कुलगुरु डॉ. रवि प्रकाश दाणी के निलंबन को हाईकोर्ट ने सही माना

नागपुर. डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. रवि प्रकाश दाणी के निलंबन को हाईकोर्ट ने सही माना है। राज्यपाल सी. विद्यासागर राव ने 29 जुलाई को डा. दाणी को निलंबित करने पर उन्होंने इसके खिलाफ हाईकोर्ट की शरण ली थी। अपने बचाव मंे डा. दाणी ने इस कार्रवाई को अवैध बताया था, मगर डा. दाणी के निलंबन को सही बता कर राज्य सरकार ने दलील दी थी कि कुलगुरु पद के लिए नामांकन भरने के दौरान डा. दाणी ने जानकारी दी थी कि उनके पास अमेरिकी नागरिकता है, लेकिन भारत में उनकी मर्जी जितना रहने और काम करने का वीजा है। सरकार ने जानकारी दी है कि सरकारी संस्था मंे किसी पद पर नियुक्त होने के लिए भारत सरकार से विशेष अनुमति लेनी पड़ती है, जो डा. दाणी ने नहीं ली थी, ऐसा करके उन्होंने सर्च कमेटी को अंधेरे में रखा। इस मामले में केंद्र और राज्य के विधि विभाग और प्रदेश महाधिवक्ता से राय लेने के बाद राज्यपाल ने डा. दाणी को बर्खास्त करने का फैसला लिया था।
यह है मामला
28 अप्रैल 2012 को कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु पद के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। डा. दाणी ने इसके लिए आवेदन किया, लेकिन यह नहीं बताया कि विदेशी नागरिकता होने के कारण वे इस पद के लिए पात्र है या नहीं। शोध समिति ने उन्हें कुलगुरु नियुक्त करने की सिफारिश की, जिसके बाद 13 अगस्त 2012 को उन्होंने पदभार ग्रहण किया था। 12 अगस्त 2017 को उनका कार्यकाल पूरा होने वाला था, लेकिन इसके पहले ही राज्यपाल को सिटीजन फोरम और कृषि मंत्री ने दाणी के खिलाफ शिकायत की, जिसके बाद उनका निलंबन हुआ। हाईकोर्ट में इस मामले में डा. दाणी की ओर से एड. अनिल किल्लोर, राज्य सरकार की आेर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुबोध धर्माधिकारी और सरकारी वकील केतकी जोशी ने पक्ष रखा।

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