भय्यू महाराज अपनी शादियाँ , महिलाओं से सम्पर्क और ऐश्वर्यपूर्ण जीवन शैली  को लेकर सदा चर्चा में रहे

भोपाल / इंदौर / संवाददाता //

49 साल के संत भय्यू महाराज, जिनकी सामने सत्‍ता के शिखर पर बैठे लोग भी सिर झुकाते थे  अपनी शादियाँ और ऐश्वर्यपूर्ण जीवन शैली  को लेकर सदा चर्चा में रहे .शादी पर जोरों से चर्चा तब हुई जब ग्वालियर की डॉ. आयुषी के साथ उन्होंने सात फेरे लिए थे । यह विवाह समारोह ग्वालियर बायपास के सिल्वर स्प्रिंग क्लब में हुआ था जिसमें करीब 200 लोगों को आमंत्रित किया गया था ।

यह शादी अचानक प्रकट हुई एक्ट्रेस मल्लिका राजपूत के इस आरोप के कारण चर्चा में रही कि संत जी उससे चोरी –छुपे अलग अलग मोबाईल नम्बरों से बातें करते हैं उन्होंने उसे मोहजाल में फांस रखा है . मल्लिका के आरोपों का फौरन खंडन किया गया और उसपर लीगल एक्शन लेने का दावा किया गया मल्लिका ने खुद को कला जगत से जुड़ा बताया था ,बताते हैं वह भाजपा से भी जुडी थी .मल्लिका के मुताबिक उसने सार शीर्षक से संत जी पर किताब लिखी थी जिसकी  950 कापी अन्सोल्ड पड़ी थी

आयुषी शर्मा से थी नई मुलाकात

अब कहानी आयुषी शर्मा की उसे लेकर जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक आयुषी शर्मा से भय्यू महाराज का परिचय बहुत पुराना नहीं था । उनका परिवार मूलत: शिवपुरी का है और उन्होंने पीएचडी की है। कुछ समय पहले पारिवारिक सदस्य के माध्यम से ही वह भय्यू महाराज से जुड़ीं। भय्यू महाराज की माताजी और बहनों के आग्रह पर दोनों ने विवाह का निर्णय लिया था ।

पहली पत्‍नी का हो चुका है देहांत

भय्यू महाराज की पहली पत्नी माधवी का डेढ़ साल पहले (नवंबर 2015 में) निधन हो गया था। पहली शादी से उनकी एक बेटी कुहू है, जो पुणे में रहकर पढ़ाई कर रही है। भय्यू महाराज कुछ समय पूर्व सार्वजनिक जीवन से संन्यास की घोषणा कर चुके हैं।

धार्मिक ट्रस्ट का करते हैं संचालन

1968 को जन्मे भय्यू महाराज का असली नाम उदयसिंह देखमुख है। वे शुजालपुर के जमींदार परिवार से ताल्लुक रखते हैं। कभी कपड़ों के एक ब्रांड के लिए मॉडलिंग कर चुके भय्यू महाराज का देश के दिग्गज पॉलिटिशियनों से संपर्क है। इसके अलावा वे धार्मिक और सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए जाने जाते हैं। सद्गुरु दत्त धार्मिक ट्रस्ट उनके ही देखरेख में चलता है। उनका मुख्य आश्रम इंदौर के बापट चौराहे पर है। मर्सडीज जैसी महंगी गाड़ियों में चलने वाले भय्यू महाराज रोलेक्स ब्रांड की घड़ी पहनते हैं। महाराष्ट्र में उन्हें राष्ट्र संत का दर्जा मिला हुआ है। वह सूर्य की उपासना करते हैं। घंटों जल समाधि करने का उनका अनुभव है। राजनीतिक क्षेत्र में उनका खासा प्रभाव है। उनके ससुर महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे हैं। केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख से उनके करीबी संबंध हैं। बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी से लेकर संघ प्रमुख मोहन भागवत भी उनके भक्तों की सूची में हैं। महाराष्ट्र की राजनीति में उन्हें संकटमोचक के तौर पर देखा जाता है।

ऐसे चर्चा में आए थे भय्यू महाराज

भय्यू महाराज तब चर्चा में आए जब अन्ना हजारे के अनशन को खत्म करवाने के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार ने उन्हें अपना दूत बनाकर भेजा था। बाद में अन्ना ने उनके हाथ से जूस पीकर अनशन तोड़ा था। वहीं पीएम बनने के पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी सद्भावना उपवास पर बैठे थे। तब उपवास खुलवाने के लिए उन्होंने भय्यू महाराज को आमंत्रित किया था।

आश्रम में आ चुके हैं बड़े-बड़े लोग

पूर्व प्रेसिडेंट प्रतिभा पाटिल, पीएम नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के पूर्व सीएम विलासराव देशमुख, शरद पवार, लता मंगेशकर, उद्धव ठाकरे और मनसे के राज ठाकरे, आशा भोंसले, अनुराधा पौडवाल भी उनके आश्रम आ चुके हैं।

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