छतीसगढ़ :कौन हैं सीएम तक पहुँच वाली सौम्या चौरसिया? छापेमारी में मिला 150 करोड़ कैश किसका

रायपुर. छत्तीसगढ़ में राजनीतिक और ब्यूरोक्रेसी में हलचल मचा देने वाले आयकर छापों को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्रालय के केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने अपना पक्ष रखा है। छापों के पांच दिनों बाद बोर्ड ने माना है कि अब तक इन छापों में 150 करोड़ रुपए के लेनदेन के मामले सामने आए हैं। तलाशी के दौरान मिले सबूतों और सुरागों के बाद 150 करोड़ रुपए मिले हैं और यह आंकड़ा काफी हद तक बढ़ने की संभावना है।

इनकम टैक्स कमिश्नर व मीडिया और तकनीकी नीति तथा अधिकृत प्रवक्ता सुरभि अहलूवालिया ने एक प्रेस नोट जारी किया है। इसमें बताया गया है कि आयकर अधिकारी अभी भी खोज कार्रवाई और जांच में लगे हैं। कई बैंक लॉकरों सहित कई निषेध आदेश दिए गए हैं। 27 फरवरी से रायपुर में व्यक्तियों, हवाला डीलरों और व्यापारियों के एक समूह पर खोज शुरू की गई। विभाग के अफसरों ने छापे की कार्रवाई विश्वसनीय इनपुट्स, खुफिया और शराब और खनन व्यवसाय से बड़ी बेहिसाब नकदी के सृजन के साक्ष्य मिलने पर की।

 दिल्ली से पहुंचे आयकर विभाग के अफसर भिलाई स्थित सौम्या चौरसिया के मकान की जांच छ दिनों तक जांच करते रहे । सौम्या छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की उप सचिव हैं। इनके रिश्तेदारों से भी आयकर विभाग के अधिकारियों ने पूछताछ की। सौम्या के ड्राइवर से भी यह पूछा गया कि वह कहां आती-जाती हैं। बीते  27 फरवरी को पहली बार टीम ने रायपुर, बिलासपुर के कारोबारी, नेता और अफसरों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। अन्य जगहों पर जांच पूरी कर ली गई है।

कौन है सौम्या चौरसिया
सौम्या चौरसिया की पर्सनल लाइफ के बारे में बात करें तो उनका जन्म छत्तीसगढ़ के भिलाई में हुआ है। उन्होंने ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई की है। ज्यादातर लोग सोचते हैं कि वे एक IAS अधिकारी हैं। मुख्यमंत्री के अधिकारी के उच्च पद पर होने के कारण लोग उन्हें आईएएस समझ लेते हैं। हालांकि नहीं है वो दरअसल 2008 बैच की पीसीएस अधिकारी हैं। उनके पति का नाम सौरभ मोदी है।…चौरसिया इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं। उन्होंने बिलासपुर जिले के पेंड्रा और बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई और पाटन एसडीएम पद रहते हुए महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई। उसके बाद उन्होंने पहली बार भिलाई चरौदा नगर निगम की आयुक्त की जिम्मेदारी निभाई।…फिर 2016 में इन्हें रायपुर नगर निगम में अपर आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई थी, सौम्या को मुख्यमंत्री का उप सचिव नियुक्त किया गया।…सुर्खियों में आने के बाद मीडिया से बात करते हुए सौम्या चौरसिया ने कहा कि आयकर विभाग मेरे खिलाफ चाहे जो कार्रवाई करना चाहे कर लें, मैं तैयार हूं।

इनकम टैक्स की टीम ने 28 फरवरी की दोपहर उपसचिव सौम्या चौरसिया के भिलाई स्थित बंगले पर छापा मारा था। वहां किसी के नहीं मिलने पर अगले दिन शाम को बंगला सील कर दिया गया। इसके बाद दोबारा बंगले पर कार्रवाई शुरू की गई।राज्य सरकार की करीबी और मुख्यमंत्री कार्यालय में उपसचिव सौम्या चौरसिया के भिलाई स्थित सूर्या रेजीडेंसी में करीब एक घंटे लगातार प्रयास करने के बाद दिल्ली और अन्य राज्य से आये आईटी अफसर आखिरकार घर के अंदर काफी ऊहापोह के बीच प्रवेश करने में सफल रहे. आयकर विभाग की टीम तयशुदा समय सुबह 8 बजे की अपेक्षा करीब 3 घंटे देरी से 11 बजे के बाद सूर्या रेजीडेंसी पहुंची जहां पर चौरसिया पहले से ही मौजूद थीं. आयकर अधिकारियों ने जब उनके द्वारा घर में दो दिन पहले लगाई गई सील खोलने की कार्यवाही चालू की तो चौरसिया ने उन्हें रोकते हुए कहा की यह सील वही अधिकारी खोलेंगे जिन्होंने इसे लगाया है.

