उत्तर प्रदेश: चार दिनों में हिंसा से 16 मौत,बिहार: पटना में बंद समर्थक – विरोधियों में झड़प

नई दिल्ली/पटना/लखनऊ. नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में शनिवार को भी उत्तर प्रदेश और बिहार में हिंसक प्रदर्शन हुए। रामपुर में प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों को आग लगाई। हिंसक विरोध में एक युवक की जान चली गई, 12 से ज्य़ादा पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। कानपुर में भीड़ ने बच्चों को ढाल बनाकर पुलिस पर पथराव किया और एक चौकी फूंक दी। प्रदेश में चार दिन में हिंसा के दौरान 16 लोगों की मौत हो चुकी है। रविवार को तृणमूल नेताओं का 4 सदस्यीय दल मृतकों के परिवार से मिलने लखनऊ जाएगा। उधर, बिहार में राजद ने बंद बुलाया। इस दौरान पटना के फुलवारी शरीफ में बंद समर्थक और विरोधियों के बीच झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों की फायरिंग और चाकूबाजी में 8 लोग घायल हो गए। राजद कार्यकर्ताओं ने गांधी सेतु पर जाम लगाया, पटना और हाजीपुर में आगजनी की।

कहां क्या हालात

उत्तर प्रदेश

  • नागरिकता कानून के विरोध में शुक्रवार को यूपी के 20 जिलों में उग्र विरोध प्रदर्शन हुए। इस दौरान 7 शहरों में 15 लोगों की मौत हो गई। पूरे प्रदेश में 31 जनवरी 2020 तक धारा 144 लागू कर दी गई है। प्रदेश के 27 जिलों में इंटरनेट बंद कर दिया गया है।
  • शनिवार को रामपुर के हाथीखाना चौराहे पर मुस्लिम संगठनों ने प्रदर्शन किया। यहां ईदगाह के पास जुटे प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो भीड़ उग्र हो गई। प्रदर्शनकारियों ने एक जीप, बाइक समेत कई वाहनों में आग लगाई। हिंसक प्रदर्शन में एक युवक की मौत हो गई, जबकि 12 से ज्यादा पुलिसकर्मी जख्मी हुए। मोबाइल इंटरनेट पर रोक है।
  • कानपुर में दोपहर को पुलिस अधिकारी यतीमखाना मस्जिद के पास हालात का जायजा लेने गए थे। इस दौरान कुछ लोगों ने उन्हें गुलाब के फूल दिए और शुक्रवार की घटना पर अफसोस जताया। कुछ देर बाद सैकड़ों लोगों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी बच्चों को ढाल बनाकर आगे बढ़ते गए और सद्भावना पुलिस चौकी में आग लगा दी। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसमें 12 से ज्यादा लोग घायल हो गए। कुछ लोगों को हिरासत में लिया तो विधायक इरफान सोलंकी के साथ सैकड़ों लोगों ने कोतवाली का घेराव किया।
  • ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस का 4 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल हिंसक प्रदर्शन के दौरान मारे गए लोगों के परिवार से मुलाकात करने लखनऊ जाएगा। आईजी (कानून व्यवस्था) प्रवीण कुमार के मुताबिक, 10 दिसंबर से अब तक राज्य में 705 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 4500 लोगों को एहतियातन हिरासत में लेकर छोड़ दिया गया।
  • शुक्रवार को हिंसक प्रदर्शन के मामले में बहराइच पुलिस ने 6 केस दर्ज किए। इनमें 100 नामजद आरोपी शामिल हैं। 38 लोग हिरासत में लिए गए। उधर, गाजियाबाद में 3500 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें से 300 की पहचान सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के आधार पर कर ली गई है।

