मप्र विधानसभा का सात दिनी शीतकालीन सत्र 17 दिसंबर से

भोपाल. मध्यप्रदेश की पंद्रहवीं विधानसभा का 7 दिवसीय शीतकालीन सत्र 17 दिसंबर से शुरू हो रहा है। सत्र 23 दिसंबर तक चलेगा, जिसके लिए विधानसभा सचिवालय ने शुक्रवार को अधिसूचना जारी कर दी है। विधानसभा के प्रमुख सचिव अवधेश प्रताप सिंह के अनुसार, सात दिवसीय शीतकालीन सत्र 17 से 23 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें सदन की कुल पांच बैठकें होंगी, जिसमें शासकीय विधि विषयक एवं वित्तीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

इस सत्र के लिए विधानसभा सचिवालय में अशासकीय विधेयकों की सूचनाएं 20 नवंबर तक तथा अशासकीय संकल्पों की सूचनाएं 5 दिसंबर तक प्राप्त की जाएंगी, जबकि स्थगन प्रस्ताव, ध्यान आकर्षण तथा नियम 287 के अधीन दी जाने वाली सूचनाएं विधानसभा सचिवालय में 11 दिसंबर से कार्यालयीन समय पर प्राप्त की जाएंगी। ये 15वीं विधानसभा का चौथा सत्र होगा।

बापू के लिए सदन में पहली बार ड्रेस काेड

विधानसभा के शीतकालीन सत्र के किसी भी एक दिन सभी विधायक एक जैसा कुर्ता-पायजामा व जैकेट पहनेंगे। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर उनकी याद में यह प्रयोग किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ विधानसभा में विधायकों के लिए ड्रेस कोड का प्रयोग हो चुका है। मप्र में ऐसा संभवत: पहली बार हाे रहा है।  पहले यह प्रयाेग इसी अक्टूबर में विशेष सत्र आयाेजित कर किया जाना था, पर यह विचार मूर्त रूप नहीं ले सका। अब आगामी सत्र में एक दिन गांधी जी को समर्पित हाेगा। इसमें उनके दर्शन व विचारों पर चर्चा की जा सकती है।

नई ड्रेस के लिए विधायकों का नाप लिया जा रहा है। अगले कुछ दिनों में यह काम पूरा हो जाएगा। वस्त्र खादी या कोसा के होंगे। विधानसभा का शीतकालीन सत्र संभवत: 17 दिसंबर से 23 दिसंबर तक चलेगा। पहले यह प्रयाेग इसी अक्टूबर में विशेष सत्र अायाेजित कर किया जाना था, पर यह विचार मूर्त रूप नहीं ले सका। अब आगामी सत्र में एक दिन गांधी जी को समर्पित हाेगा। इसमें उनके दर्शन व विचारों पर चर्चा की जा सकती है। उसी दिन सभी विधायक एक जैसी ड्रेस में दिखेंगे।

खादी के वस्त्र भेंट किए जा रहे हैं

गांधी जी की 150वीं जयंती के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष की ओर से सभी विधायकों को खादी के वस्त्र भेंट किए जा रहे हैं। इसके लिए नाप लिया गया है।

– घनश्याम सिंह, विधायक, सेवढ़ा

कुता-पजामा व जैकेट का नाप हुआ है

हम लोगों के कुर्ता-पजामा व जैकेट का नाप लिया गया है। ऐसी मंशा है कि एक दिन सभी ड्रेस कोड में नजर आएं।

– सुनील सराफ, विधायक, कोतमा

छत्तीसगढ़ में हुआ था प्रयोग
छत्तीसगढ़ विधानसभा में गांधी जी की 150वीं जयंती पर 2 व 3 अक्टूबर को दो दिवसीय विशेष सत्र का आयोजन किया गया था। इसमें सभी पुरुष विधायक कोसे का कुर्ता-पजामा व जैकेट अाैर महिला विधायक कोसे की साड़ी में सदन में पहुंची थीं।

ड्रेस कोड में आएंगे विधायक

वस्त्रों के लिए मेरा नाप लिया गया है। गांधी जी की 150वीं जयंती पर विधायकाें के लिए विशेष वस्त्र बन रहे हैं। अगले सत्र में सभी विधायक एक दिन ड्रेस कोड में सदन में आएंगे।

– नरोत्तम मिश्रा, पूर्व संसदीय कार्य मंत्री

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Translate »