उपहार कांड के 22 साल बाद मौत की फैक्ट्री बनी दिल्ली की अनाज मंडी , 44 लोगों की मौत

नई दिल्ली. राजधानी में उपहार सिनेमा हादसे के 22 साल बाद बड़ा अग्निकांड हुआ। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से करीब 3.5 किमी दूर अनाज मंडी के रिहायशी इलाके में चल रही फैक्ट्री में रविवार तड़के 5:22 बजे आग लग गई। उस वक्त फैक्ट्री के अंदर 59 लोग सो रहे थे। इनमें से 44 लोगों की मौत हो गई, 15 जख्मी हैं। ज्यादातर मौतें दम घुटने (एस्फाइक्शिया) से हुई। मृतकों में ज्यादातर मजदूर बिहार के रहने वाले थे। 4 मंजिला मकान में चल रही इस फैक्ट्री में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी थी। क्राइम ब्रांच मामले की जांच करेगा।घटना सुबह 5 बजे की है. मंडी में एक तीन मंजिला बेकरी है. बेकरी की ऊपरी मंजिल पर आग लगी थी. जिसके बाद आग ने पूरी इमारत को ही अपनी चपेट में ले लिया. आग के चलते पूरा इलाका धुआं-धुआं हो गया. इलाके के काफी कन्जस्टेड होने के चलते भी आग ज्यादा फैली. वहीं काफी संकरे इलाके में दमकल की गाड़ियों को पहुंचने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

इससे पहले 13 जून 1997 को दिल्ली के उपहार सिनेमा में लगी आग में 59 लोगों की मौत हुई थी। दिल्ली पुलिस ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। ऐसे मामले में दोषी पाए जाने पर 10 साल जेल की सजा हो सकती है। फैक्ट्री मालिक रेहान को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। घायलों को एलएनजेपी, आरएमएल और हिंदूराव अस्पताल में भर्ती कराया गया। बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीम भी भेजी गई।दमकल विभाग के मुताबिक, जिस इलाके में आग लगी, वह घनी आबादी वाला है। साथ ही वहां गलियां भी काफी संकरी हैं। ऐसे में दमकल विभाग की गाड़ियों को घटनास्थल में पहुंचने में समय लग गया। इसी कारण मौतों की संख्या में इजाफा हुआ।

आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है. फिलहाल फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया है. इलाके में लोगों का रेस्क्यू किया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं ने ट्वीट कर हादसे पर दुख जताया है.दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और अनुराग ठाकुर ने मौके पर जाकर घटना के संबंध में जानकारी ली और मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया. अनाज मंडी में एक इमारत में आग लगी. आग इतनी भयानक थी कि आग पर काबू पाने के लिए दमकल की 30 से ज्यादा गाड़ियां पहुंची. हालांकि देखते ही देखते आग बढ़ती ही चली गई.

4 घंटे तक हॉस्पिटल पहुंचते रहे आग में झुलसे लोग

आग की सूचना मिलने पर दमकल, एनडीआरएफ और पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। यहां से करीब 60 लोगों को निकाला गया। सबसे ज्यादा 49 घायलों को एलएनजेपी लाया गया। यहां 35 को मृत घोषित कर दिया गया। यहां के डायरेक्टर किशोर सिंह ने बताया कि ज्यादातर मौतें दम घुटने से हुईं। अन्य मरीजों के लिए इमरजेंसी सेवाएं बंद की गईं।

  • एलएनजेपी हॉस्पिटल में घायलों को लाने का सिलसिला 4 घंटे तक चलता रहा। एनडीआरएफ की टीमें टुकड़ों-टुकड़ों में 6 से 10 बजे तक घायलों को लाती रहीं। डॉक्टरों ने बताया कि 49 में से 34 लोगों की मौत हॉस्पिटल लाने से पहले ही हो चुकी थी। एक की मौत इलाज के दौरान हुई।
  • इस बीच घायलों के परिजन भी अस्पताल में जुटने लगे। उन्होंने बताया कि अस्पताल से कोई जानकारी नहीं मिल रही है और न ही अंदर घुसने दिया जा रहा है। एलएनजेपी अस्पताल में करीब 50 लोग अपने परिजन की जानकारी लेने के लिए जमा हैं। सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस के करीब 100-150 जवान यहां तैनात हैं।

