महिला कमिश्नर (IAS) ने झुक कर छुआ कमलनाथ के मंत्री का पैर तो उठा बवाल

मध्‍य प्रदेश में इन दिनों सरकारी अधिकारी, नेता और मंत्रियों में चरण वंदना हावी है. प्रदेश के कैबिनेट मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर द्वारा कांग्रेस के राष्‍ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया की चरण वंदना का मामला अभी थमा नहीं था कि गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व पर देवास निगमायुक्त संजना जैन द्वारा प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के पैर छूने का मामला जोर पकड़ने लगा है.मध्य प्रदेश के देवास जिले से एक वीडियो आया है। एकदम वायरल हो गया है। कारण है कमलनाथ सरकार में लोकनिर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का इस वीडियो में होना। लेकिन इतना काफी नहीं होता। वीडियो वायरल हुआ है क्योंकि एक महिला ऑफिसर भीड़ के बीच में झुक कर मंत्री के पाँव छूते नजर आ रही हैं। इस वीडियो को भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष विजेश लूनावत ने भी ट्वीट किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस वीडियो में नजर आ रही महिला ऑफिसर का नाम संजना जैन है।यही वो महिला ऑफिसर हैं, जिन्होंने कुछ साल पहले देवास के युवराज और शिवराज सरकार के मंत्री तुकोजीराव पंवार को ऐसी अफसरी दिखाई थी कि हड़कंप मच गया था, लेकिन आज ये पाँव पड़ती नजर आ रही हैं। यह ऑफिसर वर्तमान में देवास में नगर निगम कमिश्नर के पद पर तैनात है। गुरुनानक जयन्ती के अवसर पर जिले के एक गुरुद्वारे में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन था। जिसमें कमलनाथ मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने भी शिरकत की। लेकिन तभी वहाँ मौजूद नगर निगम की आयुक्त संजना जैन उनके पास पहुँची और उन्होंने कमलनाथ मंत्री का पैर छूकर आशीर्वाद लिया।लूनावत ने लिखा है, “ये है नया मध्य प्रदेश, अफसरशाही मंत्रीजी के चरणों में। देवास की नगर निगम कमिश्नर संजना जैन मध्य प्रदेश के मंत्री सज्जन वर्मा की चरण वंदना करती हुई. वक्त है बदलाव का.”

भाजपा निगमायुक्‍त पर लगाती रही है ये आरोप
गौरतलब है कि पूर्व में विपक्ष के कई लोगों ने निगमायुक्त सहित कई अधिकारियों पर कांग्रेस का समर्थक होने का आरोप लगाया था. यहां तक कि भाजपा सांसद ने तो कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को मंत्री का दलाल तक बोल दिया था. देवास की राजनीति में कुछ मुद्दे शांत हुए ही थे कि अब यह नया अध्याय शुरू हो चुका है. देवास के कई राजनीतिज्ञों ने वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर निगमायुक्त को ट्रोल करना शुरू कर दिया है. अब देखना होगा कि अधिकारी के इस प्रकार के वीडियो के बाद जनता और विपक्ष इस नए अध्याय को कहां समाप्त करती है. हालांकि इस पूरे घटना क्रम से निगमायुक्त जवाब देने से बचती रहीं. जबकि मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि भाई दूज के बाद आज मिले, लिहाजा बहन ने भाई के पैर छुए हैं. मैं दिवाली पर मिल नहीं पाया था. जबकि अब मैं फिर बाहर रहूंगा. वो मेरी छोटी बहन है.निगमायुक्त संजना जैन द्वारा पैर छूने के मामले में पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कह ही दिया कि इस समय शासन व प्रशासन दोनों की शरणागत है, ऐसे हालात देखते है तो लगता है कि लोकतंत्र ीाी श्र्मा रहा होगा.
यह था मामला

वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव के दौरान सोनकच्छ विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी सज्जनसिंह वर्मा का ए और बी फार्म जमा किया जाना था। इसी बात को लेकर सोनकच्छ विस क्षेत्र के तत्कालीन भाजपा प्रत्याशी फूलचंद वर्मा ने आपत्ती दर्ज कराई थी। फूलचंद वर्मा का आरोप था कि कांग्रेस प्रत्याशी सज्जन वर्मा का ए-बी फार्म जमा नहीं हुआ है ऐसा नोटिस प्रशासन की ओर से बोर्ड पर लगाया था, लेकिन बाद में सज्जनसिंह वर्मा का फार्म समयावधी बीत जाने के बाद भी जमा कर लिया था। इसी मामले को लेकर तुकोजीराव पवार देवास के एसडीएम कार्यालय पहुंचे थे और उन्होंने नोटिसों के साथ ही अन्य कागजों की कॉपी तत्कालीन रिटर्निंग अधिकारी संजना जैन से मांगी थी। इसी दौरान श्री पवार की अधिकारी सुश्री जैन से बहस हो गई थी। शासकीय कार्रवाई के दौरान उनके द्वारा साथ लाए आवेदन अधिकारी की टेबल पर फेंकने की बात सामने आई थी। तत्कालीन अधिकारी संजना जैन की शिकायत पर श्री पवार और फूलचंद वर्मा के खिलाफ धारा 353 के तहत शासकीय कार्य में बाधा का केस दर्ज किया गया था।बता दें कि,शासकीय कार्य में बाधा के ग्यारह साल पुराने इस मामले में कोर्ट ने देवास विधायक तुकोजीराव पवार व पूर्व सांसद फूलचंद्र वर्मा को बरी कर दिया है। पवार के वकील अतुल पंड्या ने बताया मामला 8 नवंबर 2008 का है। सोनकच्छ विस क्षेत्र से फूलचंद्र वर्मा भाजपा प्रत्याशी व कांग्रेस प्रत्याशी सज्जनसिंह वर्मा थे। इसी दौरान ए और बी फॉर्म को लेकर विवाद हुआ। इसी मामले में फूलचंद्र व तुकोजीराव की देवास में अधिकारी संजना जैन से बहस हो गई। इसके खिलाफ जैन ने आवेदन दिया था।इस पर पवार और वर्मा के खिलाफ धारा 353 शासकीय कार्य में बांधा और धारा 504 अभद्र व्यवहार को लेकर केस दर्ज किया गया था।

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