पहले क्राइम खुलेआम होता था, आजकल साइबर और सोशल मीडिया क्राइम का ज़माना है :आईजी जयदीप प्रसाद

आरती शर्मा//भोपाल, /अपराधों पर अंकुश लगाने तथा आम जनता के बीच पुलिस का डर मिटाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस एक अभियान चलाने जा रही है। इस अभियान के तहत पुलिस के आला अफसर जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर सभाएं आयोजित करेंगे। इस अभियान में उनकी मदद के लिए गांव और क्षेत्र विशेष की सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, शिक्षक, प्रबुद्ध वर्ग, नगर सुरक्षा समितियों और ग्राम सभाओं के प्रतिनिधि भी साथ होंगे। इस मुद्दे सहित अनेक विषयों पर भोपाल आईजी जयदीप प्रसाद से बात की। प्रस्तुत है बातचीत के कुछ अंश:->

इस अभियान के विषय में ही पहले विस्तार से बताएं?

अभियान महिला सुरक्षा और महिलाओं के प्रति समाज में संवेदनशीलता को बढ़ावा देने के लिए चलाया जाएगा। इसमें सभी वर्ग के प्रबुद्धजन शामिल होंगे। 24 जनवरी से शुरू अभियान में ग्रामीण स्तर से लेकर ब्लॉक और तहसील स्तर पर महिलाओं से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से सुना जाएगा।

> महिला सुरक्षा को लेकर एनसीआरबी के आंकड़े प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था के खिलाफ हैं?

प्रदेश में महिला सुरक्षा से संबंधित कई पहल की जा रही है। महिलाओं और बालिकाओं को स्कूली स्तर पर वूशू जैसे सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग की दी जा रही है। हॉस्टल और पढ़ाई के लिए बाहर से आने वाली महिलाओं को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। विपरीत परिस्थितियों में उन्हें महिला हेल्पलाइन और विभिन्न मोबाइल एप के माध्यम से सुरक्षा के उपाय बताए जा रहे हैं। इसके अलावा डॉयल 100 तो हर समय है ही।

> क्या डायल 100 को और प्रभावशाली बनाया जा रहा है?

डायल 100 सक्सेसफुल प्रयोग है। प्रदेश में यह बेहतर कार्य कर रही है। कई राज्यों ने प्रदेश की डायल 100 सेवा का अध्ययन किया है। यदि जरूरत होगी तो निश्चित ही इस सेवा को और प्रभावशाली बनाया जाएगा।

> इस वर्ष चुनाव भी है? विभाग की क्या तैयारियां हैं?

निश्चित ही यह वर्ष चुनाव का है, ऐसे में एक तरफ जहां लॉ एंड ऑर्डर को पुख्ता रखना हमारी प्राथमिकता होगी, वहीं समय रहते शस्त्र लाइसेंस जमा करने तथा बिना लाइसेंस हथियार रखने वालों पर कार्यवाही सख्त करने के अभियान चलाए जाएंगे। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार 3 साल से अधिक समय से एक जगह पर पदस्थ पुलिसकर्मियों को शिफ्ट किया जाएगा।

> आपके आने के बाद प्रदेश में कई तबादले हुए है यानी अभी ओर तबादले होने हैं?

हंसते हुए, जी हां, अभी तो और तबादले होने हैं।

> आप 10 वर्ष पूर्व भोपाल में एसपी थे, अब आईजी बनकर लौटे हैं? ऐसे में क्या कुछ बदलाव पाया है?

क्राइम करने के तरीकों में बदलाव आया है। पहले क्राइम खुलेआम होता था, आजकल साइबर क्राइम और सोशल मीडिया क्राइम का जरिया बन गए हैं। नाइजीरियन केसेस बनकर बैंक फ्रॉड के केसेस बढ़े हैं। वहीं एटीएम फ्रॉड और सोशल मीडिया जैसे फेसबुक और वाट्सअप पर दोस्ती कर दगा देने जैसे केसेस भी बढ़े हैं। महिला अपराधों में वृद्धि हुई है। या यूं कहिए कि सोशल मीडिया के चलते महिलाएं पहले से अधिक जागरूक हो गई हैं। अवेयरनेस से केस दर्ज कराने की संख्या में इजाफा हुआ है। पहले मैं अकेला एसपी था, लेकिन अब भोपाल की जनसंख्या बढऩे के साथ यहां लॉ एंड ऑर्डर संभालने के लिए तीन-तीन एसपी राजधानी की कमान संभाले हुए हैं।

> पुलिसकर्मियों की कमी प्रदेश में निरंतर बनी हुई है, ऐसे में पुलिसकर्मियों पर काम का दबाव रहता है? उनके तनाव को कम करने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं?

आज जनसंख्या जिस हिसाब से बढ़ रही है, उस अनुपात से पुलिसकर्मी बेहद कम है। निश्चित ही इससे उनके भीतर तनाव और थकान रहता है। इसके लिए पुलिस विभाग टाइम मैनेजमेंट और स्ट्रेस मैनेजमेंट कोर्स पुलिसकर्मियों के लिए करवा रहा है। पुलिसकर्मियों को अवकाश दिए जाने, रोस्टर तैयार करने तथा हेल्थ चैकअप कैंप जैसी पहल की जा रही है। योगा, मेडीटेशन क्लासेस के जरिए उनके तनाव को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रत्येक थाने में जिम खोले जाने का भी प्रस्ताव है। ग्रामीण क्षेत्रों के थानों में वॉलीबॉल कोर्ट का निर्माण किया जा रहा है ताकि खेलकूद के माध्यम से तनाव से मुक्ति मिल सकें और फिटनेस बनी रहे।

> अपराधों पर अंकुश कैसे लगे, जिससे अपराधियों में पुलिस के प्रति खौफ हो?

अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए मॉर्डन पुलिसिंग के तौर-तरीके अपनाए जा रहे हैं। जल्द ही एक प्रस्ताव लाने जा रहे हैं, जिसके तहत प्राइवेट स्कूलों, कंपनियों, कॉलोनियों और स्कूली बसों में सीसीटीवी लगवाए जाएंगे। सोशल साइट्स पर भी लगातार निगरानी की जा रही है। इंटीग्रेटिड डाटा सिस्टम से भी बहुत फायदा हुआ है। अब एक क्लिक पर अपराधियों की पूरी जानकारी मिनटों में मिल जाती है। डिजिटलाइजेशन पर काफी काम हुआ है। आप यह देखिए कि सीसीटीवी की वजह से पिछले 10 सालों में चेन स्नेचिंग की घटनाओं में बेहद कमी आई है। समय-समय पर पुलिसकर्मियों को कम्प्यूटर की ट्रेनिंग भी दी जा रही है।

> आपका प्रदेश की जनता को संदेश क्या है?

प्रदेश की जनता से मेरी अपील है कि हमारा सहयोग करें। हमें अपने ही बीच का हिस्सा समझें। जानकारी साझा करें और सहयोग दें।

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