आग लगने पर तुरंत कमरे की खिड़की खोलकर सांस लेने लगे: घायल

आग में झुलसे मोहम्मद मुस्तफा ने अपने रिश्तेदार अलाउद्दीन को बताया कि 3 बजे तक तो हम फिल्म ही देख रहे थे, लेकिन 4.30 के बाद जब अचानक नींद खुली तो देखा कि आग लग चुकी थी। निकलने की जगह नहीं थी। हम लोग एक कोने वाले कमरे की ओर भागे और वहां खिड़की खोलकर सांसें लेने लगे। एक अन्य मरीज के रिश्तेदार ने बताया कि आग की सूचना मिलने पर सब भागे, भगदड़ मची और मारे गए।

बिजली के तारों की वजह से दमकल की गाड़ियां नहीं पहुंच पाए

विभाग के चीफ फायर ऑफिसर अतुल गर्ग के मुताबिक, उन्हें आग की जानकारी सुबह 5:20 बजे मिली। इसमें यह नहीं बताया गया था कि आग जिस बिल्डिंग में लगी उसमें फैक्ट्री चल रही थी और वहां लोग फंसे हैं।अफसरों ने बताया कि संकरी गलियों और उलझे बिजली के तारों की वजह से दमकल की गाड़ियां और उनके पाइप बिल्डिंग तक नहीं पहुंच पाए। इसलिए आग को करीब 100 मीटर की दूरी से बुझाया गया। कुछ दमकलकर्मियों ने आग बुझाने के लिए गाड़ी से पानी लेकर बिल्डिंग तक दौड़भाग भी की।

दमकलकर्मी राजेश शुक्ला को ‘असली हीरो’ बताया

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने दमकलकर्मी राजेश शुक्ला को ‘असली हीरो’ बताया और कहा कि पैर में चोट के बावजूद, उन्होंने अंत तक अपना काम किया। फैक्ट्री में रविवार तड़के भीषण आग लगी थी, जिसमें 44 लोगों की मौत हो गई और 15 जख्मी हो गए।रेस्क्यू के दौरान राजेश के पैर में चोट लग गई। उन्हें एनएलजेपी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। सत्येंद्र जैन ने हॉस्पिटल पहुंचकर उनसे मुलाकात की। दिल्ली फायर सर्विस (डीएफएस) ने कहा कि जिस इमारत में आग लगी उसके लिए फायर क्लीयरेंस नहीं ली गई थी। मरने वालों में ज्यादातर बिहार के रहने वाले हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए मुआवजे की घोषणा की है।

फैक्ट्री में प्लास्टिक का सामान रखा था

फैक्ट्री में स्कूल बैग और खिलौने बनाए जाते थे। दमकल विभाग के अफसर सुनील चौधरी ने बताया कि फैक्ट्री में बैग्स, बॉटल और अन्य सामान रखा हुआ था। प्लास्टिक मटेरियल होने की वजह से धुआं ज्यादा हुआ, इसलिए दम घुटने से लोगों की जान गई। दमकलकर्मियों के मुताबिक- अनाज मंडी इलाके में कई फैक्ट्रियों के पास अग्निशमन विभाग अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) भी नहीं है। घना इलाका होने के चलते हमें बचाव अभियान में दिक्कत आई। एक बुजुर्ग ने बताया कि फैक्ट्री में 12-15 मशीनें लगी हुई थीं।

बिजली कंपनी ने क्या कहा 
आग बिल्डिंग के आंतरिक सिस्टम में लगी, क्योंकि मीटर पूरी तरह सुरक्षित हैं। बिल्डिंग के सामने से गुजर रहे वायर और पोल भी सुरक्षित हैं। आग बिल्डिंग की दूसरी और तीसरी मंजिल पर लगी, जबकि बिजली के मीटर ग्राउंड फ्लोर पर लगे हैं। आग अगर मीटर से लगती तो ग्राउंड फ्लोर पर लगती, न कि दूसरी और तीसरी मंजिल पर।

उपहार सिनेमा में फिल्म चलते वक्त हुआ था हादसा

दक्षिण दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित उपहार सिनेमा में लगी आग में 100 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। 13 जून 1997 को जिस समय यह घटना हुई, थिएटर में बॉर्डर फिल्म चल रही थी। इसी दिन सुबह 6.55 बजे थिएटर परिसर में लगे दो ट्रांसफॉर्मरों को बिजली बोर्ड ने ठीक किया था। माना जाता है कि मरम्मत ठीक से नहीं हुई और शाम 4.55 बजे इन ट्रांसफॉर्मर में आग लग गई। इस आग ने पूरे सिनेमा हॉल को अपनी चपेट में ले लिया था।

