बिहार की 4 आईएएस महिला आधिकारियों की सीख कि लड़ो तब तक जब तक जीत न जाओ।

पटना. महिला दिवस के मौके पर बिहार की 4 आईएएस महिला आधिकारियों ने बताया कि कैसे इस मुकाम पर पहुंचने के लिए उन्होंने मेहनत की। सफलता प्राप्त करने वाली ये महिलाएं आज प्रदेश में उन बेटियों के लिए प्रेरणा है जो कामयाबी के सपने देखती हैं। इन सफल महिलाओं से से एक ही सीख मिलती है कि लड़ो तब तक जब तक जीत न जाओ।

अभिलाषा शर्मा: दो बार यूपीएससी परीक्षा पास नहीं कर पाई तो तीसरी बार थी नर्वस

”मैं नवादा, बिहार की हूं। माता उषा आनंद शर्मा और पिता अनंत कुमार शर्मा दोनों शिक्षक रहे हैं। मैंने 12वीं तक की पढ़ाई पश्चिम बंगाल के चितरंजन से की। इसके बाद कोलकाता में पढ़ाई की। आईएएस की तैयारी के दौरान मैं काफी घबराई हुई थी। मैं काफी नर्वस हो रही थी। तब माता-पिता ने काफी सपोर्ट किया। वो मेरे पास कोलकाता आए और समझाया कि तुम्हें बस आईएएस की एक सीट और खुद पर ध्यान देना है। ”

शाहिला: कोताह अफसरों को फटकार और सभी कर्मठ को प्रोत्साहन

”मेरे लिए जीवन की सबसे मुश्किल घड़ी तब थी जब दो दफा लगातार यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में विफल हो गई। तब थोड़ी निराशा हुई लेकिन मैंने हार नहीं मानी। ऐसा नहीं लगा कि मेरे सपने टूट गए। मैं अक्सर सोचा करती हूं कि अंधेरे के बाद सुबह होती है। गलतियों को करेक्ट कर आगे बढ़ी। यही वजह रही कि तीसरी दफा 2017 में यूपीएससी की सभी परीक्षाएं एक बार में पास कर गई। मां कुलजीत कौर और पिता बीएन हीर हमारे सबसे बड़े संबल रहे।”

इनायत खान : कोताह अफसरों को फटकार और सभी कर्मठ को प्रोत्साहन

” महिला सशक्तिकरण का जीता जागता उदाहरण शेखपुरा की महिला तेज़ तर्रार अधिकारी इनायत खान अपने सर्वधर्म सम्भाव रखनेवाली कार्यशैली को लेकर अक्सर चर्चाओं में रहती हैं। समन्वय समिति की मीटिंग में लापरवाह अधिकारियों को फटकार एवं कर्मठ अधिकारियों को प्रोत्साहन देना उनकी कार्यशैली की खासियत है। समाज के लोगों को अपनी बेटियों को पढ़ाने, बढ़ाने और उसकी जिंदगी जीने का संदेश दे रही हैं।”

प्रतिभा रानी:  तीसरी बार काफी नर्वस थी, मां और बहन के सहयोग से सफलता

” मैं जब दो बार सिविल सर्विसेस की परीक्षा कम्पीट नहीं कर पाई तो तीसरी बार काफी नर्वस थी, लेकिन तब मेरी मां, भाई और बहन ने काफी सपोर्ट किया। 2018 बैच की आईएएस प्रतिभा रानी अभी पूर्णिया में ट्रेनी डीएम के रूप में काम कर रही हैं। वह कसबा में बीडीओ का पदभार संभाल रही हैं। प्रतिभा बताती हैं कि जीवन में आप हमेशा कुछ न कुछ फेस करते रहते हैं, ऐसे में किसी एक चीज को चिह्नित करना थोड़ा मुश्किल है।”

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