छग में अफसरों पर छापे, 50 करोड़ की काली कमाई , घरों में स्वीमिंग पूल -तिजोरी में डॉलर-येन , जेवर तुले तराजू से

रायपुर //करीब पांच महीने की खामोशी के बाद एंटी करप्शन ब्यूराे (एसीबी) ने गुरुवार को सुबह अलग-अलग विभागों के 9 अफसरों के 15 ठिकानों पर एक साथ छापे मारे। रात तक चली जांच में 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की काली कमाई सामने आई है।
छापे में एक अफसर के गांव के घर में स्वीमिंग पूल मिला, तो एक के घर की आलमारी से 8 लाख रुपए से ज्यादा मूल्य के डॉलर और येन (जापानी मुद्रा) मिल गए। एक अधिकारी के यहां इतने जेवर मिले हैं कि तौलने के लिए एक ज्वेलर को तराजू के साथ बुलाना पड़ा। जांच में पता चला कि अफसरों के मकान से लेकर जीवनशैली भी लग्जोरियस है। उसके पास से 50 तोला सोना भी मिला है। एसीबी-ईओडब्लू के एडीजी मुकेश गुप्ता ने बताया कि प्रापर्टी के न्यूनतम मूल्य के अनुसार 50 करोड़ से ज्यादा की काली कमाई सामने आई है। बाजार रेट पर इसकी कीमत अधिक है।

कई के पास 40 से ज्यादा मकान-प्लाॅट

एक-दो अफसरों के पास 40 से ज्यादा मकान, प्लाॅट और खेती की जमीन मिली है। अभी बैंक और लॉकरों का ब्योरा आना बाकी है। जो दस्तावेज मिले हैं, उनकी जांच चल रही है। इसमें इन अफसरों की संपत्ति लगाने के मामले में कुछ रिश्तेदारों और करीबियों के नाम भी मिले हैं। उन्हें भी जांच के दायरे में लिया जा सकता है। कुछ ठिकानों पर छापे भी पड़ सकते हैं।
9 साल पहले 90 लाख घोटाले का आरोप

  • एसीबी के एएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि समाज कल्याण विभाग के एडिशनल डायरेक्टर एमएल पांडे पर 9 साल पहले 90 लाख का घोटाला करने का आरोप लगा था। उनके खिलाफ तत्कालीन सचिव एमके राउत ने एफआईआर करवाने की सिफारिश की थी। लेकिन इसे दबा दिया गया। इतना ही नहीं उन्हें पद से हटाने के बजाय मनपसंद पोस्टिंग भी दे दी गई। इस तरह, विभाग की ओर से ही उन्हें भ्रष्टाचार की छूट दी गई।