सौम्या ने अधिकारियों को उनके द्वारा लायी गई पेन ड्राइव को भी घर के अंदर ले जाने से यह कहते हुए रोका कि उनके घर के अंदर बाहर की नई पेन ड्राइव का इस्तेमाल किया जाय. आयकर अधिकारियों को लगातार करीब एक घंटे प्रयास के बाद दरवाजा खोलने में कामयाबी मिल पायी.बताया जा रहा है कि सौम्या के घर के दरवाजे इंटरलॉक पद्वति के हैं यानी अंदर और बाहर दोनों तरफ से लॉक हो सकते हैं. यही कारण था की इन दरवाजों को खोलने में दिक्कतें आ रही थीं. अधिकारियों ने बंगले के बरामदे में ही बैठकर सौम्या का लगभग 30 घंटे तक इंतजार किया, लेकिन वह नहीं पहुंची। ऐसे में 29 फरवरी की शाम को बंगले को सील कर दिया गया।हालांकि बाद में काफी मेहनत के बाद घर के मुख्य द्वार को खोला गया और आयकर विभाग के अफसर इसके बाद सोमवार को दोपहर 11:45 बजे बंगले पर फिर पहुंचे। दरवाजे की सील खोलकर जांच की गई। इस दौरान वहां सौम्या मौजूद रहीं। उनके साथ बंगले के भीतर वहां काम करने वाली दो महिलाएं भी रखी गईं हैं।पूरी कार्यवाही 6-10 आईटी के अधिकारी, एक दर्जन सीआरपीएफ के जवान और भारी मात्रा में स्थानीय पुलिस के मौजूदगी में की जा रही थी. वहीं सौम्या भी इस दौरान घर के कैंपस में मौजूद रहीं.

मालूम हो कि आयकर विभाग की रेडिंग टीम सौम्या के घर छापेमारी की कार्यवाही के दूसरे दिन यानी 28 फरवरी को ही पहुंच चुकी थी लेकिन चौरसिया वहां पर मौजूद नहीं थीं. अधिकारियों के रातभर इंतजार के बावजूद भी वह वहां नही पहुंचीं और आयकर विभाग के अधिकारियों की कार्यवाही आगे नही बढ़ पायी. गौरतलब है कि 28 फरवरी के बाद चौरसिया पहली बार 1 मार्च को देर रात अपने घर आईं और वहां पर आयकर विभाग द्वारा चस्पा नोटिस को देखकर मौजूद मीडिया को बताया की उन्हें इस कार्यवाही की जानकारी नहीं थी.

इससे पहले उनके पति सौरभ मोदी ने दिन में वहां जाकर घर का पूरा जायजा लिया और आयकर विभाग की टीम पर आरोप लगाया था कि घर को सील करने की कार्यवाही उनकी गैरमौजूदगी में की गयी जिससे उन्हें आशंका है कि घर के अंदर कुछ रखकर कहीं उन्हें किसी मामले में फंसाने का प्रयास न किया जाय.

 

ड्राइवर से अहम सबूत मिलने की चर्चा 
भिलाई में जारी कार्रवाई में यह बात चर्चा में रही कि मुख्यमंत्री की उपसचिव सौम्या चौरसिया के ड्राइवर ने दावा किया है कि छापों से पहले फाइलों से भरे चार-पांच बैग लेकर वह सीएम हाउस गया था। इन फाइलों में क्या था उसे नहीं मालूम। हालांकि इस तरह का कोई दावा आयकर विभाग की तरफ से नहीं किया गया है।सौम्या के ड्राइवर पन्नालाल को अधिकारियों ने शाम को पूछताछ के लिए बुलाया। वह सौम्या की सरकारी गाड़ी को लेकर शाम 05:07 बजे पहुंचा। उसे 05:12 बजे बंगले के भीतर अधिकारियों ने बुलाया और फिर तीन मिनट के लिए बाहर कर दिया। फिर से उसे बंगले में बुलाया और पूछताछ की। इसके बाद वह 08:40 बजे बाहर निकला।