बिहार

  • राजद के बिहार बंद को महागठबंधन की अन्य पार्टियों ने भी समर्थन दिया। राजधानी पटना समेत पूरे बिहार की सड़कों पर बंद का असर दिखा। राजद कार्यकर्ताओं ने पटना और हाजीपुर में आगजनी की। बसें नहीं चल रही हैं, जिसके चलते लोगों को परेशानी हो रही है। पटना में ऑटो और सिटी बसें भी बंद रहीं।
  • तेजस्वी यादव बंद के समर्थन में सड़क पर उतरे। राजद कार्यालय से हजारों समर्थकों के साथ निकले। उत्तर बिहार को पटना से जोड़ने वाले गांधी सेतु को भी बंद समर्थकों ने जाम कर दिया। भागलपुर में बंद समर्थकों ने कई ऑटो के शीशे तोड़ दिए और ऑटो ड्राइवर और रिक्शा चालकों के साथ मारपीट की।
  • पटना के फुलवारी शरीफ में बंद समर्थक और विरोधियों के बीच झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों की फायरिंग और चाकूबाजी में 8 लोग घायल हो गए। पुलिसकर्मियों ने बल प्रयोग कर खदेड़ा तो भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने उन्हें काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच करीब एक घंटे तक टकराव चलता रहा।
  • वैशाली के भगवानपुर में राजद कार्यकर्ताओं ने बिहार बंद को लेकर मवेशियों के साथ हाईवे एनएच 77 को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मवेशी के ऊपर पोस्टर टांगे, जिनमें लिखा- ‘मैं विदेशी नहीं हूं और एनआरसी बिल और सीएए का विरोध करता हूं।’
  • औरंगाबाद में बंद की आड़ में उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसके चलते करीब एक घंटे तक अफरा-तफरी मची रही। पत्थरबाजी में एक एएसआई घायल हो गए। पुलिस ने 6 उपद्रवियों को हिरासत में लिया है।

दिल्ली 

  • नागरिकता कानून के खिलाफ कांग्रेस रविवार को राजघाट पर दोपहर 2 बजे से धरना देगी। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी इसमें शामिल होंगी। शनिवार को जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के बाहर फिर प्रदर्शन हुए।
  • शुक्रवार को हुए प्रदर्शन में दिल्ली पुलिस ने 40 लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस ने कहा- जो लोग हिंसा और आगजनी में शामिल पाए गए हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दरियागंज में हुई हिंसा के मामले में शनिवार को पुलिस ने भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर समेत 15 लोगों को गिरफ्तार किया। कोर्ट ने चंद्रशेखर को 14 दिन के लिए जेल भेज दिया।
  • आम आदमी पार्टी के विधायक और दिल्ली वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अमानतुल्ला खान ने कहा- प्रदर्शन में मारे गए लोगों के परिवार को वक्फ बोर्ड 5 लाख रुपए का मुआवजा देगा।

महाराष्ट्र

  • मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने पुणे में कहा, ‘‘वित्तीय संकट से ध्यान भटकाने के लिए सीएए लाया गया और इसमें अमित शाह को सफलता मिली। देश में और नागरिकों की जरूरत क्यों हैं, जनसंख्या की वजह से पहले ही बहुत परेशानी हैं। फिर बाहर के लोग क्यों लाएं। फिर चाहे वे किसी भी धर्म का हों। पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आने वाले मुसलमानों को देश से बाहर निकालना चाहिए। भारत कोई धर्मशाला नहीं है। मानवता का ठेका सिर्फ भारत ने नहीं ले रखा।’’
  • फिल्म निर्माता मुकेश भट्ट ने कहा, ‘‘पूरा देश आग की लपटों में है। उसके बाद भी अगर कोई नहीं देख सकता है, तो यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है। अगर युवा सड़कों पर हैं, तो हमें इस पर विचार करना चाहिए कि क्या गलत हुआ।’’

कर्नाटक

  • कांग्रेस नेता यूटी खादर के बयान पर मंत्री सीटी रवि ने शनिवार को कहा कि उनके जैसी मानसिकता के लोगों ने ही गोधरा दंगे को अंजाम दिया, जिसमें कारसेवक मारे गए। उम्मीद है कि उन्हें उस वक्त का अंजाम याद होगा। अगर नहीं है तो वे उसे याद करें। बहुमत धैर्यवान होता है। वे पीछे पलटकर देखें कि बहुमत के धैर्य ने क्या किया।
  • 17 दिसंबर को खादर ने कहा था, ‘‘देश जल रहा है, लेकिन कर्नाटक शांति का द्वीप है। मैं कर्नाटक की सरकार को चेतावनी देता हूं कि नागरिकता कानून को लागू किया गया तो कसम खाकर कहता हूं कि प्रदेश राख में बदल जाएगा।’’

