तपस्या परिहार ने कहा-लड़कियों पर अपना हक जमाते हैं लड़के,उनका माइंड सेट बदलने की जरूरत है

भोपाल/नई दिल्ली.भारतीय संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) का फाइनल रिजल्ट जारी हो चुका है। इस परीक्षा में मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले की तपस्या परिहार की देश में 23वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने मध्य प्रदेश में टॉप किया है। महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर तपस्या कहती हैं कि लड़कों का माइंडसेट ठीक नहीं है। वह लड़कियों को अपना हक मानते हैं। उन्हें कमजोर समझते हैं। माइंड सेट बदलने की जरूरत है। हमें समानता लानी होगी। आईएएस बनने के बाद तपस्या परिहार से मीडिया की बातचीत ….

आईएएस इंटरव्यू पैनल में कितने लोग थे और इंटरव्यू कितने मिनट रहा?
तपस्या :पैनल में पांच लोग थे, जिसके चेयरमैन रिटायर्ड एयर मार्शल भोंसले थे। इंटरव्यू में करीब 25 सवाल पूछे और 25-30 मिनट तक चला। अब कॉडर जोन वाइज दिया जाता है, जिसमें एमपी है, उसी जोन को चुना है। मेरी पहली प्रॉयरिटी मध्य प्रदेश है।

 : इंटरव्यू में पूछा गया कौन से सवाल है, जो हमेशा याद रहेगा ?
तपस्या : इंटरव्यू खत्म हो गया था, चलते समय पैनल के चेयरमैन रिटायर्ड एयर मार्शल भोंसले जी ने एक सवाल किया। उन्होंने पूछा, यूआर आईएएस ऑफिसर नाऊ तो अगर आपको मुंबई का डीजी सेक्योरिटी बना दिया जाए तो 26/11 जैसे अटैक को कैसे रोकेंगी। मैंने कहा, इसके लिए एक टीम तैयार करुंगी। जिसमें नए और पुराने लोग शामिल होंगे। 26/11 की रिपोर्ट स्टडी करुंगी, और उस समय क्या कमियां रहीं, कहां चूक हुई। इसके बाद स्ट्रेटजी तैयार करुंगी। उनके साथ इस विषय पर डिस्कशन भी हुआ।

 : एमपी में 12 साल से कम उम्र से रेप पर फांसी का प्रावधान किया गया है, इसे किस तरह देखती हैं ?
तपस्या : कानून तो ठीक है, लेकिन सजा ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिले, इस पर फोकस करना होगा। दरअसल, महिलाओं के प्रति हिंसा के पीछे लड़कों का माइंडसेट है। लड़के लड़कियों पर हक जमाते हैं। उन्हें कमजोर समझते हैं। माइंड सेट बदलने की जरूरत है। हमें समानता लानी होगी, लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाना होगा। इसकी शुरुआत हो गई है, परंतु वक्त लग रहा है।

 :देश के विकास में सबसे बड़ी बाधा किसे मानती हैं ?
तपस्या : विकास और तेजी पकड़ लेगा, अगर जेंडर इक्वालिटी हो जाए। हमें औरतों को नौकरी देनी होंगी। जीडीपी में उनके कंट्रीब्यूशन को बढ़ाना होगा। अगर 48 प्रतिशत महिला आबादी को इकोनॉमी से जोड़ेंगे तो देश विकास की रफ्तार पकड़ लेगा। दूसरा हमें कृषि और किसानों पर फोकस करना होगा। 48 फीसदी लोग खेती और किसानी से जुड़े हैं। लेकिन इनका इकानॉमिक ग्रोथ कम है।

: चाचा से बहुत प्रेरित रही हैं, क्यों ?
तपस्या :हमारा संयुक्त परिवार है, मेरे चाचा विनायक परिहार सामाजिक कार्यकर्ता हैं। भोपाल में रहते हैं, उन्होंने स्कूलिंग के समय से ही मेरे दिमाग बिठा दिया था कि आईएएस बनना है। उन्हीं से पॉलिटिक्स और अन्य मुद्दों पर डिस्कशन होते थे।

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