दस्तावेज के बारे में नहीं दी जानकारी

मीडिया से बातचीत करते हुए ड्राइवर ने बताया कि वो 28 फरवरी को दोपहर में सौम्या के कहने पर बंगले से चार-पांच बड़े-बड़े बैग में दस्तावेज लेकर रायपुर में सीएम हाउस गया था। उसने बैग छोड़ने के बाद पचपेड़ी नाका चौक पर सौम्या को छोड़ा और भिलाई वापस आ गया। सौम्या पचपेड़ी नाका चौक से किसी दूसरी गाड़ी से गई थीं। चालक फिर से रविवार को सौम्या के बुलाने पर रायपुर गया और उन्हें लेकर भिलाई पहुंचा था। उसने यह नहीं बताया कि कि वो दस्तावेज किस चीज के थे। जानकारी के अनुसार  दस्तावेज, जमीन और अन्य अघोषित संपत्ति से जुड़े हो सकते हैं।

रायपुर से बुलाए गए वैल्यूअर्स ने किया आकलन
सौम्या की मां और ड्राइवर पन्नालाल से 5 अफसरों की टीम ने दोबारा पूछताछ की। इसके अलावा रायपुर से बुलाए गए वैल्यूअर्स से सौम्या के यहां से मिले जेवरातों की कीमतों और कैरेट का आकलन कराया गया। सौम्या के घर से कुछ लैपटॉप, पैनड्राइव को भी सीज किया गया है। ये सारी जानकारियां आयकर के दिल्ली मुख्यालय को भेजी गई हैं। दूसरी ओर रायपुर- दुर्ग के 32 ठिकानों में 5 दिनों की छापेमारी में मिले दस्तावेजी सबूतों के आधार पर अधिकारी जांच आगे बढ़ाने में लगे हैं।

कई अफसर भी जांच के दायरे में

सार्वजनिक सेवकों के लिए उसी के हस्तांतरण, नोटबंदी के दौरान भारी नकदी जमा, शेल कंपनियों से आवास प्रविष्टियों, अघोषित निवेश के आधार पर की गई थी। छापे में जांच के दौरान संपत्तियों की खोज के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर कुछ अन्य परिसरों को भी जांच में शामिल किया गया। खोज के दौरान जब्त किए गए दस्तावेज़ों और इलेक्ट्रॉनिक डेटा से पता चलता है कि अफसरों और अन्य लोगों को हर महीने पर्याप्त मात्रा में अवैध संतुष्टि का भुगतान किया जा रहा था।

छत्तीसगढ़ सरकार ने कहा- कुछ नहीं मिला, यह सिर्फ साजिश
आयकर विभाग के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इस मामले में बयान जारी किया। सरकार ने कहा- आयकर विभाग की तरफ से जारी बयान में किसी भी तरह के कोई पुख्ता प्रमाण का उल्लेख नहीं है। किसी भी व्यक्ति और संस्था का नाम भी इसमें नहीं है। साथ ही, किसी से जब्ती के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। आयकर विभाग की तरफ से दी गई सूचना यह बताती है कि उनके हाथ कोई सफलता नहीं लगी। यह राज्य सरकार को अस्थिर करने और प्रदेश में एक दहशत फैलाने की साजिश है।

बघेल ने मोदी को चिठ्ठी लिखकर विरोध जताया

आयकर विभाग की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। बघेल ने इसे संघीय व्यवस्था के खिलाफ बताया। तीन पेज की इस चिठ्‌ठी में छापों में केंद्रीय सुरक्षा बलों के इस्तेमाल को भी दुर्भाग्यपूर्ण और असंवैधानिक बताया गया

 

पहला दिन: छत्तीसगढ़ पहुंचने के आधे घंटे में 25 ठिकानों पर छापे मारे
27 फरवरी को सुबह 7.30 बजे दिल्ली से चार्टर्ड प्लेन के जरिए आयकर विभाग के 105 अफसर रायपुर पहुंचे। इनके साथ सीआरपीएफ के 200 जवान भी थे। आधे घंटे बाद ही अफसर और जवान आठ अलग-अलग टीमों में बंट गए। सुबह 8 बजे से रायपुर के महापौर एजाज ढेबर, महापौर के भाई अनवर ढेबर, पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड, आईएएस अनिल टुटेजा, सीए अजय सिंघवानी, होटल कारोबारी गुरुचरण सिंह होरा, डॉ. ए फरिश्ता, सीए संजय संचेती और सीए कमलेश जैन के 25 ठिकानों पर एक साथ छापे मारे। एक टीम भिलाई पहुंची और सेक्टर-9 स्थित आबकारी विभाग के ओएसडी अरुणपति त्रिपाठी के बंगले पर छापा मारा।