    नाम और पद   — कुल आय    — प्रापर्टी
  • सुभाष गंजीर जिला शिक्षा अधिकारी दंतेवाड़ा 60 लाख -6 करोड़
  • अविनाश गुंजाल सहा. संचालक औद्योगिक सुरक्षा 70 लाख -5 करोड़
  • केएस चंद्रा कार्यपालन अभियंता पीएचई कोरबा 70 लाख -8 करोड़
  • एमएल पांडे ए. डायरेक्टर समाज कल्याण रायपुर 1 करोड़ -10 करोड़
  • प्रदीप गुप्ता ईई-पीएमजीएसवाय बिलासपुर 60 लाख -4 करोड़
  • रामेश्वर साहू एसडीओ फारेस्ट कोरिया 70 लाख -5 करोड़
  • एके तंबोली एएफओ बिलासपुर 50 लाख -4.50 करोड़
  • सालिकराम वर्मा संयुक्त संचालक कृषि रायपुर 80 लाख -4 करोड़
  • श्रवण सिंह नोडल अफसर सहकारी बैंक जांजगीर 40 लाख -3 करोड़
  • किस अफसर की कहां प्रापर्टी
    सुभाष गंजीर, जिला शिक्षा अधिकारी दंतेवाड़ा
  • एसीबी के छापे के दौरान 9 लाख कैश के अलावा तीन आलीशान मकान वृंदावन कालोनी, धनपुंजी व धरमपुरा में मिले हैं। इसके अलावा 40 अलग-अलग शहरों-कस्बों में छोटे-बड़े प्लाट के दस्तावेज भी मिले हैं। मकान की जांच में 50 तोला सोना और काफी मात्रा में चांदी के जेवर मिले हैं।
    अविनाश गुंजाल ,सहायक संचालक औघोगिक सुरक्षा
  • वीआईपी स्टेट शंकर नगर में दो मकान और जमीन। इसी की कीमत डेढ़ करोड़ से ज्यादा है। इसके अलावा कमल विहार में 50 हजार वर्गफुट जमीन। आनंदम वर्ल्ड सिटी में दो प्लाॅट के कागजात मिले, जिसकी कीमत दो करोड़ बताई जा रही है।
    केएस चंद्रा, कार्यपालन अभियंता पीएचई कोरबा
  • बिलासपुर में रामा लाइफ सिटी में भव्य बंगला, 6 एकड़ जमीन बेलकोटा में। इसके अलावा जांजगीर में अलग-अलग जगहों पर 24 जमीनें खरीदने के प्रमाण दस्तावेजों के साथ मिले हैं। पत्नी के नाम पर 25 एकड़ कृषि भूमि होने का भी पता चला है।
    एमएल पांडे, एडिशनल डायरेक्टर समाज कल्याण
  • अग्रोहा सोसायटी में करीब 5 हजार वर्गफुट में आलीशान बंगला। दस हजार वर्गफुट में दो मंजिला आलीशान भवन, जिसमें स्कूल चल रहा है। 25 एकड़ जमीन पाटन में, मुंबई में भी जमीन खरीदी के प्रमाण मिले हैं। यही नहीं, कई बैंकों में एक करोड़ जमा हैं।
    प्रदीप कुमार गुप्ता, ईई पीएमजीएसवाय, बिलासपुर
  • 2 फ्लैट सांई परिसर मैग्नेटो मॉल के पास, आशीर्वाद वेली अपार्टमेंट, हाईकोर्ट बिलासपुर के पास डुप्लेक्स बंगला, कीमती कार, पॉश इलाके में तीन प्लॉट। रायपुर में ग्रीन गैलरी अपार्टमेंट में 2 बीएचके फ्लैट और दो बैंक लॉकर मिले हैं।
    सालिकराम वर्मा, ज्वाइंट डायरेक्टर कृषि विवि
  • उरला में 3 फैक्ट्री और नई राजधानी में साढ़े छह हजार वर्गफुट जमीन नई राजधानी में। इसके अलावा बेमेतरा में बचपन नाम से स्कूल संचालित कराया जा रहा है। दो बसों के अलावा इको कार एक वैगन आर और एक लग्जरी कार मिली है।
    एके तंबोली, सहायक खाद्य अधिकारी
  • बिलासपुर में पदस्थ सहायक खाद्य अधिकारी का वहां की पॉश कालोनी में दो मकान व बैंकों के दो लॉकर मिले हैं। इसके अलावा कवर्धा मेन रोड पर जमीन, एक मकान और बैंक लॉकर का पता चला है। इसके अलावा कुछ जमीनों के दस्तावेज मिले हैं।
    श्रवण सिंह, नोडल अधिकारी को-ऑपरेटिव जांजगीर
  • बैंक का छोटा अधिकारी होने के बावजूद बेहिसाब संपत्ति का पता चला है। इन्होंने रिश्तेदारों और पत्नी, पुत्र व भतीजों के नाम से कई कीमती जमीनें खरीदी हैं। उनके दस्तावेज मिल गए हैं। एसीबी अफसर उनका परीक्षण कर रहे हैं।
    रामेश्वर साहू, एसडीओ फारेस्ट कोरिया
  • सुंदनगर में मकान है। बेटी और दामाद के नाम पर करोड़ों की प्रापर्टी का पता चला है। उनके घर पर रेड के दौरान दस्तावेज मिल गए हैं। सूर्या विहार और मॉडल टाउन में डेढ़ करोड़ के दो फ्लैट हैं।
    (एंटी करप्शन ब्यूरो से मिली जानकारी के अनुसार)

अफसरों को लेकर अलग-अलग तरह की कहानियां

भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद छापे में फंसे अफसरों को लेकर अलग-अलग तरह की कहानियां सामने आ रही हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो के अफसरों की मानें तो रायपुर में पदस्थ रहे वन विभाग के एसडीओ की बेहिसाब कमाई का ब्योरा उजागर करने के पीछे करीबी रिश्तेदारों की भूमिका सामने आ रही है। खासकर समधियाने की बड़ी भूमिका बताई जा रही है क्योंकि दोनों पक्षों के कुछ अरसे से संबंध बिगड़ चुके थे। इसी तरह, एक अफसर के ऐशो आराम और बेहिसाब कमाई पर उनके पड़ोस में रहने वाले अधिकारी नजर रख रहे थे। उन्हीं की खबर के बाद निगरानी शुरू हुई और अफसर छापे के जाल में फंस गया। अफसरों के मुताबिक इस बार एसीबी टीम ने कुल 12 अफसरों पर तकरीबन तीन माह नजर रखी थी, जिनमें से 9 के खिलाफ तगड़े सबूत मिल गए थे। एसीबी में स्पेशल-26 के नाम से पुकारे जाने वाले जवानों के दो-दो दस्तों ने यह निगरानी की।