सिक्किम

  • एसएसीएए के गठन का मकसद भविष्य में नागरिकता कानून के खिलाफ उठाए जाने वाले कदमों को तय करना है। फोरम में 6 दल सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट, हमरो सिक्किम पार्टी, सिक्किम प्रदेश कांग्रेस कमेटी, सिक्किम रिपब्लिकन पार्टी, सिक्किम संग्राम परिषद पार्टी और सिक्किम सब्जेक्ट कमेटी शामिल हैं।
  • फोरम की मांग है कि जल्द से जल्द सिक्किमवासियों के अधिकारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य में इनर लाइन परमिट जारी किया जाए। फोरम को उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में राज्य के नागरिक भी नागरिकता कानून का विरोध करने के लिए उनके साथ आएंगे।

राजस्थान
प्रदर्शनों के मद्देनजर जयपुर में रविवार सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक मोबाइल इंटरनेट रोक रहेगी। सुरक्षा कारणों से मेट्रो सेवा भी सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक बंद रहेगी।

तमिलनाडु

चेन्नई में महिलाओं और छात्रों के संगठनों ने शहर के सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर धरना दिया। सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने इसे वापस लेने की मांग की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई।

केरल

कोझिकोड़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछार की।

पुलिस में समन्वय की कमी और सूचना तंत्र फेल होने से हिंसा
उत्तर प्रदेश में नागरिकता कानून के विरोध में हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। वरिष्ठ पत्रकार समीरात्मज मिश्रा कहते हैं कि लखनऊ से लेकर हर उस जिले में पुलिस फेल रही, जहां हिंसा हुई। मिश्र कहते हैं कि लोकल इंटिलिजेन्स पूरी तरह फैल रहा। जब कानपुर शहर के पत्रकारों को मालूम था कि जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन होगा, तो पुलिस को यह कैसे नहीं पता चला? जहां उपद्रव हुए, वहां पुलिस बल की कमी रही। जब हिंसा हो गई तब अतिरिक्त सुरक्षाबल पहुंचा। यही वजह रही कि उपद्रवी तांडव करते रहे। पुलिस में समन्वय की कमी रही। डीएम और एसपी अतिरिक्त पुलिस बल के साथ शाम 5 बजे बाबूपुरवा पहुंचे, जबकि यहां सबसे ज्यादा बवाल हुआ। पुलिस को यह पता ही नहीं चला कि जुमे की नमाज के बाद जुलूस भी निकलेगा। कई जगह जुलूस निकलने दिया गया, तो वहां भी बवाल हुआ और जहां नहीं निकालने दिया, वहां भी बवाल हुआ।

पहले से हिंसा की तैयारी थी?
स्थानीय पत्रकारों का मानना है कि शुक्रवार को जिस तरह का उपद्रव हुआ, वह 1992 के दंगों में दिखाई दिया था। हिंसा के दौरान उपद्रवियों ने पत्थर, पेट्रोल बम और एसिड बम का प्रयोग किया। यह सब प्री-प्लान्ड एक्शन का पार्ट लग रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि कुछ बाहरी तत्व भी कानपुर में घुसे हुए हैं। इसका अंदाजा तब हुआ जब उपद्रवी चेहरे ढंककर पथराव करते दिखे। लोगों को भड़काया गया। पुलिस की सख्ती के बाद भी जुलूस निकालने के लिए एकजुट हुए। जिन्होंने पीस कमेटी में भीड़ को उग्र न होने का आश्वासन दिया था, वह भी उन्हें रोकने में विफल रहे।

जुमे की नमाज के बाद हिंसा हुई थी
शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद कानपुर के कई इलाकों में नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन हुए और हिंसा भी हुई। सबसे ज्यादा उग्र प्रदर्शन बाबूपुरवा में हुए। यहां फायरिंग में सैफ और मुंशीपुरवा के रहने वाले आफताब आलम की प्रदर्शन के दौरान गोली लगने से मौत हो गई थी। इस दौरान 13 लोग घायल हुए थे, जिनका इलाज चल रहा है।

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