टकराव: आयकर टीम की गाड़ियों पर अवैध पार्किंग की कार्रवाई
पहले दिन रात 8 बजे छत्तीसगढ़ पुलिस ने राज टॉकीज के पास खड़ी आयकर अफसरों की गाड़ियों को जैक लगाकर लॉक कर दिया। रात 12 बजे ट्रैफिक पुलिस सभी गाड़ियों को अवैध पार्किंग में खड़ा बताकर पुलिस लाइन ले गई।

दूसरा दिन: सीएम की उपसचिव के बंगले का ताला नहीं खुला
28 फरवरी को दोपहर करीब 2 बजे आयकर विभाग की टीम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपसचिव सौम्या चौरसिया के भिलाई स्थित सूर्या रेसिडेंसी स्थित बंगले पर पहुंची। बंगले का दरवाजा नहीं खुलने पर चाबी बनाने वाले को बुलाया गया। इसके बाद भी दरवाजा न खुलने पर टीम ने वहीं रात बिताई।

छापों के 36 घंटे बाद मुख्यमंत्री बघेल एक्टिव हुए
28 फरवरी को शाम 7:30 बजे यानी छापे शुरू होने के 36 घंटे बाद मुख्यमंत्री बघेल समेत पूरा मंत्रिमंडल राजभवन पहुंचा। वहां राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर छापों पर विरोध जताया। आयकर विभाग की कार्रवाई को असंवैधानिक बताते हुए कानूनी कार्रवाई की बात भी कही। इससे पहले भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने विधानसभा में आयकर विभाग की गाड़ियों को जब्त किए जाने का विरोध किया।

तीसरा दिन: 24 घंटे बाद भी सौम्या के बंगले का ताला नहीं खोल सकी टीम
24 घंटे बीत जाने के बाद भी इनकम टैक्स अफसरों की टीम उपसचिव सौम्या चौरसिया के भिलाई स्थित बंगले का दरवाजा नहीं खोल सकी। इसके बाद बंगले को सील कर दिया गया। सुबह 10 बजे भोपाल और दिल्ली से सीबीआई की टीम भी रायपुर और भिलाई पहुंचीं। दोपहर 12 बजे छापों के विरोध में कांग्रेस ने रायपुर के गांधी मैदान में प्रदर्शन शुरू किया। रायपुर के महापौर एजाज ढेबर के करीबी और पूर्व पार्षद अफरोज अंजुम के बैजनाथ पारा स्थित घर पर भी छापा मारा गया।

मुंबई से 50 अफसर बुलाए, होटल में कंट्रोल रूम बनाया
शनिवार को इनकम टैक्स के 50 अफसरों को मुंबई से बुलाया गया। एक होटल में कंट्रोल रूम बनाकर छापों में मिली जानकारी और दस्तावेज सहेजने का काम शुरू किया गया। इसके लिए टीम ने रायपुर के इनकम टैक्स कमिश्नर से 22 कम्प्यूटर, प्रिंटर और फोटोकॉपी मशीनें मांगीं।
चौथा दिन: दिल्ली पहुंचे बघेल, दोपहर में प्रेस कॉन्फ्रेंस, शाम को सोनिया से मिले
मुख्यमंत्र भूपेश बघेल रविवार को दिल्ली पहुंचे। दोपहर को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में रणदीप सिंह सुरजेवाला और छत्तीसगढ़ के प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा- मोदी-शाह की सरकार ने सीबीआई, इनकम टैक्स जैसे डिपार्टमेंट्स को अपना गठबंधन सहयोगी बनाया हुआ है। अब देश की रक्षा करने वाली सीआरपीएफ का भी दुरुपयोग कर रहे हैं।

बघेल ने सोनिया को दी जानकारी
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रविवार शाम को दिल्ली गए। वहां सोनिया गांधी से उन्होंने मुलाकात की। इस मुलाकात में प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया और सीएम के सलाहकार विनोद वर्मा भी शामिल थे। मुलाकात के बाद पुनिया ने कहा कि हम इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा- यह कार्रवाई संघीय ढांचे के खिलाफ है।

 

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