ऑफिस कैब में करती थी परीक्षा की तैयारी बनी IAS ऑफिसर काजल

अगर हम कुछ करने की ठान ले तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है और कुछ ऐसी ही कहानी है काजल जावला की जो बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना देखती आयी थी लेकिन उनकी किस्मत में कुछ और ही लिखा था. आइए जानते हैं काजल कैसे बनींं एक IAS अधिकारीकहते हैं क‍ि तकदीर का लिखा कोई नहीं बदल सकता. लेकिन अगर हम कुछ करने की ठान लें तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है और कुछ ऐसी ही कहानी से आज हम आपको रूबरू कराने जा रहे हैं. आज की सक्सेस स्टोरी में काजल जावला से मिलिए, जो बचपन से ही डॉक्टर बनने का ख्वाब देखती थींं, लेकिन उनकी मेहनत और लगन ने काजल की किस्मत पलट दी. गांव खानपुर की 31 वर्षीय लड़की काजल जावला का 2018 की आईएएस की परीक्षा में चयन हुआ। काजल ने इसमें 28वा स्थान प्राप्त कर जिले और गांव का नाम रोशन किया।साल 2018 में पहली बार काजल ने आईएएस प्रिलिम्स एग्जाम क्रैक किया. इसके बाद आईएएस मेन परीक्षा (IAS Main Exam) में 1750 में से 850 अंकों के साथ 28वीं रैंक हासिल की. सिर्फ इतना ही नहीं काजल ने इंटरव्यू राउंड में आईएएस टॉपर कनिष्क कटारिया को भी पीछे छोड़ दिया. जहां कनिष्क कटारिया ने इंटरव्यू राउंड में 179 अंक हासिल किए, वहीं काजल ने 201 अंकोंं के साथ आईएएस इंटरव्यू क्‍वाल‍िफाई किया.
तैयारी के दौरान भी नहीं छोड़ी नौकरी
काजल पिछले 9 साल से नौकरी कर रही हैं और आईएएस की तैयारी के दौरान भी उन्होंंने अपनी जॉब नहीं छोड़ी. उन्होंंने 9 घंटे की जॉब के होते हुए भी कामयाबी हासिल कर ही ली. हालांकि काजल 4 बार आईएएस प्री परीक्षा में फेल हुई, लेकिन फिर भी उन्होंंने हिम्मत नहीं हारी और अगली बार 5वें अटेम्प्ट में आईएएस प्री एग्जाम क्‍वालिफाई किया.
काजल हमेशा चाहती थींं कि वो एक डॉक्टर बनें, लेकिन उनके पिता ने उन्हें हमेशा सिविल सर्विस की तैयारी के लिए प्रोत्साहित किया पिता की बातों से प्रभावित होकर काजल ने साल 2016 में आईएएस की तैयारी शुरू कर दी. लगातार प्री परीक्षा में फेल होने के बावजूद काजल पिता ने उनके मनोबल को कमजोर नहीं पड़ने दिया और आखिरकार उन्हें कामयाबी मिल ही गई. काजल के पिता उनके रोल-मॉडल हैं और परिवार के बाहर डॉ एपीजे अब्दुल कलाम उनकी सादगी के लिए काजल के रोल-मॉडल हैं.काजल से एक बड़ी बहन है और उससे छोटा एक भाई है। काजल ने बताया कि उन्होंने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई मेरठ में ही रहकर की है उसके बाद उसने बीटेक मथुरा से किया था 2010 में उसने जॉब के लिए प्राइवेट कंपनी ज्वाइन कर ली थी। नौकरी पर रहते हुए फरवरी 2016 में उसकी शादी हो गई थी वे दिन में जॉब करती थीं और बाकी समय मे पढ़ाई करती थी। वे सोमवार से शुक्रवार तक चार से पांच घंटे शनिवार और रविवार को 10 घंटे पढ़ती थी। उन्होंने इतिहास भूगोल और अर्थशास्त्र आदि विषय की तैयारी के लिए उसने कक्षा 6 से 12 तक की एनसीईआरटी की किताबों का अध्ययन किया। करंट जीके के लिए उसने प्रतिदिन अलग-अलग समाचार पत्रों का प्रतिदिन अध्ययन किया। उसने 2012 से 2017 के बीच चार बार यूपीएससी की परीक्षा दी, लेकिन वे प्री एग्जाम भी क्वालीफाई नहीं कर सहीं। उन्होंने अपनी हिम्मत नहीं छोड़ी और पांचवीं बार 2018 में फिर परीक्षा दी। जिसमें उन्हें सफलता मिली। पांच अप्रैल 2019 में आए यूपीएससी के फाइनल रिजल्ट में उसने इंटरव्यू में 201 और थ्योरी में 850 अंक पाकर भारत में आईएएस में 28 वी रैंक हासिल की। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने पति आशीष मलिक पिता सतेंद्र माता सुनीता और अपने सास-ससुर को दिया। जिन्होंने उसका हौसला नहीं टूटने दिया। उन्होंने युवाओं से भी कहा किसी भी नौकरी का फार्म भरने से पहले उसके सिलेबस को बहुत गहराई से पढ़ लें। उसी के अनुसार तैयारी करें। बिना जानकारी के फार्म भरकर समय और पैसा बर्बाद न करें।

