ऑटो चालक का बेटा अंसार अब आईएएस बनेगा ,कभी हिन्दू बनकर लिया था कमरा

मुंबई. 21 साल के अंसार अहमद शेख ने पहली ही अटेम्प्ट में सिविल सर्विस एग्जाम 361th रैंक के साथ पास कर लिया। शेख के पिता ऑटो चलाते हैं। घर महाराष्ट्र के जालना जिले के शेगांव में है। बता दें कि अंसार को पुणे में अपने मुस्लिम नाम की वजह से मनचाही जगह पर किराए का घर नहीं मिला था। तब उन्हें अपना नाम बदलकर शुभम रखना पड़ा था।
 – अंसार ने तीन साल पहले पुणे के फर्ग्युसन कॉलेज में एडमिशन लिया था। रहने के लिए वह फ्लैट खोज रहे थे। वे कॉलेज के आसपास की कॉलोनियों में गए।
– मकान मालिक उनसे नाम पूछते। अपना असली नाम बताने पर कोई फ्लैट देने को तैयार नहीं था। फिर अंसार ने अपना नाम ‘शुभम’ रख लिया।
– अंसार कहते हैं, “मुझे याद है जब मैं पीजी खोजने निकला था। मेरे हिंदू दोस्तों को आसानी से कमरे मिल गए, पर मुझे मना कर दिया गया। इसलिए अगली बार मैंने अपना नाम शुभम बताया, जो दरअसल मेरे दोस्त का नाम था।”
– हालांकि, अंसार अब गर्व से असली नाम और मजहब बताते हैं।
रिजल्ट जान हैरान रह गए घरवाले
– एक इंटरव्यू में अपने स्ट्रगल पर बात करते हुए अंसार ने बताया, “मैं गरीब परिवार और पिछड़े इलाके का रहना वाला हूं। मेरे वालिद साहब की तीन बीवियां थीं। मेरी मां उनकी दूसरी बीवी हैं। हमारी फैमिली में पढ़ाई-लिखाई की अहमियत नहीं थी। छोटे भाई ने स्कूल के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। दो बहनों की जल्दी शादी कर दी गई थी।”
– “मेरा भाई गैराज में काम करता है। जब मैंने घर पर फोन करके बताया कि मैंने यूपीएससी का एग्जाम निकाल लिया है और अब आईएस अफसर बन सकता हूं, तो वे हैरान रह गए।”ये है पहला टारगेट

– अंसार कहते हैं कि अफसर बनने के बाद सांप्रदायिक सौहार्द बढ़ाना और गरीबों की मदद करना मेरा पहला काम होगा।
– अंसार को ओबीसी होने की वजह से उन्हें आईएएस मिलने की पूरी उम्मीद है।
– अंसार ने पुणे के फर्ग्युसन कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में ग्रैजुएशन की है।

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