आसाराम को पकड़ने की सजा भुगत रहे ये पुलिस ऑफिसर, एके-47 से उड़ाने की धमकी

जोधपुर : दुष्कर्म के आऱोप में सजा काट रहे आसाराम के केस की जांच कर रही डीएसपी चंचल मिश्रा को जान से मारने और एके-47 से उड़ाने की धमकी मिल रही है। चंचल मिश्रा राजस्थान के भीलवाड़ा में तैनात हैं। इसी तेज तर्रार अफसर पर ही आसाराम के रेप केस की जांच थी और चंचल मिश्रा ने ही आसाराम को गिरफ्तार किया था। बस चंचल मिश्रा की यही खता आसाराम के करीबियों को नागवार गुजरी। इस पुलिस अफसर को सबक सिखाने के लिए उसकी हत्या की खौफनाक साजिश रची गई।हांलाकि यह कोई नई बात नहीं है। ऐसी धमकियां उऩ्हें पहले भी मिलती रही है। चंचल ऐसी अकेली ऑफिसर नहीं है।

इंदौर से आसाराम को पकड़कर जोधपुर ले जाने वाली पांच अधिकारियों की टीम को भी धमकियां दी गई । इसी टीम ने हजारों समर्थकों के बीच आसाराम को बिना किसी हंगामें के पकड़ कर लाई थी। इसके बाद से ही इन अधिकारियों व इनके परिवार को जान से मारने की धमकियां मिल रही है।जोधपुर की टीम जब इंदौर आश्रम पहुंची तो वहां आईजी ने कहा था कि आप पूछताछ के लिए आए हैं न? तत्कालीन एसीपी चंचल मिश्रा ने जवाब दिया- नहीं गिरफ्तार करने। वे पहले तो चौके लेकिन टीम का भरोसा देख कहा कि ठीक है आप लोग ही लीड करो। कई बार तो इन पर कोर्ट परिसर में ही हमले तक हुए।

औऱ तो और आसाराम को इंदौर से जोधपुर ले जाने का 65 हजार का खर्च भी इन्हें अपनी जेब से भरना पड़ा। सभी ने 13-13 हजार रुपए मिलाए। तत्कालीन पुलिस कमिश्नर ने इन्हें रिवॉर्ड दिलवाने के लिए मंत्रालय में रेकमेंडेशन जरुर भेजा था, पर आज तक रिप्लाई नहीं आया।

अहमदाबाद में आसाराम के शूटर कार्तिक ने खुलासा किया कि मिश्रा को एके-47 से उड़ाने की उसे सुपारी मिली थी। फिलहाल कार्तिक हलदर गुजरात पुलिस की गिरफ्त में है। उसी ने ही ये बड़ा खुलासा किया था । हलदर ने बताया कि केस की जांच के दौरान चंचल आसाराम बापू से सख्‍ती से बात करती थी, इसलिए उन्‍हें बम से उड़ाने का प्‍लान बनाया गया था। पुलिस को अपने बयान में हलदर ने बताया है कि जब मैंने आसाराम के विरोधियों को मारना शुरू किया तो भारत में फैले आसाराम के सेवकों से पैसे जुटाए गए।

झारखंड के रहने वाले दामोदर सिंह को एके-47 खरीदने के लिए 15 लाख रुपये दिए गए थे, लेकिन दो साल बाद भी उसने एके-47 नहीं दी। हालांकि दामोदर ने अखिल गुप्‍ता को मारने के लिए इस्‍तेमाल हुए दोनाली बंदूक और 40 कारतूस मुहैया कराए थे। अखिल को पिछले साल मुजफ्फरनगर में मार दिया गया था। चंचल मिश्रा की हत्या के लिए 25 लाख रुपये सिर्फ हथियार पर खर्च किए गए। फिलहाल गुजरात पुलिस ने राजस्थान पुलिस को इसकी पूरी जानकारी दे दी  है। जानकारी मिलने के फौरन बाद डीएसपी चंचल मिश्रा की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। चंचल मिश्रा के मुताबिक उन्होंने वहीं किया जो बलात्‍कार के आरोपी के साथ किया जाना चाहिए। मुझे इस तरह की धमकियों की परवाह नहीं है।

वाकई इस खुलासे से साफ है कि आसाराम के लिए उसके सहयोगी किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार थे। साथ ही पुलिस को शक है कि जेल में बैठकर आसाराम इस पूरे खेल के पीछे था । आपको बता दें कि हलदर को गुजरात पुलिस ने रायपुर से गिरफ्तार किया था।

आरोप है कि हलदर ने ही अमृत प्रजापति को जून 2014 में उसके राजकोट स्थित आयुर्वेद क्लिनिक को गोली मारी थी। प्रजापति आसाराम का पुराना साथी और केस का महत्‍वपूर्ण गवाह था। हलदर ने 2001-05 तक आसाराम के निजी सहयोगी रहे महेंद्र चावला की भी हत्‍या की। महेश को पानीपत स्थित उसके घर में मई 2015 में गोली मारी गई थी।इसके बाद मिश्रा की सुरक्षा बढा दी गई है, उनके साथ हमेशा 4 गनमैन रहते हैं। एएसआई सत्यप्रकाश ने बताया कि आसाराम ने कई बार सीओ बनवा देने का लालच दिया।

एएसआई मुक्ता पारिक को छिंदवाड़ा आश्रम का इंचार्ज बनाने का भी ऑफर दिया गया। पारीक का कहना है कि आसाराम समर्थक कोर्ट में फर्जी वकील बनकर आ गए और उन्होंने जांचकर्ता टीम को घूस देने का प्रयास किया। फैक्स व फोन पर भी ऐसे प्रयास हुए। इनके साहस का आलम ये है कि इन लोगों ने सुनवाई कर रहे जजों तक को नहीं छोड़ा।

27 अक्टूर 2014 को जज पर मिट्‌टी भरी बोतल फेंकने की कोशिश हुई। तत्कालीन पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसेफ ने बताया कि इंदौर से आसाराम को गिरफ्तार करना आसान नहीं था। बाद में भी अफसरों को धमकियां मिलती रहीं, लेकिन यह हमारे काम का हिस्सा है। मैंने टीम के लिए प्रोत्साहन प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजा था, उसका क्या हुआ, यह पता नहीं।

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