बवाना में 17 लोगों की मौत
राजधानी के बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में 21 जनवरी, 2018 को तीन फैक्ट्रियों में भीषण आग लग गई। आग से 17 लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में 8 महिलाएं थीं। इलाके में अवैध रूप से फैक्ट्रियां चल रही थीं। आग एक पटाखा फैक्ट्री के बेसमेंट और फर्स्ट फ्लोर पर लगी थी। बवाना इंडस्ट्रियल एरिया कनॉट प्लेस से महज 35 किलोमीटर की दूरी पर है।

होटल अर्पित में 17 लोगों की मौत
12 फरवरी, 2019 को करोल बाग के होटल अर्पित में आग ने 17 लोगों की जान ले ली। सुबह एक छोटी-सी चिनगारी ने भयानक आग का रूप ले लिया था। आग लगने के वक्त होटल में करीब 53 लोग थे। होटल के अलग-अलग कमरों में सोए लोगों का सुबह 3 बजे के आसपास अचानक दम घुटने लगा। गर्मी बढ़ गई। दरवाजा खोला तो सब धुआं-धुआं था। कई लोग जान बचाने के लिए ऊपर से ही कूदने लगे।तब दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा था कि होटलों का कवरेज एरिया बढ़ा लिया जाता है और छत पर रेस्त्रां बना दिया जाता है। अर्पित होटल में भी यही देखने को मिला। करोल बाग के इस एरिया में इमारत चार मंजिल से ज्यादा नहीं बनाई जा सकती है, लेकिन यह होटल छह मंजिला बनाया गया था। पांच पक्की मंजिल और एक टेंपरेरी मंजिल बनाई गई थी। छत को पूरी तरह से फाइबर शीट से कवर किया गया था। फाइबर शीट होने के कारण होटल में तेजी से आग फैली। दीवार पर वुडेन वर्क था, फ्लोर पर कारपेट बिछे थे।
घटना के बाद फायर डिपार्टमेंट ने करोल बाग के 45 होटलों की जांच की और इनमें से 30 होटल फायर सेफ्टी नियमों में फेल हो गए। दिल्ली सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए इन 30 होटलों की फायर एनओसी कैंसल कर दी थी।

पिछले महीने ही नरेला की फैक्ट्री में आग
16 नवंबर, 2019 की रात बाहरी दिल्ली के नरेला इंडस्ट्रियल एरिया में एक फैक्ट्री में भयंकर आग लग गई। इस हादसे में एक शख्स की मौत हो गई जबकि लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया। फैक्ट्री में जूते-चप्पल बनाए जाते थे। इसलिए यहां बड़ी मात्रा में रबर और जूते-चप्पल बनाने के काम आने वाले केमिकल्स भी रखे हुए थे जिनकी वजह से आग तेजी से भड़क गई थी।

हादसे के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी: मंत्री

  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का ट्वीट- समस्त संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि तत्काल आवश्यक कदम उठाएं।
  • राहुल गांधी का ट्वीट- दिल्ली की अनाज मंडी में, भीषण आग से कई मौत और अनेक लोगों के घायल होने की खबर से आहत हूं। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
  • मंत्री इमरान हुसैन का ट्वीट- यह हादसा दुर्भाग्यपूर्ण है। इसकी जांच की जाएगी। इसके जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
  • आग की लपटों में घिरे और धुएं से परेशान मुशर्रफ नाम के युवक ने तड़के करीब 5 बजे जिंदगी के अंतिम क्षणों में अपने दोस्त को कॉल किया। करीब साढ़े तीन मिनट की बातचीत के ऑडियो में वह बार-बार दोस्त से अपने परिवार और बच्चों का ध्यान रखने की गुहार लगाता रहा। मुशर्रफ ने दोस्त को बताया कि यहां आग लग गई है और बचने का कोई रास्ता नहीं है।

