कभी थीं लेडी आईपीएस, अब हैं मोस्‍ट वॉन्‍टेड

एक वक्त था जब अपराधी इनसे डरते थे. अब वह खुद अपराधियों की श्रेणी में आ गयी है. पश्चिम बंगाल की सीआईडी टीम में शामिल सुपरिंटेंडेंट और पदोन्नत आईपीएस अधिकारी भारती घोष मोस्ट वॉन्टेड की सूची में शामिल हो गयी हैं.आईपीएस बनने से पहले भारती पुलिस विभाग में काम करती थीं. सीआईडी टीम में शामिल रहीं भारती पर अब सीआईडी ने ही 300 करोड़ की जमीन खरीदी का आरोप लगाया है. भारती पर आरोप है कि उन्होंने अपनी संपत्ति का पूरा ब्यौरा नहीं दिया. भारती घोष को फरार घोषित कर दिया गया है. भारती पर अवैध वसूली सहित कई मामले दर्ज किये गये हैं.

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 पश्चिम बंगाल की सीआईडी टीम इन दिनों पूर्व सुपरिंटेंडेंट और पदोन्नत आईपीएस अधिकारी भारती घोष को वॉन्टेड घोषित कर देश भर में छापेमारी कर रही है। भारती घोष को एक समय में वेस्ट बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की करीबी माना जाता था। आईपीएस बनने से पहले भारती लिस डिपार्टमेंट में एसपी थीं। सीआईडी का आरोप है कि महिला आईपीएस ने 300 करोड़ की जमीन खरीदी। सीआईडी को इस जमीन की खरीद फरोख्त से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। भारती पर कथित रूप से अपनी संपत्ति की सटीक घोषणा न करने का आरोप है। रिपोर्ट के मुताबिक भारती घोष को लापता घोषित कर दिया गया है। भारती के पति राजू भी पुलिस के निशाने पर हैं। अवैध वसूली समेत अन्य मामलों में पश्चिम मेदिनीपुर की पूर्व एसपी और आइपीएस अफसर भारती घोष के पति राजू की गिरफ्तारी पर कोलकाता हाई कोर्ट ने 15 मार्च तक रोक लगा दी है। इन सबके बीच घोष ने ऑडियो जारी कर सीआईडी की कार्रवाई की निंदा की।
पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्से में सीआईडी ने छापेमारी की। भारती घोष के आवास पर भी छापा मारा। उनके नजदीकी बताए जाने वाले पुलिस अधिकारी के आवास पर छापेमारी हुई। मामले में पश्चिम बंगाल में दोनों विपक्षी दलों बीजेपी और कांग्रेस ने सीबीआई जांच की मांग की है। बीजेपी और कांग्रेस का ममता सरकार पर आरोप है कि पूर्व एसपी को साल 2011 में मारे गए सीनियर माओवादी नेता किशनजी उर्फ कोटेश्वर राव की मौत के बारे में कुछ अहम जानकारियां हासिल हुई थी। पूर्व पूलिस अधिकारी की पोस्टिंग माओ प्रभावित मिदनापुर में की गई थी।

कानून के हिसाब से ही कार्रवाई

सीआईडी के डीजी (ऑपरेशन इंचार्ज) निशांत परवेज ने कहा कि जांच एजेंसी कानून के हिसाब से ही कार्रवाई कर रही है। जहां घोष ने कहा कि उन्होंने अपनी संपत्ति का पूरा ब्योरा दिया था, वहीं सीआईडी ने कहा कि जांच एजेंसी ने करोड़ों रुपये बरामद किए, जिसके बारे में कहीं कोई जानकारी नहीं दी गई थी। दरअसल यह पूरा मामला 1 फरवरी को सामने आया था, जब एक स्थानीय रेस्तरां के मालिक चंदन माझी ने अवैध वसूली और धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद अदालत ने CID को इस मामले की जांच करने के आदेश दिए थे। 2 फरवरी को CID ने राजू के घर पर छापेमारी भी की। इसके बाद एसआई देवाशीष दास, कांस्टेबल संजय महतो ,सब इंस्पेक्टर प्रदीप रथ, और एक सोना व्यापारी बिमल के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई। चंदन का आरोप है कि उसने 375 ग्राम सोने के आभूषण एक पुलिसकर्मी को बेची थी, जिसमें सोने की जगह पुराने नोट दिए जा रहे थे। शिकायत में कहा गया है कि अब तक वह राशि नहीं दी गई।

2017 में दिया था इस्तीफा

भारती घोष ने 29 दिसंबर 2017 को इस्तीफा दे दिया था। घोष के इस्तीफे के बाद इस बात की चर्चा भी राजनीतिक हलकों में आम हो गई थीं कि वो बीजेपी में शामिल हो सकती हैं। आईपीएस अफसर भारती घोष ने पश्चिम मेदिनीपुर के पुलिस अधीक्षक पद से तबादले के बाद पुलिस महानिदेशक को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

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