छत्तीसगढ़: एक हफ्ते में 5 हाथियों की मौत से हडकंप , बदले जायेगे कई वन अफसर

छत्तीसगढ़ में हफ्ते भर में गर्भवती हथिनी समेत पांच हाथियों की मौत हो गई है। एक हाथी जीवन-मौत से जूझ रहा है। हाथियों की लगातार हो रही मौत से सरकार बेहद नाराज है।वाइल्ड लाइफ PCCF अतुल शुक्ला की छुट्टी तय मानी जा रही हैवन मंत्री मोहम्मद अकबर के यहां से फाइल अनुमोदित होकर सीएम हाउस चली गई है। किसी भी समय वाईल्डलाइफ चीफ को हटाया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ निर्माण के पश्चात कुल 157 हाथियों की मृत्यु हुई है जिसमें से 30% हाथियों की मृत्यु विद्युत करंट के कारण हुई है.छत्तीसगढ़ में लगातार विधुत करंट से हाथियों की हो रही मौतों के मामले में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में जनहित याचिका क्रमांक 5/2018 नितिन सिंघवी विरुद्ध छत्तीसगढ़ राज्य नामक याचिका लंबित रहने के दौरान विधुत वितरण कंपनी ने कहा था कि वन क्षेत्रों से नीचे जा रही विधुत लाइनों और लटकते हुए तारों और बेयर कंडक्टर (नंगे तारों) को कवर्ड कंडक्टर में बदलने के लिए वन विभाग, विधुत वितरण कंपनी को रुपए 1674 करोड़ रुपए दे तो वह एक वर्ष के अंदर में सभी सुधार कार्य कर देगी.

पता चला है कि पीसीसीएफ वाईल्डलाइफ को किसी भी समय हटाया जा सकता है।धमतरी जिले में एक हाथी का शव कीचड़ में सना मिला। शव की हालत देखकर लगा कि हाथी जिंदगी की जंग थककर हार गया और हमेशा के लिए सो गया। इसी बीच रायगढ़ जिले में भी हाथी के मारे जाने की खबर आई। पिछले एक सप्ताह में हाथियों के मारे जाने की यह पांचवीं घटना है। इससे पहले सरगुजा संभाग के गणेशपुर के जंगलों में तीन हाथियों की मौत हो चुकी है। इन मामलों की भी जांच जारी है। गरियाबंद मैनपुर क्षेत्र से 21 हाथियों का दल पहुंचा है। वन विभाग के एसडीओ केएल निर्मलकर ने बताया कि धमतरी ब्लॉक के मोंगरी गांव में हाथियों का झुंड दलदल क्षेत्र से होकर गुजर रहा था। 15 जून सोमवार की रात यहां हाथी का बच्चा फंस गया। ग्रामीणों की मदद से उसे निकालने की कोशिश की गई, लेकिन अधिक गहराई में फंसने के कारण मंगलवार की सुबह उसकी मौत हो गई। ग्रामीण सगनु राम नेताम ने बताया कि 7 जून से हाथी इसी इलाके में थे। अब पोस्टमाॅर्टम के बाद हाथी का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

धरमजयगढ़ में करंट की चपेट में आने से हाथी की मौत हो गई। घटना गेरसा गांव की है। यहां खेत में सिंचाई के लिए एक किसान ने अवैध बिजली का कनेक्शन कर रखा था। खुले तार की चपेट में आने से हाथी की मौत हुई। डीएफओ प्रियंका पांडे ने बताया कि करीब 5 फीट की हाइट पर वायर था। यह अवैध कनेक्शन भादो नाम के किसान का था। इसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से 27 हाथियों का दल मौजूद है। पहाड़ के इलाके से हाथी कटहल खाने आते हैं। बीती रात हाथी कटहल खाने आया करंट लगने से उसकी मौत हो गई। फिलहाल, ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है। धरमजयगढ़ में करंट से हाथी की मौत के मामले में रायपुर निवासी नितिन सिंघवी ने विद्युत वितरण कंपनी और वन विभाग के अधिकारियों को दोषी ठहराते हुए आरोप लगाया है कि विद्युत वितरण कंपनी न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए वन क्षेत्रों में मापदंडों से नीचे जा रही बिजली लाइनों तथा लटकते हुए तारों और बेयर कंडक्टर (नंगे तार) को कवर्ड तारों में बदलने से बचने के लिए रुपए 1674 करोड़ खर्च करने से बच रही है और इसके कारण से हाथी समेत अन्य वन्य प्राणियों की मौतें करंट से हो रही है.12 मार्च 2019 में विधुत करंट से हाथियों की मृत्यु धरमजयगढ़ क्षेत्र में अधिक होने के कारण धर्मजयगढ़ क्षेत्र में प्रगति पर ठोस कदम उठाने के निर्देश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने दिए थे परंतु उसके बाद भी आज हाथी की मौत धर्मजयगढ़ के क्षेत्र में होने से ही स्पष्ट होता है कि विद्युत वितरण कंपनी किसी भी रुप से न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं कर रही हैप्रधान मुख्य वन संरक्षक ने फील्ड के अपने समस्त अधिकारियों से यह जानना चाहा कि वर्ष 2019 में उन्होंने ऐसे प्रकरणों में विधुत वितरण कंपनी और भू स्वामियों के विरुद्ध क्या कार्यवाही की है? परंतु पिछले एक वर्ष में 8 रिमाइंडर भेजे जाने के बाद में भी अधिनस्तो ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक को यह नहीं बताया की विधुत करंट से वन्य प्राणियों की मौत के मामले में उन्होंने क्या कार्रवाई की. इससे स्पष्ट है कि वन विभाग के फील्ड के अधिकारी विधुत करंट से वन्यजीवों की मौत के मामले में बिल्कुल भी गंभीर नहीं है.

छत्तीसगढ़ में हाथियों की लगातार हो रही मौतों ने लोगों को हिला दिया है।हाथियों की मौत से वन महकमा भी सकते में है। पीसीसीएफ राकेश चतुर्वेदी ने  खुद मोर्चा संभालते हुए रायपुर सीसीएफ एसएसडी बड़गैया को गंगरैल भेजा। वहीं, बिलासपुर सीसीएफ अनिल सोनी को धरमजयगढ़ रवाना किया गया है। कोरबा में एक हाथी गंभीर है। पीसीसीएफ वाईल्डलाइफ अतुल शुक्ला कोरबा में कैंप कर रहे हैं। सूरजपुर, बलरामपुर में तीन हाथियों की मौत के बाद वे वहां दौरे पर गए थे। वहां से लौटते हुए पता चला कि कोरबा में एक हाथी सीरियस हो गया है। सो, वे वहीं रुक गए हैं।
इससे पहले भी कटघोरा में तीन दिन तक एक हथिनी दलदल में फंसी रही। लेकिन, वन अधिकारियों ने उसे निकालने का प्रयास नहीं किया। इससे उसकी मौत हो गई थी। सरकार ने इस पर कटघोरा के डीएफओ को सस्पेंड कर दिया था।
अब पांच हाथियों की मौत के बाद सरकार ने पीसीसीएफ वाईल्ड लाइफ अतुल शुक्ला को हटाने का फैसला कर लिया है। बताते हैं, उनकी जगह पर नरसिम्हा राव को नया वाईल्डलाइफ प्रमुख बनाने पर विचार किया जा रहा है। वन मंत्री मोहम्मद अकबर के यहां से फाइल अनुमोदित होकर सीएम हाउस चली गई है। किसी भी समय वाईल्डलाइफ चीफ को हटाया जा सकता है।

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