इंदौर डीआईजी रुचिवर्धन मिश्र बोलीं-आखिरी पीड़ित को न्याय तक माफिया विरोधी मुहिम जारी रखूंगी।

इंदौर. दशकों से इंदौर की नियति बने बैठे माफिया आज या तो जेल की सलाखों के पीछे हैं या बचने के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं। यानी शहर के लाखों लोगों को सीधी राहत। अभियान सरकार का है, लेकिन इंदौर में इस अभियान का चेहरा बनीं एक महिला- डीआईजी रुचिवर्धन मिश्र। महिला दिवस पर  उनका एक इंटरव्यू लिया इंदौर की एयर कनेक्टिविटी को आसमानी ऊंचाइयां दिलाने वालीं एयरपोर्ट डायरेक्टर अर्यमा सान्याल ने।

सान्याल : भूमाफिया पर कार्रवाई का बड़ा दौर पूरा हो गया। यह कितना सफल रहा?
रुचिवर्धन : इंदौर में जालसाजी, पैसों के गबन की बड़ी समस्या है। जीतू जैसा भी कोई आदमी है जो लोगों को माय होम बुलाकर उनके वीडियाे बनाता फिर ब्लैकमेल करता था। तभी तय किया कि माफिया मुक्त शहर किया जाएगा। जब तक आखिरी पीड़ित को न्याय नहीं मिल जाता तब तक मुहिम जारी रखूंगी।
सान्याल : एक बार घटनास्थल पर आपकी गोद में बेटी को देखा, कभी असुरक्षा नहीं लगती?
रुचिवर्धन : मां हूं, समझती हूं कि बच्ची को स्वस्थ और संस्कारित समाज देना है। इसलिए माफिया के खिलाफ और ज्यादा सख्त हो जाती हूं। कभी असुरक्षा या हिचक महसूस नहीं हुई।
सान्याल : रसूखदारों पर कार्रवाई की। कोई दबाव ऐसा महसूस हुआ, जिससे लगा कि अब आगे का रास्ता थोड़ा कठिन है?
रुचिवर्धन : जीतू के खिलाफ मुहिम शुुरू की तो नेताओं के फोन आए। कार्रवाई रुकवाने के लिए। जीतू को राहत दिलवाने के लिए भी। शुरुआत में हर दिन ऐसे प्रयास होते रहे।
सान्याल : इस तरह की बड़ी कार्रवाइयों के दौरान सूचनाएं लीक करने जैसी बातें आपके सामने रहीं क्या? अधीनस्थों को विश्वास में कैसे लिया?
रुचिवर्धन : जब माय होम पर कार्रवाई की तो बताया गया कि यहां बिजली, पानी और फूड लाइसेंस सब कुछ ठीक है? फिर 67 लड़कियां एक दड़बे में मिली तो हमारी कार्रवाई को ताकत मिली।
सान्याल : आपके पति कलेक्टर हैं। माफिया के खिलाफ चले इस अभियान के दौरान उनकी कही कोई एक बात या सलाह, जो प्रेरणादायक रही हो?
रुचिवर्धन : शशांक बहुत ही सपोर्टिव हैं। कोई बात जो किसी से शेयर नहीं कर पाते तो एक-दूसरे को मैसेज कर देते हैं। वो कहते हैं कि तुम्हारी अपनी समस्या है और मेरी अपनी। वो अपनी समस्याएं मुझे नहीं बताते, मैं अपनी दिक्कत उन्हें नहीं बताती।
सान्याल : ऐसी कार्रवाइयां होती हैं तो लोग यही सोचते हैं कि चार-पांच दिन चलेगी, फिर अपने आप ठहर जाएगी, उन्हें इसका कोई फायदा नहीं होने वाला?
रुचिवर्धन : मुझे भी पता नहीं था कि माफिया के खिलाफ अभियान शुरू किया है तो कितने दिन चलेगा, लेकिन मैं कहना चाहती हूं जो प्लाॅट की धोखाधड़ी, लोगों के पैसे ऐंठ रहे हैं, उन्हें चिंतित रहना चाहिए, परेशान होना चाहिए, शिकायत आई तो पुलिस उन्हें छोड़ेगी नहीं। जब तक शिकायत आती रहेगी अभियान भी चलता रहेगा। सीएम तो लगातार कह रहे हैैं कि माफिया के खिलाफ मुहिम लगातार जारी रखो।

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