    फैक्ट्री में फंसे मुशर्रफ ने दोस्त से कहा- भैया मैं तो खत्म हुआ

  • मुशर्रफ ने दोस्त (मोनू) को कॉल किया- हैलो मोनू, भैया आज खत्म होने वाला है। आग लग गई है। आ जइयो करोलबाग। टाइम कम है और भागने का कोई रास्ता नहीं है। खत्म हुआ भैया मैं तो, घर का ध्यान रखना। अब तो सांस भी नहीं ली जा रही।
    मोनू- आग कैसे लग गई।
    मुशर्रफ- पता नहीं कैसे। कई सारे लोग दहाड़ रहे हैं। अब कुछ नहीं हो सकता है। घर का ध्यान रखना।
    मोनू- फायर ब्रिगेड को फोन करो।
    मुशर्रफ- कुछ नहीं हो रहा अब।
    मोनू- पानी वाले को कॉल कर दो।
    मुशर्रफ- कुछ नहीं हो सकता है। मेरे घर का ध्यान रखना। किसी को एक दम से मत बताना। पहले बड़ों को बताना (कराहते हुए या अल्लाह)। मेरे परिवार को लेने पहुंच जाना। तुझे छोड़कर और किसी पर भरोसा नहीं है।
    मुशर्रफ- अब सांस भी नहीं ली जा रही है।
    मोनू- हैलो, हैलो (दूसरी ओर से उल्टी करने और कराहने की आवाज आई)। वो गाड़ी नहीं आई पानी वाली?
    मुशर्रफ- पूरी बिल्डिंग में आग लगी दिख रही है भैया। ऊपर वाला जैसे करे। आखिरी टाइम है ये।
    मोनू- तू मत जाना मेरे भाई, निकलने या कूदने का कोई रास्ता नहीं है क्या?
    मुशर्रफ- नहीं कोई रास्ता नहीं है। (किसी रिश्तेदार से संपर्क करने की बात कहता है)
    मोनू- भाई बचने की कोशिश कर, किसी तरह निकल वहां से (मृतक के कराहने की आवाज आती है)।
    मुशर्रफ- अब तो गए भैया। तीसरे, चौथे माले तक आग लगी है। किसी से जिक्र मत करना ज्यादा।
    मोनू- आग पहुंच गई है या धुआं आ रहा है। बाहर छज्जे की ओर आ जा।
    मुशर्रफ- भाई, जैसे चलाना है वैसे मेरा घर चलाना। बच्चों और सब घर वालों को संभालकर रखना। एक दम से घर मत बताना। भैया मोनू तैयारी कर ले अभी आने की।
    (यह ऑडियो आग हादसे में जान गंवाने वाले मुशर्रफ के दोस्त मोनू ने मुहैया कराया है)
  • मौत से एक बार फिर शासन-प्रशासन पर सवाल

भीषण आग में 43 लोगों की मौत से एक बार फिर शासन-प्रशासन पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस तरह की घटनाओं में हर बार रिहायशी इलाकों में अवैध फैक्ट्रियां चलने, होटल, रेस्त्रां, सिनेमाघर आदि में आग से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम के अभाव की बातें सामने आती हैं। हर बार फायर ऑडिट की बात कही जाती है, नेता एक-दूसरे पर कीचड़ उछालते हैं, सरकारों, नगर निगमों और अधिकारियों पर दोष मढ़ा जाता है, लेकिन आग ठंडी पड़ते ही मुद्दा भी ठंडा पड़ जाता है और ऐसा एक-दो साल से नहीं हो रहा है। रविवार को भी बीजेपी ने आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरने की कोशिश की, हालांकि जल्द ही मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सधी हुई प्रतिक्रियाएं दी जानें लगीं।दिल्ली में अब तक की सबसे खौफनाक आग की घटना उपहार सिनेमा की है जो साल 1997 में सामने आई थी। तब से अब तक एक-दूसरे पर दोष मढ़ने के अलावा इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका जिससे इस तरह की भयावह घटना सामने नहीं आए।

बवाना इंडस्ट्रियल में एरिया में नियमों का खुला उल्लंघन
बाहरी दिल्ली के बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में प्लास्टिक फैक्ट्री में बीती रात अचानक आग लग गई। रात लगभग 3 बजे लगी आग पर फायर ब्रिगेड सुबह 8 बजे के आसपास काबू पा सकी। शुक्र इस बात का है कि उस वक्त फैक्ट्री में कोई कर्मचारी काम पर नहीं था। इसलिए किसी के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। आग बेसमेंट और ऊपर की दोनों मंजिलों में लगी थी। फैक्ट्री 3 दूसरी फैक्ट्रियों की दीवारों से घिरी हुई थी। इसलिए आग को काबू करने के लिए हाइड्रो क्रेन बुलाई गई। दमकल की 22 गाड़ियों ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया है। तब बताया गया था कि बिल्डिंग में लाखों का सामान और मशीनरी जलकर राख हो गई। दो मंजिल की बिल्डिंग भी पूरी तरह से जर्जर हो गई। किसी भी वक्त बिल्डिंग का लिंटर गिर सकता है।