फेलियर को बनाया चुनौती
आइएएस प्रिलिम्स एग्जाम में बार बार फेल होने से काजल को उनकी मेहनत पर संंदेह होने लगा और अपने फेलियर के लिए वो खुद को जिम्मेदार मानने लगीं. पर उन्‍होंने हार नहीं मानी और इसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया. काजल ने सभी मुश्किलों को पार करके सफलता हासिल कर ही ली, जिसमें उनके परिवार स्पेशली उनके पिता और पती ने उनका पूरा साथ दिया.
सफलता के लिए अपनाई ये रणनीति
समय की कमी काजल के लिए सबसे बड़ी चुनौती रही. जिससे निपटने के लिए उन्होंंने एक नई रणनीति तैयार की. काजल रोज ऑफिस जाते समय 3 घंटे कैब में पढ़ा करती, लेकिन छुट्टी वाले दिन वे पूरा दिन पढ़ाई करती थीं. काजल ने आईएएस परीक्षा की हर स्टेज को पार करने के लिए अलग-अलग रणनीति अपनाई.

जनरल नॉलेज के स‍िलेबस को कवर करने के लिए काजल ने NCERT की किताबों का सहारा लिया, जिसने बेसिक कॉन्सेप्ट्स को क्लीयर करने में उनकी मदद की और आईएएस परीक्षा में निबंध की तैयारी के लिए उन्होंंने सोशल मुद्दों की पढ़ाई की. प्रीलिम्‍स परीक्षा में उन्होंंने करेंट अफेयर्स पर ज्यादा ध्यान दिया, जिसकी जानकारी उन्हें रोज अखबार पढ़ने से मिलती रही.काजल ने मेन परीक्षा में जूलॉजी को अपना सब्जेक्ट चुना इसके लिए उन्होंंने पिछले साल के प्रश्‍न पत्रों को हल करने की कोशिश की और रीवीजन पर जोर दिया. इंटरव्यू काजल का मेन फोकस रहा उन्होंंने अपने नाम से लेकर हॉबीज तक की सारी मिनट डिटेल के साथ इंटरव्यू में पूछे जाने वाले हर संभव प्रश्‍न के उत्तर की भी तैयारी की.

आईएएस उम्मीदवारों को तैयारी के लिए दिए ये सुझाव
काजल का मानना है कि आईएएस का सिलेबस एक समंदर की तरह है और इसके लिए एक उम्मीदवार को ये पता होना चाहिए कि तैयारी के लिए कौन-कौन से टॉपिक्स को कवर करना ज्यादा जरूरी हैं. आईएएस प्रिलिम्स परीक्षा में ज्यादा से ज्यादा और सटीक जानकारी होना जरूरी है, उम्मीदवार को फैक्ट्स उनके इफेक्ट और कॉन्‍सेप्‍ट के बीच कंफ्यूज नहीं होना चाहिए. वहीं दूसरी तरफ आईएएस मेन परीक्षा में महत्‍वपूर्ण टॉपिक्स से संबंध‍ित ज्ञान की आवश्यक्ता होती है, जिसे परीक्षा के समय आसानी से याद रखा जा सके.

अगर इंटरव्यू राउंड की बात करें तो उसके लिए रोज अखबार पढ़ना सबसे जरूरी है. ताकि उम्मीदवार संवेदनशील मुद्दों के बारे में डिटेल जानकारी प्राप्त कर पाएं. ऐसा करने से उन्हें इंटरव्यू क्‍वालिफाई करने में काफी मदद मिल सकती है. काजल ने आईएएस की सभी स्टेजों को पार करने के लिए अखबार पढ़ना सबसे जरूरी बताया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Translate »