कश्मीर के आईएएस टॉपर ने सरकारी नौकरी को गुलामी कहा तो साथी आईपीएस ने जमकर लताड़ा

कश्मीर के ब्यूरोक्रेट्स और साल 2010 के आईएएस टॉपर डॉ. शाह फैजल ने फेसबुक पर पोस्ट लिखकर एक बार फिर विवाद खड़ा किया है। फैजल सरकारी नौकरी को दिमाग, आंखें, जीभ, हाथ और पैरों की गुलामी बताया है। फैजल 14 मार्च को अपने फेसबुक पोस्ट पर लिखा था, ‘मेरे पास स्टार्टअप और खुद का काम करने वाले युवाओं को सपोर्ट करने की मजबूत वजह है। यह लोगों को पूरी आजादी देती है। सरकारी नौकरी दिमाग, आंखें, जीभ, हाथ और पैरों की गुलामी है।’

जहां कई लोग फैजल की पोस्ट को लेकर बहस कर रहे हैं, वहीं एक युवा आईपीएस अधिकारी शैलेंद्र मिश्रा ने डॉ. फैजल को करारा जवाब दिया है। एमबीए ग्रेजुएट मिश्रा अभी बतौर एसएसपी उधमपुर कार्यरत हैं। मिश्रा चाहते हैं कि युवा अपने सपनों का पीछा करें और सरकारी नौकरी करें। मिश्रा ने फैजल को जवाब देते हुए लिखा है, ‘मैं सात साल से सरकारी नौकरी कर रहा हूं। इससे पहले मैं एक एंटरप्रनोर और कॉरपॉरेट कर्मचारी के तौर पर काम कर चुका हूं। सरकारी नौकरी की वजह से मेरी बुद्धी बढ़ी, मेरे तर्क तेज हुए हैं, मुझे प्रयोग के लिए बड़ा कैनवास मिला है। एक कर्मचारी के तौर पर में कोई भी दूसरी नौकरी कर सकता था। इसने मुझे यह यकीन दिलाया कि यह सिर्फ फायदे के लिए नहीं है, बल्कि मानव सेवा के बारे में भी है, जो आपको अच्छा महसूस कराता है और सबसे विशेष बात यह है कि यह मुझे मेरे ऐसे लोगों के बहुत करीब लाता है, जिनकी मेरे अलावा उनकी कोई आवाज नहीं है।’

Shah Faesal

ons to support youth taking up entrepreneurship, start-ups and self-employment. It gives a man complete freedom. Government service, in turn, is freedom of stomach only. It is slavery of mind, eyes, tongue, hands and feet.

साथ ही मिश्रा ने लिखा है, ‘यह सरकारी नौकरी केवल एक नौकरी भर नहीं है, बल्कि यह लाखों युवाओं की प्रतिभाओं, उनकी योग्यताओं को जाहिर करने के लिए एक माहौल का उपलब्ध करवाती है। एक सरकारी कर्मचारी के लिए खुद की शंका से ऊपर उठकर काम करना होगा। युवा साथियों, अपने सपनों का पीछो करो, खुद को एंटरप्रनोयर बनाओ, बाकी सब छोड़ दो, सरकार में कुछ ऐसे आत्मविश्वासी लोग भी हैं, जो कि आप लोगों को आपको अच्छा माहौल देंगे। अगर आप इस सरकारी सिस्टम का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो मुझ पर भरोसा करो, आप गलत नहीं करेंगे। आप हमेशा विजेता रहोगे। आपका स्वागत है।’

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