द्वारकाधीश मंदिर में दर्शन को पहुचे  मोरारी बापू पर भाजपा के पूर्व विधायक का हमला, भाजपा सांसद ने बचाया

द्वारका. कथा वाचक मोरारी बापू पर गुरुवार को गुजरात के द्वारकाधीश मंदिर में हमला हुआ। वे यहां मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में शीश नवाने आए थे। वे मंदिर परिसर में जिस जगह बैठकर मीडिया से बात कर रहे थे, वहां भाजपा के पूर्व विधायक पबुभा माणेक अचानक पहुंचे और उनकी ओर हाथ बढ़ाने लगे। तभी दाहिनी ओर बैठीं जामनगर से भाजपा सांसद पूनम माडम तुरंत बीच में आ गईं और बापू को बचा लिया।
दरअसल, पूर्व विधायक माणेक का कहना था कि मोरारी बापू ने भगवान श्रीकृष्ण और बलराम के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस वजह से अहीर समाज में गुस्सा है।करीब 12 दिनों से चल रहे इस विवाद से मोरारी बापू काफी व्‍यथित हैं, पहले सार्वजनिकरूप से इस बात पर क्षमाप्रार्थी होने की बात कहने तथा खेद जताने के बावजूद विवाद थमता नजर नहीं आ रहा था , बापू इसी घटना पर प्रार्थना करने मदिर गये थे तब माणेक नारे लगाते हुए अचानक कमरे में पहुंचे थे। सांसद पूनम माडम ने पहले बीच-बचाव किया। इसके बाद वे मोरारी बापू को कमरे से बाहर ले गईं।मौके पर मौजूद द्वारका के स्थानीय लोगों ने पूर्व विधायक माणेक की इस हरकत का विरोध किया और उन्हें समझाया। लोग माणेक को मंदिर परिसर से दूसरी जगह ले गए।

मिर्जापुर में बापू ने विवादास्पद टिप्पणी की थी
मोरारी बापू ने पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर स्थित आदि शक्तिपीठ में रामकथा के दौरान एक टिप्पणी की थी। आरोप है कि उन्होंने कहा था कि श्रीकृष्ण के भाई बलराम मदिरापान करते थे। अहीर समाज का कहना है कि बापू की टिप्पणी से भगवान श्रीकृष्ण और उनके भाई बलराम का अपमान हुआ।इस घटना को लेकर रामकथा वाचक मोरारी बापू ने एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी कर कृष्‍ण भक्‍तों से क्षमा मांगते हुए कहा है कि समूचा विश्‍व उनका परिवार है। बापू ने भावुक अंदाज में कहा कि मेरी वजह से किसी को दुख पहुंचे उससे पहले वे समाधि लेना पसंद करेंगे। शाम को बापू द्वारिका मंदिर पहुंचकर जगत मंदिर में दर्शन करेंगे। मोरारी बापू अपने इस विडियो में बहुत व्‍यथित नजर आ रहे हैं, उनकी आंखों से आंसू बह रहे हैं। वे कहते हैं कि ये आंसू उनकी आंख से नहीं आत्‍मा से निकल रहे हैं।मैं भजनों में मग्‍न रहने वाला आदमी हूं, आओ कोई बात हो तो संवाद करो। वे यहां तक कहते हैं कि समूचे जगत कोवे अपना परिवार मानते हैं भले आप मुझे अपना माने या नहीं मानें, गौरतलब है कि सोशल मीडिया में मोरारी बापू को हरियाणवी बापू तक कहा गया, जिससे वे काफी दुखी हो गये। उनके सचिव का कहना है कि विवाद से बापू का दूर तक कोई संबंध नहीं है, उनकी बात को अधूरा सुनकर विरोध किया गया, संदर्भ को समझा ही नहींगया। गुजरात के कान्‍हा विचार मंच व आहीर समाज ने रामकथा वाचक मोरारी बापू के खिलाफ सोशल मीडिया पर गत कुछ दिनोंसे एक मुहिम छेड रखी थी। उनका आरोप है कि उत्‍तर प्रदेश की एक कथा में मोरारी बापू ने श्रीक्रष्‍ण के वंशजों पर आपत्तिजनक टिप्‍पणी की तथा उनके बडे भाई बलराम को भी शराबी कहा था।
माणेक डिस्क्वालिफाई हो चुके हैं
मोरारी बापू पर हमला करने वाले पबुभा माणेक द्वारका के पूर्व विधायक हैं। वे 1990 से लेकर अब तक 7 बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। दो दिन पहले ही उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी दस्तावेजों में गलत जानकारी देने के मामले में डिस्क्वालिफाई कर दिया है।

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