इसी साल 27 अगस्त को बवाना के ही सेक्टर-2 ए ब्लॉक स्थित नमकीन-चिप्स बनाने की फैक्ट्री में फैक्ट्री के ग्राउंड फ्लोर पर अचानक आग लग गई थी। तीन मंजिला इस फैक्ट्री में आग की सूचना मिलते ही वर्कर्स फैक्ट्री से बाहर निकल गए। सूचना पर पहुंची दमकल की चार गाड़ियों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। चार दमकल की गाड़ियों में पानी खत्म होने के करीब 20 मिनट बाद अन्य दमकल की गाड़ी आई। जबतक आग तीसरी मंजिल तक पहुंच चुकी थी। देखते ही देखते लाखों का सामान खाक हो गया था। दमकल की अन्य गाड़ी आने के बाद आग पर काबू पाया जा सका था।

इसी वर्ष 23 मार्च को भी बवाना इलाके में एक प्लास्टिक फैक्ट्री में भी आग लग गई थी। फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों ने आग पर काबू पाया, इसमें कोई हताहत नहीं हुआ।

Live Updates…

05. 41 PM केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे अग्निकांड के घायलों से मिलने के लिए LNJP अस्पताल पहुंचे.

05. 35 PM फैक्ट्री की बिल्डिंग में वेंटिलेशन पर्याप्त नहीं था और जो वेंटिलेशन थे भी उन्हें गत्ते या फिर सामानों से पूरी तरह ढक दिया गया था. इसके अलावा वेंटिलेशन के नाम पर सिर्फ आंगन की ग्रिल ही थी.

05. 30 PM अग्निकांड मामले में फैक्ट्री मालिक रेहान को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ जारी है.

05. 15 PM मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंच गई है. वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान के निर्देश पर लोजपा सांसद प्रिन्स राज व विधायक राजू तिवारी दिल्ली प्रदेश के पदाधिकारियों के साथ घायलों से मिलने अस्पताल और घटना स्थल के लिए रवाना हो गए हैं.

04. 47 PM दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक फैक्ट्री के हिस्सेदार यानी मालिक तीन भाई हैं. इनमें से दो फरार हैं, वहीं एक पुलिस की हिरासत में है. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है.

04. 32 PM आज पोस्टमार्टम नहीं किया जाएगा. पहले शवों की शिनाख्त की जाएगी. अभी तक 29 शवों की पहचान हो पाई है.

02. 27 PM चांदनी चौक से सांसद डॉक्टर हर्षवर्धन ने जताया दुखकहा- लोकल अधिकारियों के संपर्क में हूं. झांसी से दिल्ली लौट रहा हूं.

02. 17 PM दिल्ली फायर सर्विस के प्रमुख अतुल गर्ग ने कहा है कि रानी झांसी रोड की जिस बिल्डिंग में आग लगी, उसे फायर विभाग ने एनओसी जारी नहीं की थी.

01. 59 PM बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के परिजनों को 2- 2 लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया

01. 22 PM जांच के लिए फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची

12.51 PM प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2- 2, घायलों को 50- 50 हजार रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया

12.14 PM दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की.

11.40 AM घायलों का हाल जानने एलएनजेपी अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल.

11.32 AM मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच का ऐलान किया.

11.30 AM मुख्यमंत्री केजरीवाल ने मृतकों को 10- 10 लाख का मुआवजा, घायलों को 1- 1 लाख के साथ मुफ्त इलाज का किया ऐलान.

11.18 AM मौके पर पहुंचे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल.

11.08 AM मौके पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, अनुराग ठाकुर और दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी.

10.46 AM केजरीवाल सरकार में मंत्री इमरान हुसैन घटना की जांच कराने का ऐलान करते हुए कहा है कि जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

10.40 AM मौके पर पहुंचे बीजेपी के नेता विजय गोयल, कहा- इस घटना पर राजनीति ठीक नहीं.

10.26 AM दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी घटना स्थल के लिए रवाना हो गए हैं. शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी 11 बजे मौके पर पहुंचेंगे.

10.25 AM मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा- मौके पर जा रहा हूं.

10.15 AM मौत का आंकड़ा 43 पहुंचा. 34 की एलएनजेपी अस्पताल में मौत हुई, जबकि नौ ने लेडी हर्डिंग अस्पताल में आखिरी सांस ली.

घटना के बाद घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया. अकेले एलएनजेपी अस्पताल में ही कुल 49 लोगों को लाया गया था. इनमें से 34 की मौत हो गई, जबकि 15 लोगों का उपचार चल रहा है. इनकी हालत नाजुक बताई जा रही है. जानकारी के मुताबिक कई लोग 50 फीसदी से ज्यादा जल चुके हैं.

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