नहीं रहे Ex चीफ जस्टिस अल्तमस कबीर, रेप केस में जुवेनाइल की उम्र 16 साल की थी

कोलकाता.पूर्व चीफ जस्टिस अल्तमस कबीर का रविवार दोपहर करीब तीन बजे निधन हो गया। 68 साल के जस्टिस कबीर लंबे समय से बीमार थे। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, तबीयत बिगड़ने पर 8 फरवरी को उन्हें कोलकाता के अपोलो हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया। जहां इलाज के दौरान आज दोपहर को उन्होंने आखिरी सांस ली। जस्टिस पी. सदाशिवम के बाद वे सुप्रीम कोर्ट के 39th चीफ जस्टिस बने थे। SC के अपने 8 साल के करियर में 681 ऑर्डर और फैसले दिए। जिनमें रेप केस में जुवेनाइल की उम्र घटाना और मेडिकल-डेंटल कोर्स में दाखिले के लिए NEET लागू करना अहम हैं। दिसंबर, 2012 में दिल्ली गैंगरेप (निर्भया केस) के बाद सुप्रीम कोर्ट में दायर कई पिटीशन पर जुवेनाइल एक्ट में सुधार किया। रेप केस में एडल्ट की एज लिमिट 18 से घटाकर 16 करने का ऑर्डर दिया।

– प्रणब मुखर्जी को प्रेसिडेंट बनाए जाने के फैसले को पूर्व लोकसभा स्पीकर पीए संगमा ने सुप्रीम सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया था। जस्टिस कबीर इस पिटीशन पर सुनवाई करने वाली कॉन्स्टिट्यूशनल बेंच में शामिल रहे।
– 18 जुलाई, 2013 को अपने आखिरी फैसले में जस्टिस कबीर ने मेडिकल और डेंटल काउंसिल के नोटिफिकेशन को दरकिनार करते हुए NEET (नेशनल एलिजिबिलटी एंट्रेस टेस्ट) को लागू करने का ऑर्डर दिया था।
कैसा रहा जस्टिस कबीर का करियर
– जस्टिस कबीर ने 1973 में कोलकाता के डिस्ट्रिक्ट और हाईकोर्ट से वकालत शुरू की।
– 1990 में कोलकाता हाईकोर्ट के परमानेंट जज बनाए गए। मार्च, 2005 में झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस का पद संभाला।
– सितंबर, 2005 में ही उन्हें सुप्रीम कोर्ट बुला लिया गया। सितंबर, 2012 से जुलाई, 2013 तक सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रहे।

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