समधियाने की बड़ी भूमिका

बताया जाता है कि उत्तर कोरिया वनमंडल में पदस्थ एसडीओ रामेश्वर साहू रायपुर के अलावा दुर्ग में भी लंबे समय पदस्थ रहे लेकिन रायपुर में पदस्थापना के दौरान ही यहां प्रापर्टी खरीदी। पता चला है कि साहू का समधी पक्ष से पिछले एक अर्से से विवाद चल रहा है। दोनों परिवार में संबंध होने के बाद से उस पक्ष को सारी जानकारी मिली थीं। विवाद शुरू हुआ तो उन्हीं जानकारियों को आधार बनाया गया तथा साहू की संपत्ति की सिलसिलेवार जानकारी दी गई। यही नहीं, इसकी शिकायत एसीबी के अलावा मुख्यमंत्री तक से की गई। सीएम सचिवालय से मिली शिकायत के बाद एसीबी हरकत में आई। गुरुवार को इस अफसर पर पड़ा छापा कामयाब भी रहा। गौरतलब है, रेंजर से एसडीओ बने साहू 6 माह बाद रिटायर होने वाले थे।
एक-दूसरे को निपटाने में फंसे : श्रम विभाग में असिस्टेंट डायरेक्टर अविनाश गुंजाल विभाग में साथी अफसरों के साथ सालों से जारी एक-दूसरे को निपटाने के खेल में खुद भी फंस गए। यह खेल पिछले साल उस वक्त और बढ़ गया, जब एसीबी ने उन्हीं के विभाग में पदस्थ एंथोनी तिर्की के खिलाफ कार्रवाई की। एसीबी सूत्रों ने बताया कि दोनों ही अफसर एक-दूसरे के लिए हमेशा परेशानी का सबब बने रहे थे।
मध्यप्रदेश के मालवा इलाके के मूल निवासी गुंजाल ने राज्य गठन के बाद से अब तक रायपुर और बिलासपुर में ही नौकरी की। बिलासपुर पोस्टिंग के बाद भी वे प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक जिले रायपुर के भी प्रभार में थे। इंडस्ट्रियल सेफ्टी एंड हेल्थ के उप संचालक गुंजाल की छवि को लेकर औद्योगिक हल्कों में कई तरह की बातें चलती रही हैं। इनमें से एक चर्चा यह भी थी कि इनके कार्यकाल में कभी किसी उद्योग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई नहीं की गई। इसके पीछे सैटलमेंट के एक फार्मूला बताया जा रहा था। वे उसी पर अमल करते थे। पिछले साल तिर्की एसीबी के घेरे में फंसे तो गुंजाल प्रभारी संचालक बनने में जुट गए थे। विभाग ने पिछले पखवाड़े इसे लेकर एक नोटशीट भी सरकार को भेजी, लेकिन छापे की वजह से वे इसमें अब पिछड़ गए।
10 देश घूम आए, कभी भी मूड बनता था इसलिए घर में रखे डॉलर
समाज कल्याण विभाग के एडिशनल डायरेक्टर एमएल पांडे ने एसीबी अफसरों को बताया कि विदेश घूमने के शौकीन हैं। उनका मकान खासा आलीशान है और जब उनके बैंक खाते खंगाले गए तो एक करोड़ रुपए की जमा निकली। पांडे के मुताबिक कभी भी फॉरेन टूर का मूड बन जाता था, इसलिए घर में डॉलर रख लिए ताकि ऐन वक्त पर पैसों की दिक्कत न आए। पूछताछ के दौरान एसीबी को अफसर के 10 विदेश दौरों का पता चल चुका है। दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं, जिसमें कुछ और विदेश प्रवासों की जानकारी मिलने की संभावना है।
गर्मी में बच्चों के नहाने के लिए बनवाया था स्वीमिंग पूल
एएसपी एसीबी रजनेश सिंह के मुताबिक छापे के दौरान काेरबा में पदस्थ केएस चंद्रा, कार्यपालन अभियंता पीएचई के गांव के मकान में स्वीमिंग पूल मिला है। उन्होंने अफसरों को बताया कि बच्चे गर्मी में गांव जाते हैं, तालाब के पानी से नहाकर बीमार होसकते थे इसलिए स्वीमिंग पूल बनवा दिया। दंतेवाड़ा के जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष गंजीर के घर छापे में जेवरों की छोटी-छोटी पेटियां मिलीं। इनमें से इतने जेवर निकले कि जौहरी को तराजू लेकर बुलाना पड़ा है। सोने के जेवर तौले जा रहे हैं, चांदी के बाद में तौले जाएंगे। इस वजह से अभी मूल्य का अनुमान लगाना संभव नहीं हो पाया।
बोर्ड में थर्ड डिवीजन, एमए मेघालय से, वह भी फर्स्ट क्लास
एसीबी छापे में फंसे दंतेवाड़ा के जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष गंजीर के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। एंटी करप्शन के एसपी रजनेश सिंह ने बताया कि गंजीर ने 10वीं और 12वीं बोर्ड में थर्ड डिवीजन में पास किया है। बीए भी यहीं से किया। उसमें भी उनका रिजल्ट थर्ड डिवीजन ही रहा, लेकिन एमए अंग्रेजी उन्होंने फर्स्ट डिवीजन से पास किया। अफसर उनकी मार्कशीट देखकर हैरान रह गए। बारीकी से जांच करने पर पता चला कि उन्होंने एमए मेघालय की किसी यूनीवर्सिटी से किया है। अफसरों ने उनसे पूछा कि आखिर उन्होंने मेघालय की यूनीवर्सिटी से एमए क्यों किया? वे इसका जवाब नहीं दे सके। अफसरों ने बताया कि यह जानकारी शिक्षा विभाग को भेजी जा रही है।

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