथा उद्यानिकी फसलों के एक्सपोर्ट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।सहकारिता विभाग द्वारा ऋण समाधान योजना को शीघ्र अंतिम रूप देने तथा पशुपालन विभाग द्वारा आचार्य विद्या सागर योजना का विस्तार किये जाने के निर्देश दिये।

ऊर्जा विभाग – सौभाग्य योजनार्न्तगत अक्टूबर माह के अंत तक सभी घरों में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराना, सभी गांवों में बिजली पहुँचाना तथा विद्युत बिलों के संदर्भ में फ्लेट रेट लागू करने की प्राथमिकता तय की गई। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा रीवा एवं नीमच के सौर ऊर्जा परियोजनाओं को समय पर पूर्ण करना। नगरीय निकायों में एलईडी स्ट्रीट लाइट का उपयोग एवं पब्लिक ट्रांसपोर्ट में इलेक्ट्रिकल वाहनों को बढ़ावा देना तथा क्लीन एनर्जी को प्रोत्साहित करने के लिये टास्क फोर्स बनाने की प्राथमिकतायें तय की, जिससे कुछ गांवों को पूर्णत: क्लीन एनर्जी कुकिंग घोषित किया जा सके।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग – मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि खाद्य एवं सुरक्षा के अंतर्गत सभी पात्र हितग्राहियों के नाम जोड़े जायें, पात्र परिवारों को संबंधित नगरीय क्षेत्र के किसी भी राशन दुकान से राशन प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध कराना तथा आदिवासी बाहुल्य जिले के किसी एक विकासखण्ड को डीबीटी लागू करना शीघ्र सुनिश्चित किया जाये।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति – सहरिया जनजाति की तरह बैगा एवं भारिया जनजाति के परिवारों को भी कुपोषण से बचाने के लिये प्रति माह एक हजार रूपये ऑनलाइन दिये जाने की व्यवस्था बनाना, अनुसूचित जाति एवं जनजाति हेतु विशेष पैकेज बनाना, सभी आदिवासी बाहुल्य जिलों में ‘सुपर 100 योजना’ लागू करना शामिल है।

सामाजिक न्याय विभाग – समग्र पोर्टल में पात्र दर्शाये गये सभी पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ पहुँचाना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना।

लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी – समूह नल-जल प्रदाय योजनाओं को समय पर पूर्ण करना एवं आने वाली गर्मियों में जल आपूर्ति की तैयारी करना।

वाणिज्य एवं उद्योग विभाग – ग्लोबल स्किल समिट निर्णयों का क्रियान्वयन करना तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर सभी विभागों द्वारा ध्यान दिये जाने के निर्देश दिये गये।

तकनीकी शिक्षा – युवा सशक्तिकरण मिशन का तेजी से क्रियान्वयन सुनिश्चित करना, साढ़े सात लाख युवाओं को कौशल उन्नयन कर उन्हें स्वरोजगार/रोजगार से जोड़ना। मेधावी छात्र योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना।

खनिज साधन विभाग – रेत खनन नीति का सुचारू क्रियान्वयन सुनिश्चित करना तथा प्रदेश के खनिज संसाधनों के दोहन की कार्ययोजना तैयार करना।

लोक निर्माण विभाग – मुख्यमंत्री की घोषणाओं में शामिल समस्त सड़कों का निर्माण शीघ्र शुरू करना।

नर्मदा घाटी विकास एवं जल संसाधन विभाग – नर्मदा-क्षिप्रा लिंक बहुउददेशीय परियोजनाओं के निर्माण में गति लाना एवं समय-सीमा में पूर्ण करना, समस्त स्वीकृत परियोजनाओं में कार्य शीघ्र प्रारंभ कर समय-सीमा में पूर्ण करना, नर्मदा-पार्वती, नर्मदा-कालीसिंध, नर्मदा-गंभीर परियोजना का कार्य शीघ्र प्रारंभ करना तथा जल संसाधन विभाग द्वारा समस्त वृहद परियोजना को समय-सीमा में पूर्ण करना शामिल है।

लोक स्वास्थ्य योजना – मुख्यमंत्री ने जिला अस्पताल भिण्ड की सराहना करते हुये सभी जिला अस्पतालों को बेहतर सुविधायें देने के निर्देश दिये। साथ ही राज्य बीमारी सहायता के लाभ के लिये ऑनलाइन व्यवस्था करना, 19 जिला अस्पतालों में सीटी स्केन की सुविधा उपलब्ध कराना।

महिला एवं बाल विकास विभाग – महिला स्वसहायता समूहों के माध्यम से टेक होम राशन की व्यवस्था करना, कुपोषण की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्य योजना बनाना शामिल है तथा स्व सहायता समूहों के संबंध में की गई घोषणाओं के संबंध में पालन करना।

स्कूल शिक्षा विभाग – विद्यार्थियों के लिए साईकिल, गणवेश, पुस्तक समय पर उपलब्ध कराना,

परिवहन – लाइसेंस एवं वाहन पंजीकरण की व्यवस्था को सरलीकृत कर ऑनलाइन कर लोकसेवा गारंटी अधिनियम अंतर्गत लाना।

वाणिज्य कर -जीएसटी क्रियान्सयन में आने वाली समस्याओं का समय-समय पर निराकरण करना।

वन विभाग -चरणपादुका योजना का प्रभावी क्रियान्यवन करना एवं तेन्दुपत्ता संग्राहकों के प्रथम भुगतान की राशि में बढ़ोत्तरी करना।

विधि एवं विधायी विभाग – जबलपुर में एनएलयू शुरू करने की तैयारी करना।

लोक सेवा प्रबंधन – समाधान एक दिन योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित करना।

सामान्य प्रशासन विभाग – मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सर्वोच्च न्यायलय में विचाराधीन प्रकरण के कारण बिना पदोन्नति के शासकीय सेवकों की सेवानिवृत्ति पर चिंता जाहिर करते हुये अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी की सहमति से पदोन्नति का रास्ता निकाला जाये। इसी तरह केबिनेट एवं मंत्रालय की कार्यप्रणाली को पेपरलेस करना। विभागीय परामर्शदात्री समितियों की बैठक एवं विभागीय जाँच समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

धर्मस्व विभाग – मंदिरों के रिकॉर्ड का ऑनलाइन संधारण कर संपत्तियों की सही देखरेख तथा पुजारियों के मानदेय के भुगतान की व्यवस्था बनाना।

पर्यटन विभाग – प्रदेश में पर्यटन के विकास हेतु जिला स्तर पर प्लानिंग कर प्रोजेक्ट्स चिन्हित किया जाये। इस वर्ष मिन्टो हॉल को जून 2018 तक चालू किया जाये। प्रदेश में एडवेंचर टूरिज्म को अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मानक पर ले जाया जाये। साथ ही धार्मि पर्यटक स्थलों को चिन्हित करना शामिल है।

संस्कृति – मुख्यमंत्री ने एकात्मक यात्रा की सराहना करते हुये कहा कि समाज में इसको अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने वेदान्त संस्थान की स्थापना करना, वीर भारत न्यास की बैठक करना एवं 24 जयंती को नर्मदा जयंती के व्यापक कार्यक्रम आयोजित करने की प्राथमिकता तय की गई।

इस मौके पर मुख्यमंत्री सभी विभागों को निर्देशित किया कि विभागीय उपलब्धियों की जानकारी समय-समय पर जनसंपर्क विभाग को उपलब्ध करायी जाये।

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