महाराष्ट्र / शिवसेना को सरकार बनाने न्योता, राकांपा बोली- एनडीए से नाता तोडे उद्धव तभी समर्थन 

मुंबई. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने रविवार शाम राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना से सरकार बनाने का न्योता दिया था। इससे पहले राज्यपाल ने शनिवार को भाजपा से पूछा था कि सरकार बनाने के बारे में क्या इच्छा है। लेकिन, पार्टी ने रविवार को सरकार गठन से इनकार कर दिया था। भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि शिवसेना ने हमारे साथ सरकार का गठन न करके जनादेश का अपमान किया।राकांपा ने कहा है कि एनडीए से रिश्ता तोड़ने पर ही वह उद्धव ठाकरे की पार्टी को समर्थन देने पर विचार करेगी। राकांपा के प्रवक्ता नवाब मलिक ने रविवार को कहा, “पहले शिवसेना को एनडीए से बाहर निकलना पड़ेगा। नरेंद्र मोदी सरकार में उनके सांसद अरविंद सावंत मंत्री हैं। जब तक शिवसेना एनडीए नहीं छोड़ती, तब तक हम देखो और इंतजार करो की नीति पर चलेंगे।” हालांकि मलिक ने कहा कि अब तक शिवसेना से इस बारे में कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने कहा- हमारे पास सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्या नहीं है, लेकिन हम महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन भी नहीं चाहते।

शिवसेना और कांग्रेस ने विधायकों की बैठक बुलाई

रविवार को कांग्रेस और शिवसेना ने भी अपने विधायकों की बैठक बुलाई। कांग्रेस ने कहा कि शिवसेना के साथ नहीं जाएंगे। शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा- पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा है कि मुख्यमंत्री शिवेसना का होगा। अगर उन्होंने कहा है तो हर कीमत पर मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा।

शिवसेना को हमारी शुभकामनाएं- भाजपा
चंद्रकांत पाटिल ने कहा- राज्यपाल ने नई सरकार के गठन के लिए भाजपा को न्योता दिया। शिवसेना ने जनादेश का निरादर करते हुए अनिच्छा जाहिर की। हमने राज्यपाल को बता दिया है कि हम सरकार नहीं बनाएंगे। शिवेसना को जनादेश का अपमान करके अगर कांग्रेस और राकांपा के साथ सरकार बनानी है तो हमारी शुभकामनाएं।

राउत ने कहा था- भाजपा के बहुमत जिताने की उम्मीद नहीं

  • राउत ने कहा, ”उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि अगर भाजपा के पास बहुमत था तो रिजल्ट आने के 24 घंटे में सरकार बनाने का दावा पेश क्यों नहीं किया। फिलहाल हमने किसी भी तरह के गठबंधन पर विचार नहीं किया है। अभी भाजपा को सरकार बनाने का निमंत्रण दिया गया है तो हम अपने संस्कारों के हिसाब से उन्हें शुभकामनाएं देते हैं। मुझे नहीं लगता कि भाजपा सरकार बनाने के लिए बहुमत जुटा पाएगी।”

महाराष्ट्र के ज्यादातर कांग्रेस विधायक जयपुर पहुंच चुके हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे ने उनके साथ बैठक की। मुंबई के होटल रिट्रीट में उद्धव ठाकरे शिवसेना के 56 विधायकों के साथ बैठक की। शरद पवार की पार्टी राकांपा ने भी सरकार बनाने के लिए शिवसेना के साथ आने के संकेत दिए हैं। पार्टी ने राजनीतिक स्थिति पर चर्चा के लिए 12 नवंबर को विधायकों की बैठक बुलाई है।

कांग्रेस ने कहा- शिवसेना के साथ नहीं जाएंगे
महाराष्ट्र कांग्रेस ने विधायक दल का नेता चुनने का फैसला कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी पर छोड़ दिया है। साथ ही पार्टी ने तय है कि सरकार बनाने के लिए वह शिवसेना के साथ नहीं जाएगी। जयपुर में रविवार को हुई महाराष्ट्र कांग्रेस विधायक दल की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में एक लाइन का प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें तय किया गया कि कांग्रेस का एनसीपी के साथ गठबंधन जारी रहेगा।

राकांपा-कांग्रेस को सरकार बनाने बुलाया जाए: देवड़ा

महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता मिलिंद देवड़ा ने रविवार को कहा- राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को राकांपा-कांग्रेस गठबंधन को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना चाहिए। महाराष्ट्र में सबसे बड़े दल भाजपा की तरफ से सरकार बनाने में असमर्थता जताने के बाद उन्होंने यह बयान दिया। उन्होंने कहा- जब भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने सरकार बनाने में असर्मथता जता दी है, तो राकांपा-कांग्रेस को सरकार बनाने का आमंत्रण मिलना चाहिए।

शरद पवार ने सरकार में शामिल होने से इनकार किया था
राकांपा प्रमुख शरद पवार ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि बीजेपी-शिवसेना राज्य में सरकार बनाएं। हमें जनता ने विपक्ष के लिए चुना है, हम विपक्ष में ही बैठेंगे। मेरे पास अभी कहने के लिए कुछ नहीं है। भाजपा-शिवसेना को लोगों का जनादेश मिला है, इसलिए उन्हें जल्द से जल्द सरकार बनानी चाहिए। हमारा जनादेश विपक्ष की भूमिका निभाना है। पवार ने कहा- अब केवल एक ही विकल्प है कि भाजपा और शिवसेना को मिलकर सरकार बनाना चाहिए।

महाराष्ट्र में सत्ता के समीकरण
पहला: 288 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 145 सीटें चाहिए। शिवसेना, राकांपा साथ आएं और कांग्रेस बाहर से समर्थन कर दे तो शिवसेना के 56, राकांपा के 54 और कांग्रेस के 44 विधायक मिलाकर कुल संख्या 154 हो जाती है, जो कि बहुमत के आंकड़े से ज्यादा है। ऐसे में तीनों दल मिलाकर सरकार बना सकते हैं।

दूसरा: शिवसेना, राकांपा के कुल 110 विधायकों के साथ निर्दलीय व अन्य के 24, बहुजन विकास अगाड़ी के 3 और एआईएमआईएम के 2 विधायकों को मिलाकर कुल 139 विधायक होते हैं। ऐसे में भी सरकार बनाने के लिए कांग्रेस का बाहर से समर्थन जरूरी होगा।

महाराष्ट्र में किसके पास, कितनी सीटें

पार्टी सीट
भाजपा 105
शिवसेना 56
राकांपा 54
कांग्रेस 44
बहुजन विकास अघाड़ी 3
एआईएमआईएम 2
निर्दलीय और अन्य दल 24
कुल सीट 288

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