फूलन देवी की हत्या के आरोपी शेर सिंह राणा ने लौटाए दहेज़ के ,31 लाख , दस करोड़ की खान का पट्टा और जेवरात

सपा सांसद एवं दस्यु सुंदरी फूलन देवी की हत्या में मुख्य आरोपी रुड़की निवासी शेर सिंह राणा दूल्हा बन गया है। आज रुड़की में मध्यप्रदेश के भरतपुर के एक राजनीतिक परिवार की बेटी से राणा की शादी हो रही है। पहले शांतिकुंज हरिद्वार में सात फेरे लेने की चर्चा थी, लेकिन ऐनवक्त पर रुड़की में शादी की सारी रस्में पूरी की जा रही हैं।

रुड़की के बीटी गंज में शेर सिंह राणा उर्फ शेरू का परिवार रहता है। वर्ष 2013 में दिल्ली की विशेष अदालत ने पूर्व सांसद फूलन देवी की हत्या का दोषी पाते हुए राणा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जबकि उसके तीन सहयोगियों को बरी कर दिया था। अब मामला ऊपरी अदालत में चल रहा है। बीते साल राणा को दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी और तब से वह रुड़की में ही है। 40 वर्षीय राणा की आज मंगलवार को मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के राजनीतिक परिवार की बेटी प्रतिमा के साथ शादी हो रही है। दिल्ली रोड स्थित एक होटल में आयोजन चल रहा है। करीब दो महीने पहले गुपचुप तरीके रिश्ता तय हुआ था।

शेर सिंह राणा ने दिल्ली हाईवे स्थित एक होटल में बड़ा मलहारा जिला छतरपुर, मध्य प्रदेश से 2008 में विधायक रहे राणा प्रताप सिंह की पुत्री प्रतिमा के साथ शादी की। होटल में दोनों पक्षों के परिवारों के सदस्यों की मौजूदगी में शादी की रस्में हुई। इस दौरान शेर सिंह राणा के पिता सुरेंद्र राणा, मां सत्यवती, भाई विजय राणा, विक्रम राणा, मोनू की मौजूद रहे।

शेर सिंह राणा की सास संध्या राजीव बुंदेला ने बताया कि उनके पति 2008 में बड़ा मलहरा सीट से बसपा के टिकट पर विधायक रहे। शेर सिंह राणा ने बताया कि उसे ससुराल पक्ष की ओर से 31 लाख रुपये नकद, दस करोड़ की खान का पट्टा और सोने के जेवरात दिए गए लेकिन उसने लेने से इनकार कर शगुन में एक चांदी का सिक्का लिया। विवाह समारोह में उत्तराखंड में पूर्व मंत्री नारायण सिंह राणा, दूधेश्वर महाराज आदि शामिल हुए।

आगे क्या होगा, ईश्वर यह ईश्वर जानता है : राणा 

शादी के बाद मीडिया से बातचीत में शेर सिंह राणा ने कहा कि कोर्ट केस में कितना समय लगेगा पता नहीं। आगे क्या होगा, यह ईश्वर जानता है। शेर सिंह राणा के पहले शांतिकुंज में शादी करने की चर्चा थी। उनका कहना है कि शांतिकुंज दूर पड़ रहा था। इसलिए रुड़की में शादी की।

राणा ने कहा– करोड़ों का दहेज ठुकराया, एक सिक्के में शादी 

राणा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनका ससुराल पक्ष मध्यप्रदेश में सूर्यांचल गढ़ी के नाम से प्रसिद्ध है। दहेज में उन्होंने 31 लाख केस, लगभग दस करोड़ के खनन के ठेकों दस्तावेज और कुछ सोने के गिफ्ट दिए थे, जो उन्होंने लौटा दिए हैं। बताया कि वह समाज को दहेज के खिलाफ आने की प्रेरणा दे रहे हैं, ऐसे में वह ये दहेज नहीं ले सकते। उन्होंने वादा किया था कि वह दहेज के नाम पर सिर्फ एक सिक्का लेंगे। उन्होंने एक चांदी का सिक्का लिया है। कहा कि उन्हें दहेज में मिले करोड़ों के धन का कोई लोभ नहीं है। उन्होंने परिवार से रिश्ता जोड़ा और कोई सौदा नहीं किया है। सौदा तो जानवरों का होता है।

शेर सिंह राणा के छोटे भाइयों की हो चुकी है शादी 

शेर सिंह राणा के दो छोटे भाई विजय सिंह और विक्रम सिंह है। पिता सुरेंद्र सिंह राणा का निधन हो चुका है और मां सत्यवती सिंह राणा परिवार के साथ है। राणा के छोटे भाइयों की शादी हो चुकी है। अब शेर सिंह राणा की शादी से परिवार में खुशी का माहौल है।

तिहाड़ से भागकर अफगानिस्तान पहुंचने तक की कहानी 

वर्ष 2001 में दिल्ली में अशोका रोड पर तत्कालीन सपा सांसद फूलन देवी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप शेर सिंह राणा और उसके तीन दोस्तों पर लगा था। देहरादून के प्रेस क्लब में शेर सिंह और उसके दोस्तों ने मीडिया की मौजूदगी में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था। पुलिस के अनुसार तब राणा ने बहमई हत्याकांड में मारे गए 22 ठाकुरों की हत्या का बदला लेने के लिए फूलन देवी की हत्या की बात कही थी। वर्ष 2004 में शेर सिंह राणा नाटकीय ढंग से देश की सबसे सुरक्षित समझी जाने वाली दिल्ली की तिहाड़ जेल से फरार हो गया था। तिहाड़ से निकलकर संजय गुप्ता निवासी रांची झारखंड के नाम पते पर पासपोर्ट बनवाकर वह बांग्लादेश, दुबई होते हुए अफगानिस्तान पहुंच गया। तब राणा ने अफगानिस्तान से पृथ्वीराज चौहान की समाधि से मिट्टी लाने का दावा भी किया था। फिर काफी वक्त गुजरने के बाद उसकी फिर से गिरफ्तारी हुई थी। तब से दिल्ली की तिहाड़ जेल में रहे राणा को वर्ष 2017 में जमानत मिली। शेर सिंह राणा ने 2012 में उत्तर प्रदेश के जेवर से निर्दलीय चुनाव भी लड़ा था, लेकिन हार गया। यह चुनाव क्षेत्र जातीय समीरकरण के हिसाब से ठाकुर बाहुल्य है। एंड ऑफ़ बैंडिट क्वीन नामक एक फिल्म बनी है, जो शेर सिंह राणा के जीवन पर आधारित है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »